दिल्ली: भारी सुरक्षा के बीच मतदान

  • 4 दिसंबर 2013
दिल्ली, चुनाव, वोट, अपील

दिल्ली में विधानसभा चुनाव में किसी भी तरह की अवांछित घटना को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है.

चुनाव आयोग ने यह व्यवस्था धन, शराब या ज़ोर-जबरदस्ती से मतदाताओं को प्रभावित करने से रोकने के लिए की है.

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार पिछले विधानसभा चुनावों के मुकाबले इस बार संवेदनशील मतदान केंद्रों की संख्या दोगुना हो गई है इसलिए सुरक्षा बलों की संख्या भी बढ़ गई है.

साल 2008 में 264 मतदान केंद्र संवेदनशील माने गए थे जबकि इस बार करीब 634 मतदान केंद्रों को संवेदनशील घोषित किया गया है.

जिन मतदान केंद्रों को संवेदनशील और अति-संवेदनशील माना गया है उन पर दोहरी सुरक्षा व्यवस्था होगी. इन केंद्रों पर पहले स्तर पर पुलिस बल और दूसरे स्तर पर केंद्रीय सुरक्षा बल मौजूद रहेंगे.

पिछले विधानसभा चुनाव में करीब 35,000 पुलिसकर्मी तैनात थे और इस बार करीब 64,000 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं. इसके अलावा केंद्रीय सुरक्षाबलों की 107 कंपनियाँ चुनाव में तैनात की गई हैं.

दिल्ली की सीमाओं पर शराब और हथियारों की आमद रोकने के लिए चौकसी बरती जा रही है.

फर्ज़ी मतदान

पीटीआई के अनुसार ग़ाज़ियाबाद, नोएडा, फ़रीदाबाद और गुड़गाँव से दिल्ली आने वाले लोगों पर भी नज़र रखी जा रही है.

चुनावों के मद्देनज़र दिल्ली पुलिस हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़, उत्तर प्रदेश, राजस्थान की पुलिस के साथ मिलकर काम कर रही है.

चुनाव आयोग ने स्वच्छ और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए व्यापक कदम उठाए हैं. इसके तहत आयोग ने पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की है और मतदान केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगवाए हैं.

चुनाव के दौरान किसी भी अनियमितता से निपटने के लिए संवेदनशील क्षेत्रों में फ़्लाइंग स्क्वाड, स्टैटिक सर्विलांस टीम और वीडियो निगरानी दल सक्रिय हैं.

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