सत्रह मेडल जीतने वाले शांति सैनिक धर्मेश की मौत

धर्मेश सांगवान
Image caption धर्मेश सांगवान ने नौकायन में कुल 17 मेडल जीते थे.

दक्षिणी सूडान में संयुक्त राष्ट्र के शांतिबलों के कैंप पर हुए एक हमले में दो भारतीय जवानों की मौत हो गई है. भारतीय विदेश मंत्रालय ने जवानों की मौत की पुष्टि की है.

भारतीय सेना ने ट्वीट कर कहा, "सूडान में डिनके समुदाय के कैंप पर सैंकड़ों हथियारबंद लड़ाकों के हमले में भारतीय शांतिबल के दो सैनिक मारे गए. सूबेदार कुमार पाल सिंह और सूबेदार धर्मेश सांगवान ने बहादुरी से लड़ते हुए जान दी."

मूल रूप से हरियाणा के चरखी दादरी के पास खेड़ी बत्तर गाँव के रहने वाले सूबेदार धर्मेश सांगवान का परिवार दिल्ली में रहता है जबकि माता-पिता पैतृक गाँव में रहते हैं. उनकी पत्नी बच्चों के साथ दिल्ली में रहती हैं.

धर्मेश सांगवान के पिता राजेंद्र सांगवान ने बीबीसी संवाददाता वर्तिका से बातचीत में बताया, "आज सुबह हमें धर्मेश की शहादत के बारे में पता चला. सेना के दिल्ली सेंटर से फ़ोन के ज़रिए यह जानकारी दी गई थी."

धर्मेश की मौत की ख़बर आने के वक़्त उनका परिवार टीवी पर सूडान में भारतीय शांतिबलों पर हुए हमले की ख़बरें ही देख रहा था.

राजेंद्र बताते हैं, "धर्मेश को सूडान गए हुए छह महीने हो गए थे. उन्हें दस जनवरी को वापस भारत लौटना था. वह भारत आने को लेकर उत्साहित थे."

धर्मेश 12 साल पहले सूबेदार की पोस्ट पर सेना में भर्ती हुए थे. धर्मेश नौकायन के खिलाड़ी भी थे. उनके पिता के मुताबिक उन्होंने छह गोल्ड मेडल समेत राष्ट्रीय खेलों में कुल 17 मेडल जीते हैं.

बीवी को जानकारी नहीं

धर्मेश के माता-पिता को तो उनकी मौत की ख़बर मिल गई है लेकिन बीवी बच्चों को यह जानकारी नहीं दी गई है. पिता राजेंद्र कहते हैं कि जब धर्मेश का शव वापस आएगा तब ही उनकी पत्नी को यह जानकारी दी जाएगी.

वह कहते हैं, "बाक़ी परिवार को मालूम है लेकिन धर्मेश की पत्नी को जानकारी नहीं दी गई है. परिवार के बाक़ी सदस्य भी दिल्ली पहुँचे हैं. जब शव भारत आएगा तब जानकारी दी जाएगी."

धर्मेश के दो बच्चे हैं, जिनमें एक 12 साल का बेटा है और एक सात साल की बेटी है. पूरा परिवार धर्मेश पर ही निर्भर था. धर्मेश की नौकरी के सिवाय परिवार की गाँव में खेती है.

60 वर्षीय राजेंद्र कहते हैं, "जब धर्मेश सेना में भर्ती हुए थे तो हमने सोचा था कि वे देश और परिवार दोनों की सेवा करेंगे. वे पहले कुश्ती और कबड्डी के खिलाड़ी थे लेकिन बाद में सेना के मेजर साब ने उन्हें नौकायन में भर्ती करा दिया."

धर्मेश रोज शाम को परिवार से फ़ोन पर बात करते थे. उन्होंने तीन दिन पहले ही पिता से बात की थी और बताया था कि वे बिलकुल ठीक हैं और हालात अच्छे हैं.

धर्मेश ने गुरुवार शाम को ही फ़ोन पर अपने बच्चों से बात की थी और कहा था कि दिल्ली में सर्दी बहुत है इसलिए कपड़ों और खान पान का ध्यान रखें.

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