लोकपाल बिल को मिली राष्ट्रपति की मंज़ूरी

  • 1 जनवरी 2014
प्रणब मुखर्जी

बहुप्रतीक्षित लोकपाल विधेयक को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की ओर से हरी झंडी मिल गई है. बिल को सहमति मिलने के साथ ही भ्रष्टाचार विरोधी निगरानी व्यवस्था प्रभावी हो गई है.

सरकारी रेडियो आकाशवाणी ने ख़बर की पुष्टि की है.

अब लोकपाल के दायरे में कुछ सुरक्षा उपायों के साथ प्रधानमंत्री भी आ गए हैं.

लोकसभा बिल को राज्यसभा ने 17 दिसंबर को पारित किया था और अगले दिन यह विधेयक लोकसभा में पारित हो गया था.

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार लोकसभा सचिवालय की ओर से अध्यक्ष मीरा कुमार के दस्तखत सहित लोकपाल बिल की एक प्रति मंगलवार को ही कानून मंत्री को सौंप दी गई थी. इसके बाद यह विधेयक राष्ट्रपति की सहमति के लिए राष्ट्रपति भवन भेजा गया.

सूत्रों के अनुसार राष्ट्रपति ने लोकपाल बिल पर अपनी मुहर लगा दी है. राष्ट्रपति की सहमति मिलने और कुछ औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद यह विधेयक कानून का आकार ले लेगा.

राष्ट्रपति की सहमति के बाद अब कानून मंत्रालय के विधायी विभाग के सचिव इस पर हस्ताक्षर करेंगे. इसके बाद यह सरकारी गजेट में प्रकाशित किया जाएगा.

बहस

Image caption समाजसेवी अन्ना हजारे ने राष्ट्रपति के इस फैसले पर खुशी जाहिर की.

लोकपाल को एक संस्था के रूप में केंद्र में स्थापित करना और राज्यों में लोकायुक्त की व्यवस्था करना ही लोकपाल बिल का मकसद है. लोकपाल कानून के प्रभावी होने के एक साल के भीतर यह व्यवस्था संबंधित विधेयक के जरिए स्थापित की जाएगी.

सबसे पहले लोकपाल बिल साल 2011 के शीतकालीन सत्र के अंत में लोकसभा में पारित किया गया था. मगर तब राज्य सभा ने इस पर अपनी सहमति नहीं दी थी.

राज्य सभा में इस मुद्दे पर बहस तो हुई थी मगर बिल पर वोटिंग से पहले ही राज्यसभा के सभापति ने कार्यवाही स्थगित कर दी थी.

बाद में राज्यसभा की प्रवर समिति ने इस बिल में कुछ फेरबदल के सुझाव दिए. इनमें से ज्यादातर बदलाव केंद्रीय मंत्रिमंडल की ओर से शामिल किए गए और फिर मंजूरी दे दी गई.

इन बदलावों के साथ राज्य सभा ने इस बिल को पारित कर दिया.

लोकपाल सत्तारूढ़ कांग्रेस, विपक्षी दल भाजपा और जनलोकपाल समर्थकों के बीच लंबे समय से बहस का विषय बना हुआ था. इनमें से हर एक लोकपाल को ज्यादा प्रभावी बनाने के लिए इसमें कोई न कोई बदलाव करना चाहता था.

सामाजिक कार्यकर्ता और पूर्व आईपीएस अधिकारी किरण बेदी के अनुसार समाजसेवी अन्ना हजारे ने राष्ट्रपति के इस कदम पर ख़ुशी जताई है.

(बीबीसी हिंदी का एंड्रॉयड मोबाइल ऐप डाउनलोड करने के लिए क्लिक करें. आप ख़बरें पढ़ने और अपनी राय देने के लिए हमारे फ़ेसबुक पन्ने पर भी आ सकते हैं और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार