'नक्सली हमले' में पत्रकार की मौत

Image caption माओवादी हमले में मारे गए पत्रकार साई रेड्डी

छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर ज़िले में संदिग्ध हथियारबंद लोगों ने स्थानीय पत्रकार साई रेड्डी की हत्या कर दी है. साई रेड्डी के परिजनों का आरोप है कि उनकी हत्या करने वाले माओवादी हैं.

पुलिस के अनुसार शुक्रवार की दोपहर साई रेड्डी पर बासागुड़ा गांव के पास संदिग्ध माओवादियों ने हमला किया. हमलावरों ने साई रेड्डी की गर्दन पर धारदार हथियारों से वार किया था.

जिले के एसपी प्रशांत अग्रवाल ने साई रेड्डी की हत्या में माओवादियों का हाथ होने की आशंका जताई है. उन्होंने कहा, "जिस तरीके से हमला किया गया है, उससे आरंभिक तौर पर माओवादियों के शामिल होने की बात सामने आई है. लेकिन जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी."

साई रेड्डी रायपुर से प्रकाशित देशबंधु अखबार से जुड़े हुए थे. इससे पहले माओवादी कम से कम दो बार उनके घर पर हमला करके उनके घर को आग लगा चुके थे.

दूसरी ओर, छत्तीसगढ़ सरकार ने नक्सलियों से सांठ-गांठ का आरोप लगाकर उनके खिलाफ छत्तीसगढ़ विशेष जनसुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की थी. वे इस दौरान दो सालों तक न्यायिक हिरासत में भी रहे.

फरवरी में भी की थी हत्या

इससे पहले इस वर्ष फरवरी में भी माओवादियों ने सुकमा में एक पत्रकार नेमिचंद जैन की हत्या कर दी थी.

घटना स्थल पर नक्सलियों का एक पर्चा बरामद हुआ था और आरोप लगाया गया था कि नेमिचंद को पुलिस के लिये जासूसी करने के आरोप में मारा गया है.

बाद में माओवादियों ने इस हत्या में अपने संगठन के शामिल होने से इंकार किया था. जब पत्रकारों ने नक्सलियों की खबरों का बहिष्कार करना शुरु किया और इस हत्या के खिलाफ आंदोलन चलाया तो नक्सलियों ने नेमिचंद जैन की हत्या पर खेद जताया था.

हाल ही में नक्सली नेता रमन्ना उर्फ रावुला श्रीनिवास ने एक बयान जारी कर कहा था, "हमारी एक निचली कमेटी के गलत आंकलन और संकीर्णतावादी निर्णय के चलते यह दु:खद घटना घटी थी. हमें इस पर बेहद अफसोस है."

रमन्ना ने मीडिया को आश्वस्त किया था कि आने वाले दिनों में ऐसी दु:खद घटनाओं की पुनरावृत्ति न होने पाए, इसे लेकर हम पूरी एहतियात बरतेंगे.

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