केजरीवाल के प्रति कैसे बदल गई राय

  • 9 दिसंबर 2013
अरविंद केजरीवाल

दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजे आने से पहले तक किसी को शायद अहसास भी नहीं रहा होगा कि अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में आम आदमी पार्टी इतना उम्दा प्रदर्शन करेगी और पंद्रह साल तक दिल्ली की मुख्यमंत्री रहीं शीला दीक्षित को बाहर का रास्ता दिखा देगी.

सूचना के अधिकार क़ानून और फिर लोकपाल बिल की मांग से चर्चा में आए अरविंद केजरीवाल के बारे में सड़क से लेकर संसद तक हर किसी ने टीका-टिप्पणी की थी.

कुछ ने तो उन्हें चुनाव लड़ने की चुनौती भी दे डाली थी.

कुछ बयान ख़ासे विवादास्पद भी रहे. आइए डालते हैं एक नज़र केजरीवाल के बारे में दिए गए कुछ बयानों पर:

शीला दीक्षित

15 साल तक दिल्ली की मुख्यमंत्री रहीं शीला दीक्षित ने भी अरविंद केजरीवाल की समझ पर सवाल उठाते हुए उन्हें बाहरी आदमी बताया था.

शीला दीक्षित ने बीबीसी से ख़ास बातचीत में कहा था, "अरविंद केजरीवाल टपक पड़े हैं और उनका राजनीतिक इतिहास किसी को नहीं मालूम. उनका राजनीतिक कार्यक्रम दिल्ली के लिए क्या है, इस बारे में मुझे लगता है कि उन्हें दिल्ली की समझ भी नहीं है, वो तो गाज़ियाबाद के निवासी हैं."

लालू प्रसाद

पिछले साल नवंबर में राष्ट्रीय जनता दल के नेता अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने बिहार के किशनगंज में एक कार्यक्रम के दौरान अरविंद केजरीवाल को 'अमरीका का एजेंट' कहा था.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, तब उन्होंने ये भी कहा था कि केजरीवाल 'मानसिक रूप से बीमार' हैं और उन्हें बाबा रामदेव के योग शिविर में 'इलाज' कराने की जरूरत है.

साल 2011 में संसद में लोकपाल विधेयक पर बहस के दौरान लालू प्रसाद ने केजरीवाल पर सवाल उठाते हुए यहाँ तक कह दिया था- क्या वे हमारे टीचर हैं.

दिग्विजय सिंह

मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह भी गाहे-बगाहे अरविंद केजरीवाल को निशाना बनाते रहे हैं.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, दिग्विजय सिंह ने कहा था, ''अरविंद केजरीवाल एक ऐसे व्यक्ति हैं जिनकी अपनी निजी महत्वाकांक्षाएं हैं और उनमें हिटलर की झलक नज़र आती है.''

दिग्विजय सिंह ने ये दावा भी किया था कि केजरीवाल उनसे राष्ट्रीय सलाहकार परिषद की सदस्यता के लिए अपने नाम की सिफ़ारिश कराना चाहते थे.

सलमान ख़ुर्शीद

बीते साल उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनावों के दौरान केंद्रीय मंत्री सलमान ख़ुर्शीद ने अरविंद केजरीवाल को अपने विधानसभा क्षेत्र फ़र्रुख़ाबाद आकर प्रदर्शन का नेतृत्व करने की चुनौती दी थी.

तब सलमान ख़ुर्शीद ने कहा था, ''उन्हें आने दीजिए फ़र्रुख़ाबाद, लेकिन फिर वो वापस कैसे जाएंगे.''

हालांकि ख़ुर्शीद ने बाद में कहा था कि उनके बयान को ग़लत तरीके से पेश किया गया है.

बदल गई हवा

हालाँकि दिल्ली विधानसभा में बेहतर प्रदर्शन के बाद सभी पार्टियाँ अरविंद केजरीवाल और उनकी पार्टी का लोहा मान रही है. दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल से सबक सीखेगी.

उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी को जनता से जुड़ाव की वजह से सफलता मिली और इस मामले में कांग्रेस को उनसे सीखने की ज़रूरत है.

(बीबीसी हिंदी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार