राज्यसभा की दहलीज़ लांघ पाएगा 'लोकपाल'?

  • 17 दिसंबर 2013
अन्ना हज़ारे

भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ बहुचर्चित लोकपाल विधेयक के मुद्दे पर सोमवार को हुई सर्वदलीय बैठक में विधेयक को पारित कराने पर सहमति बनी है और इसे मंगलवार को राज्यसभा में पारित किया जा सकता है.

लोकपाल विधेयक को संसद में फ़ौरन पारित कराने की मांग के साथ रालेगण सिद्धि में लगभग सात दिनों से अनशन पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हज़ारे ने समाचार एजेंसी पीटीआई से कहा है कि वे लोकपाल विधेयक के राज्यसभा में मंगलवार को पारित होने के प्रति आश्वस्त हैं.

लेकिन केंद्र की संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार को बाहर से समर्थन दे रही समाजवादी पार्टी अभी भी इस विधेयक पर आपत्ति जता रही है.

लोकपाल विधेयक पर जारी गतिरोध को दूर करने के लिए राज्यसभा के सभापति हामिद अंसारी ने सोमवार को जो सर्वदलीय बैठक बुलाई थी, उसका समाजवादी पार्टी ने ये कहकर बहिष्कार किया कि इस विधेयक की वजह से निर्णय लेने की पूरी प्रक्रिया ही बाधित हो जाएगी.

समाजवादी पार्टी के नेता रामगोपाल यादव का कहना है, ''लोकपाल बिल पर हम अपने पुराने रुख़ पर क़ायम हैं. हम इसका विरोध करते हैं और विरोध करेंगे. ''

'मिलकर करेंगे निवेदन'

लेकिन संसदीय कार्यमंत्री कमलनाथ ने कहा है कि समाजवादी पार्टी को छोड़कर बाकी सभी पार्टियों ने इस विधेयक को पारित कराने पर अपनी रज़ामंदी ज़ाहिर की है.

कमलनाथ का कहना है, ''सर्वदलीय बैठक में सब पार्टियों ने ये मिलकर तय किया है कि लोकपाल विधेयक को राज्यसभा में पारित करेंगे. सब पार्टियां मिलकर समाजवादी पार्टी से निवेदन करेंगी कि ये विधेयक सर्व-सहमति से पारित किया जाए.''

वहीं बहुजन समाज पार्टी ने भी लोकपाल विधेयक पर अपनी सहमति जताई है. पार्टी प्रमुख मायावती का कहना है, ''ये विधेयक राज्यसभा में आएगा तो हमारी पार्टी इसे पारित कराने में अहम भूमिका निभाएगी, इसका विरोध नहीं करेगी. ''

'चूहा भी जेल नहीं जाएगा'

लेकिन दिल्ली विधानसभा चुनावों में 28 सीटें जीतने वाली आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल ने इस विधेयक का ये कहते हुए कड़ा विरोध किया है कि इससे भ्रष्टाचार के मामले में किसी को सज़ा नहीं दिलाई जा सकेगी.

अरविंद केजरीवाल का कहना है, ''मैं पूरे होशो-हवास पूरी ज़िम्मेदारी के साथ कह रहा हूं कि ये जो लोकपाल बिल ला रहे हैं, उससे मंत्री तो क्या एक चूहा भी जेल नहीं जा सकता है और अगर कोई जेल चला जाए अगले दस साल के अंदर तो मुझे बता दीजिएगा. कोई जेल नहीं जा सकता.''

वहीं राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली ने लोकपाल विधेयक पर विचार-विमर्श और उसे पारित कराने के लिए मंगलवार को प्रश्न काल स्थगित करने का नोटिस दिया है.

ये सारा घटनाक्रम तब हो रहा है जब लोकपाल बिल को संसद में फ़ौरन पारित कराने की मांग के साथ सामाजिक कार्यकर्ता लगभग एक हफ्ते से रालेगण सिद्धि में अनशन कर रहे हैं जहां लोकपाल के मुद्दें पर उनके और आम आदमी पार्टी के मतभेद खुलकर सामने आ चुके हैं.

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