राजस्थान: मतदान आज, अहम सीटों पर सबकी नज़र

  • 1 दिसंबर 2013
अशोक गहलोत
Image caption अशोक गहलोत के हाल की घोषणाओं का फायदा कांग्रेस को होगा.

भारत में भौगोलिक लिहाज से सबसे बड़े राज्य राजस्थान में यूँ तो कोई दो हजार से ज्यादा प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं मगर इनमें कुछ सीटें और चेहरे ऐसे हैं जिनपर सबकी निगाहें लगी हुई हैं.

इनमें कांग्रेस नेता और मुख्य मंत्री अशोक गहलोत तथा भारतीय जनता पार्टी की पूर्व सरकार में मुख्य मंत्री वसुंधरा राजे भी शामिल हैं.

विधान सभा की इस चुनावी जंग में जहां पूर्व राजघरानों के कई सदस्य क़िस्मत आज़मा रहे हैं तो प्रेक्षकों की नज़रें निर्दलीय सांसद किरोड़ी लाल मीना और उनकी पत्नी गोलमा देवी के चुनाव क्षेत्रो पर भी लगी हुई है.

मीना ने लोकसभी के पूर्व अध्यक्ष पीए संगमा की पार्टी का झंडा लेकर कोई 100 से ज्यादा उम्मीदवार खड़े किए हैं.

राजस्थान में रविवार को नयी सरकार चुनने के लिए वोट डाले जाएंगे.

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत

मुख्य मंत्री गहलोत अपने गृह नगर जोधपुर की सरदारपुरा सीट से तीन बार विधायक चुने जाने के बाद चौथी बार मैदान में हैं.

बीजेपी न उनके सामने शम्भु सिंह खेतासर को प्रत्याशी बना कर गहलोत को उनके घर में ही घेरने का प्रयास किया है.

Image caption राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री इस बार की पार्टी की तरफ़ से पद की दावेदार हैं.

बीजेपी ने अपने प्रधान मंत्री पद के दावेदार नरेंद्र मोदी की जोधपुर में सभा करवा कर मुकाबले को कड़ा बनाने की कोशिश की है.

गहलोत जोधपुर से पांच बार सांसद रहे हैं. वे अपनी पार्टी के लिए राज्य के बाक़ी हिस्सों में वोट मांगते घूम रहे है जबकि जोधपुर में उनकी पत्नी सुनीता गहलोत, पुत्र वैभव और बहु हिमांशी मतदाताओं से सम्पर्क में लगे हुए हैं.

वसुंधा राजे

बीजेपी नेता और पूर्व मुख्य मंत्री वसुंधरा राजे झालावाड़ जिले में झालरापाटन से फिर चुनाव लड़ रही हैं.

राजे झालावाड़ से पांच बार सांसद रही है लेकिन अभी वो राजस्थान विधान सभा की सदस्य हैं.

कांग्रेस ने पूर्व विधायक मीनाक्षी चंद्रावत को मैदान में उतार कर राजे को चुनौती देने का प्रयास किया है.

चूँकि राजे अपनी पार्टी की प्रमुख प्रचारक है वे अन्य क्षेत्रो में प्रचार के काम में व्यस्त हैं.

उनकी गैर मौजूदगी में पुत्र दुष्यंत सिंह और बहु निहारिका ने कमान सम्भाल रखी है.

दुष्यंत सिंह झालावाड़ से सांसद भी हैं.

राजघरानों का संघर्ष

Image caption जयपुर की राजकुमारी दिया कुमारी बीजेपी के टिकट पर मैदान में हैं.

इस चुनावी रण क्षेत्र में पूर्व राज परिवारों के सदस्य भी अपने प्रतिद्वंदियों से लोहा ले रहे है. मगर सबसे दिलचस्प मुकाबला सवाई माधोपुर में देखने को मिल रहा है जहाँ जयपुर के पूर्व शाही घराने की दिया कुमारी बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ रही हैं.

वहा लड़ाई का त्रिकोण बन गया है क्योंकि सामने राष्ट्रीय जनता पार्टी [राजपा] के किरोड़ी लाल मीना और कांग्रेस के दानिश अबरार मैदान में हैं.

यूँ तो दिया कुमारी जयपुर के सिटी पैलेस में रहती हैं मगर स्वाई माधोपुर रियासत काल में जयपुर का हिस्सा रहा है. लिहाजा उन्हें ये सीट ज्यादा मुफ़ीद लगी.

बीना काक

पूर्वी राजस्थान में डीग कुम्हेर सीट पर भी मुकाबला रोचक है.

वहाँ भरतपुर के पूर्व राजघराने के विश्वेन्द्र सिंह कांग्रेस टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं.

वे इस बार बीजेपी के पूर्व मंत्री दिगंबर सिंह से अपना हिसाब बराबर करना चाहते है. पिछले चुनाव् में दिगंबर सिंह ने उन्हें सीधी लड़ाई में शिकस्त दे दी थी.

ऐसे ही बीकानेर शहर से बीजेपी की सिद्धि कुमारी चुनाव मैदान में हैं.

वो पूर्व राजा करनी सिंह की पोती हैं.

बॉलीवुड में फ़िल्म 'मैंने प्यार क्यों किया ' जैसी फिल्मो के जरिये अपनी हाजरी लगा चुकी राजस्थान की पर्यटन मंत्री बीना काक को पाली जिले में सुमेरपर सीट बचाने के लिए कड़ा संघर्ष करना पड़ रहा है.

किरोड़ी लाल मीना

राजपा के किरोड़ी लाल मीना और उनकी पत्नी गोलमा देवी दोनों दो-दो सीटों से चुनाव लड़ रहे है.

गोलमा पढ़ी लिखी नहीं है मगर राजस्थान में मंत्री रही और अभी अपनी पार्टी का नेतृत्व कर रही हैं.

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