ये लोकपाल नहीं, जोकपाल है: आम आदमी पार्टी

अरविंद केजरीवाल
Image caption केजरीवाल ने सीबीआई को स्वतंत्र करने की वकालत की है

आम आदमी पार्टी ने लोकपाल बिल का विरोध किया है और इसे जोकपाल बिल बताया है.

सरकार ने शुक्रवार को लोकपाल विधेयक राज्यसभा में पेश किया. सत्ताधारी गठबंधन यूपीए का नेतृत्व करने वाली कांग्रेस और विपक्षी भारतीय जनता पार्टी इसका समर्थन कर रही हैं.

जनलोकपाल के समर्थन में अनशन कर रहे समाजसेवी अन्ना हज़ारे ने कहा है कि जब ये बिल दोनों सदनों में पारित हो जाएगा तो वो अपना अनशन खत्म कर देंगे.

लेकिन आम आदमी पार्टी का कहना है कि इस बिल से भ्रष्टाचार पर लगाम नहीं लगेगी.

'कमज़ोर लोकपाल'

दिल्ली में एक प्रेस कॉंफ़्रेंस में आप के संयोजक अरविंद अरविंद केजरीवाल ने कहा, "मुख्य बात ये है कि क्या ये सीबीआई को स्वतंत्र कर रहे हैं. अगर वो ऐसा नहीं करते हैं तो बाकी सारी चीजें गौण हो जाती हैं."

उन्होंने कहा, "अगर सीबीआई स्वतंत्र हो तो हमारे प्रधानमंत्री भी 2जी या कोयला घोटाले में जेल जा सकते हैं."

बीबीसी ने इस पर प्रधानमंत्री के मीडिया सलाहकार पंकज पचौरी से संपर्क साधा तो उन्होंने कहा, "हमें इस पर कुछ नहीं कहना है."

आम आदमी पार्टी के नेता और मशहूर वकील शांति भूषण ने कहा, "ये जो बिल कांग्रेस ला रही है. इसे सब पार्टियां मान रही हैं, क्योंकि वो जानते हैं ये लोकपाल उनका कुछ नहीं बिगाड़ेगा."

उन्होंने कहा, "इससे भ्रष्ट अधिकारियों और नेताओं का कुछ नहीं बिगड़ेगा. ये भ्रष्ट लोगों को बचाने के लिए बिल है, उनके खिलाफ मुकदमे चलाने के नहीं है."

अन्ना संतुष्ट

वहीं अन्ना हज़ारे ने सरकारी बिल का समर्थन करते हुए कहा कि इसमें अहम ये है कि सीबीआई पर सरकार के नियंत्रण वाली बात इस बिल से निकाल दी गई है.

इससे पहले शनिवार को कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने संसद में पेश लोकपाल विधेयक को राष्ट्रीय हित में बताते हुए इस पर सभी पार्टियों का समर्थन मांगा था.

इसके बाद रालेगण सिद्धि में समाजसेवी अन्ना हज़ारे ने भी इस बिल पर संतोष जताया था और उनकी सहयोगी पूर्व पुलिस अधिकारी किरण बेदी ने कहा था कि इस सूरत में बिल पास हो जाना चाहिए.

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