आम आदमी पार्टी के सरकार बनाने के संकेत

अरविंद केजरीवाल

दिल्ली में सरकार गठन को लेकर बीते दो हफ्ते से जारी गतिरोध सोमवार को ख़त्म हो सकता है. सरकार बनाने के मुद्दे पर रायशुमारी के बाद आम आदमी पार्टी विधायक दल के नेता अरविंद केजरीवाल उपराज्यपाल नजीब जंग से मिलने वाले है. आम आदमी पार्टी कांग्रेस के बिना शर्त समर्थन से दिल्ली में अपनी सरकार बना सकती है.

ज़िम्मेदारी से न बचें केजरीवाल: कांग्रेस

दिल्ली विधानसभा की 70 में से 28 सीटें जीतने वाली आम आदमी पार्टी को कांग्रेस अपनी आठ सीटों के साथ सरकार बनाने के लिए बिना शर्त समर्थन दे रही है. समर्थन लेने या न लेने और सरकार बनाने या न बनाने के मुद्दे पर आम आदमी पार्टी ने दिल्ली में कई जनसभाएं की हैं.

आप ने कहा, लोग सरकार बनाने के पक्ष में

पार्टी नेता अरविंद केजरीवाल का कहना है कि इन जनसभाओं में उमड़े लोगों ने कांग्रेस के समर्थन से सरकार बनाने के लिए अपनी रज़ामंदी जताई है.

केजरीवाल का कहना है कि वे सोमवार को पार्टी की राजनीतिक मामलों की समिति के साथ बैठक के बाद वे दिल्ली के उपराज्यपाल से मुलाक़ात कर रहे हैं.

घोषणापत्र के वादे

पार्टी घोषणापत्र में किए गए वादों को पूरा करने के बारे में पूछे गए एक सवाल के जबाव में केजरीवाल ने कहा कि ये घोषणापत्र, विशेषज्ञों के परामर्श से तैयार किया गया था और पार्टी अपना वादा पूरा करेगी.

खुद को जोखिम में फंसा लिया आप ने

दिल्ली में सरकार बनाने के मुद्दे पर पिछले दो हफ़्ते से गतिरोध जारी था. इस गतिरोध की शुरुआत आठ दिसम्बर को तब हुई थी जब दिल्ली विधानसभा के नतीजे आए जिन्हें राजनीतिक विश्लेषकों ने अप्रत्याशित बताया था.

दिल्ली विधानसभा की मौजूदा स्थिति ये है कि कुल सदस्य संख्या 70 है. इसमें सबसे ज्यादा 31 सीटें भारतीय जनता पार्टी को मिली हैं जो 15 साल से दिल्ली की सत्ता से दूर है. भाजपा सहयोगी अकाली दल को भी एक सीट मिली है.

दूसरे स्थान पर आम आदमी पार्टी है जिसे 28 सीटें मिली हैं. कांग्रेस आठ सीटों के साथ तीसरे स्थान पर सिमटकर रह गई है.

इसके अलावा, जनता दल यूनाइटेड को भी एक सीट मिली थी. वहीं एक सीट स्वतंत्र उम्मीदवार के खाते में गई थी.

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