बन सकता है जस्टिस गांगुली पर यौन उत्पीड़न का मामला

केंद्रीय वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने कहा है कि सरकार ने सेवानिवृत्त जज एके गांगुली के खिलाफ लगे यौन शोषण के आरोपों की जांच के लिए गुरुवार को इस मामले को सुप्रीम कोर्ट के पास राष्ट्रपति विचारार्थ यानी प्रेसीडेंशियल रिफ्रेंस भेजने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है.

वित्त मंत्री पी चिदंबरम और सूचना एवं प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने नई दिल्ली में पत्रकारों को ये जानकारी दी.

यह फैसला गुरुवार शाम प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में हुई एक बैठक में लिया गया जिसमें गृह मंत्रालय ने अटॉर्नी जनरल जीई वाहनवती के विचार रखे. उनका कहना था कि एक महिला लॉ इंटर्न के साथ आपत्तिजनक व्यवहार के आरोप के बाद गांगुली के खिलाफ मामला बनाया जा सकता है.

यह प्रस्ताव राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के पास भेजा जाएगा, जो बाद में इसे मामले की जांच के लिए देश के मुख्य न्यायाधीश के पास भेजेंगे. प्रस्ताव में तीन मुद्दे उठाए गए हैं.

वित्तीय घाटा 4.8 फीसदी

संवाददाता सम्मेलन में वित्त मंत्री ने कहा कि चालू वित्त वर्ष में वित्तीय घाटा जीडीपी के 4.8 फीसदी लक्ष्य के अंदर ही रहेगा. उन्होंने कहा कि हम वित्तीय घाटे को 4.8 फीसदी की दर पर ही बनाए रखेंगे. उन्होंने कहा कि यह खतरे की रेखा है जिसका उल्लंघन नहीं किया जाएगा.

वित्त मंत्री ने वित्तीय घाटे के बढ़ने की संभावना के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में कहा कि दिसंबर में सरकारी वित्त में इजाफा होगा और वित्तीय घाटे में कमी आएगी.

इसके अलावा वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार ने बृहस्पितवार को ऊर्जा मंत्रालय के ऊर्जा प्रणाली विकास कोष (पीएसडीएफ) के परिचालन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक औ ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार