दिल्ली विधानसभा के लिए रिकॉर्ड 67 प्रतिशत मतदान

दिल्ली वोटिंग

दिल्ली के मुख्य चुनाव अधिकारी विजय देव का कहना है कि मतदाताओं की लंबी क़तारों की वजह से कई इलाक़ों में मतदान का समय बढ़ाना पड़ा.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, लगभग 67 प्रतिशत मतदान हुआ है.

दिल्ली वालों ने इस बार जमकर मतदान किया और पॉश इलाकों में भी पोलिंग बूथों पर भीड़ दिखी.

बीबीसी संवाददाता नितिन श्रीवास्तव के अनुसार इस बार चुनावों में मतदाताओं के लिए महंगाई और भ्रष्टाचार के अलावा महिलाओं की सुरक्षा एक बड़ा मुद्दा रहा.

मतदान के दिन बीजेपी, कांग्रेस ने अपनी-अपनी जीत का दावा किया है. इन दावों की सच्चाई 8 दिसंबर को सामने आएगी, जब वोटों की गिनती होगी.

8 दिसंबर को ही मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान विधानसभा चुनावों के वोटों की गिनती होगी जबकि मिजोरम में पड़े वोटों की गणना 9 दिसंबर को होगी.

'कार्यकर्ताओं को श्रेय'

दिल्ली में चुनाव प्रचार के दौरान ही बीजेपी अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने कहा कि अगर विधानसभा चुनाव जीते, तो इसका श्रेय किसी एक नेता को नहीं बल्कि पार्टी के हज़ारों कार्यकर्ताओं को जाएगा.

मुख्यमंत्री शीला दीक्षित कांग्रेस की जीत को लेकर आश्वस्त नज़र आईं. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने पूरे आत्मविश्वास से चुनाव लड़ा है, उनकी पार्टी ने दिल्ली के विकास के लिए लगातार काम किया है.

दिल्ली विधानसभा में कुल 70 सीटें हैं. यहाँ कुल 1.19 करोड़ मतदाता हैं जिनमें से 66.11 लाख पुरुष और 53.20 लाख महिलाएं हैं.

पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं की संख्या 4.05 लाख है.

दिल्ली में विधानसभा चुनाव में किसी भी तरह की अवांछित घटना को रोकने के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी.

चुनाव आयोग ने धन, शराब या ज़ोर-जबरदस्ती से मतदाताओं को प्रभावित करने से रोकने के लिए सुरक्षा बढ़ाई थी.

पिछले विधानसभा चुनावों के मुकाबले इस बार संवेदनशील मतदान केंद्रों की संख्या दोगुना थी इसलिए सुरक्षा बलों की संख्या भी बढ़ गई थी.

कड़ी सुरक्षा

साल 2008 में 264 मतदान केंद्र संवेदनशील माने गए थे जबकि इस बार करीब 634 मतदान केंद्रों को संवेदनशील घोषित किया गया था.

जिन मतदान केंद्रों को संवेदनशील और अति-संवेदनशील माना गया था उन पर दोहरी सुरक्षा व्यवस्था रही.

इन केंद्रों पर पहले स्तर पर पुलिस बल और दूसरे स्तर पर केंद्रीय सुरक्षा बल मौजूद थे.

पिछले विधानसभा चुनाव में करीब 35,000 पुलिसकर्मी तैनात थे और इस बार करीब 64,000 पुलिसकर्मी तैनात किए गए.

इसके अलावा केंद्रीय सुरक्षाबलों की 107 कंपनियाँ चुनाव में तैनात की गईं.

दिल्ली की सीमाओं पर शराब और हथियारों की आमद रोकने के लिए चौकसी बरती गई.

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