अरविंद केजरीवाल नहीं गए अन्ना से मिलने

आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल 'बुखार की वजह से' अन्ना हजारे के अनशन में शामिल होने के लिए रालेगण सिद्धि नहीं जा रहे हैं.

बुधवार को अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कहा था कि वो और कुमार विश्वास गुरुवार को अन्ना के अनशन में शामिल होने और जन लोकपाल को समर्थन देने के लिए रालेगण सिद्धि जाएंगे.

आम आदमी पार्टी के प्रमुख नेता मनीष सिसोदिया ने बीबीसी संवाददाता अनुराग शर्मा से कहा, "मेरा रालेगण सिद्धि जाने का कार्यक्रम नहीं था. अरविंद को जाना था लेकिन उन्हें तेज़ बुखार है इसलिए वो नहीं जा रहे हैं."

राहें अलग, मंज़िल एक

मनीष सिसोदिया ने बताया कि गोपाल राय, कुमार विश्वास और संजय सिंह अन्ना के अनशन में शामिल होने के लिए रालेगण सिद्धि के लिए रवाना हो चुके हैं.

इससे पहले अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि वो अन्ना के साथ मंच साझा नहीं करेंगे, बल्कि आम जनता के बीच बैठेंगे.

अन्ना हजारे यह साफ कर चुके हैं कि वह किसी भी राजनीतिक नेता के साथ मंच साझा नहीं करेंगे, हालांकि अरविंद केजरीवाल के साथ उनके पुराने संबंधों को देखते हुए कयास लगाए जा रहे थे कि उन्हें अन्ना के मंच पर जगह मिल सकती है.

किरण बेदी से समर्थन

अरविंद केजरीवाल और उनके साथी भी पहले जन लोकपाल की मांग को लेकर अन्ना के आंदोलन में शामिल थे, लेकिन बाद में उन्होंने आंदोलन का रास्ता छोड़कर राजनीति के ज़रिए जन लोकपाल को हासिल करने का निर्णय किया. इस निर्णय के बाद अन्ना ने ख़ुद को अरविंद के राजनीतिक कार्यक्रमों से दूर कर लिया.

अन्ना हजारे ने बुधवार को कहा था कि अगर वो आम आदमी पार्टी के साथ होते तो उसे पूर्ण बहुमत मिल सकता था और केजरीवाल मुख्यमंत्री बन सकते थे.

पूर्व पुलिस अधिकारी और सामाजिक कार्यकर्ता किरण बेदी भी अन्ना को समर्थन देने के लिए बुधवार को रालेगण सिद्धि पहुंचीं. किरण बेदी ने यह भी कहा कि अगर संसद में जन लोकपाल विधेयक पास नहीं हुआ तो शनिवार से वो भी अन्ना के साथ अनशन शुरू कर देंगी.

सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटकर भी गुरुवार को अन्ना के अनशन को समर्थन देने के लिए रालेगण सिद्धि जाएंगी.

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