निर्दोषों का जनसंहार होने देना ताकत नहीं : मनमोहन

  • 3 जनवरी 2014
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह

नई दिल्ली में एक विशेष संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि, नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री बने तो यह देश के लिए विनाशकारी होगा.

उन्होंने कहा, "अगर प्रबल प्रधानमंत्री का मतलब अपनी देखरेख में अहमदाबाद की सड़कों पर निर्दोष जनता का जनसंहार होने देना है, तो मुझे नहीं लगता कि हमारे देश को ऐसे प्रबल प्रधानमंत्री की ज़रूरत है."

साथ ही मनमोहन ने साफ़ किया कि वो अगले आम चुनाव में प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नहीं होंगे. हालांकि उन्होंने उम्मीद जताई कि आम चुनावों के बाद अगली सरकार भी यूपीए की ही बनेगी.

पढ़िए मनमोहन सिंह से सवाल और उनके जवाब

उन्होंने कहा, "कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी प्रधानमंत्री पद के सुयोग्य उम्मीदवार हैं. मुझे पूरी उम्मीद है कि यूपीए उनका चुनाव करेगी."

बतौर प्रधानमंत्री अपने दो कार्यकालों में मनमोहन सिंह तीसरी बार पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे. चुप रहने के सवाल पर प्रधानमंत्री ने कहा कि जब भी ज़रूरत पड़ी है उन्होंने पार्टी के फ़ोरम में अपनी बात रखी है और आगे भी वहां बोलते रहेंगे.

यूपीए सरकार के फ़ैसलों में सोनिया गांधी और राहुल गांधी के दख़ल की बात को मानते हुए उन्होंने कहा, ''इसमें कुछ ग़लत नहीं है, कांग्रेस अध्यक्ष और देश के प्रधानमंत्री के पद पर दो अलग लोगों के होने की प्रणाली बहुत बेहतर है और सोनिया गांधी जी ने मुझे कई कठिन परिस्थितियों से निकाला है.''

भ्रष्टाचार के आरोप

पत्रकार वार्ता में यूपीए सरकार और प्रधानमंत्री पर भ्रष्टाचार के आरोपों से जुड़े सवाल छाए रहे. इसपर सफाई देते हुए प्रधानंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार के ज़्यादातर आरोप यूपीए के पहले कार्यकाल में सामने आए, उसके बाद जनता ने यूपीए को दोबारा चुना, इसलिए ऐसा लगता है कि जनता को इन आरोपों से ख़ास सरोकार नहीं है.

उन्होंने कहा, ''जब मैंने सत्ता संभाली तो एक छवि थी कि कांग्रेस गठबंधन सरकार नहीं चला सकती, पर हमने इसे बदला और दो कार्यकाल सत्ता में रहे.''

भ्रष्टाचार के निजी आरोपों पर उन्होंने कहा, ''मैं वही आदमी हूं जो मैं नौ साल पहले था, मैंने इस देश की सेवा पूरी ईमानदारी से की है और अपने पद का ग़लत इस्तेमाल कर अपने किसी दोस्त या परिवार वाले को फ़ायदा पहुंचाने की कोशिश नहीं की है."

उन्होंने उम्मीद जताई कि आम चुनाव से पहले वो आम सहमति बनाकर भ्रष्टाचार विरोधी पांच-छह विधेयक पारित करवा पाएंगे.

उन्होंने माना कि पहली बार चुनाव लड़कर दिल्ली में सरकार बनाने वाली आम आदमी पार्टी (आप) को जनता का समर्थन है और कहा कि आनेवाला समय बताएगा कि वो कैसा काम कर पाते हैं.

अमरीका और पाकिस्तान

भारत और अमरीका के संबंधों पर बात करते हुए प्रधानमंत्री ने माना कि इन्हें कई बार मुश्किल दौर से गुज़रना पड़ा, पर साथ ही उन्होंने अमरीका के साथ परमाणु समझौते को अपने 10 साल के कार्यकाल का सबसे अच्छा पल बताया.

प्रधानमंत्री मनमोहन सिॆह ने जब से ये पद संभाला है, पाकिस्तान की कोई यात्रा नहीं की.

उन्होंने कहा, ''निजी स्तर पर मैं पाकिस्तान ज़रूर जाना चाहता हूं, पर देश के प्रधानमंत्री के तौर पर मुझे उस दौरे के बेहतर परिणाम निकलने की उम्मीद होने पर ही वहां जाना सही लगता है. ऐसा माहौल अब तक बना नहीं.''

प्रधानमंत्री ने उम्मीद जताई कि आऩेवाले पांच महीनों में ऐसा मौका बने तो वो पाकिस्तान जाना चाहेंगे.

रिकॉर्ड विकास दर

पत्रकारों के सवाल लेने से पहले प्रधानमंत्री ने अपना वक्तव्य रखा और उम्मीद जताई कि आने वाले दिनों में देश की अर्थव्यवस्था बेहतर होगी और विकास का सिलसिला फिर शुरू होगा.

उन्होंने कहा, "मेरे कार्यकाल में भारत में नौ प्रतिशत की रिकॉर्ड विकास दर रही है, जो वैश्विक मंदी के साथ कम हुई, लेकिन इसके साथ ही उनकी सरकार सामाजिक विकास करने में सक्षम रही."

हाल में हुए विधानसभा चुनावों का ज़िक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि लोगों ने बड़ी मात्रा में मतदान कर लोकतंत्र में विश्वास जताया है, चाहे इनमें कांग्रेस की हार हुई है.

प्रधानमंत्री ने कहा कि 2004-11 के दौरान ग़रीबी रेखा के नीचे रह रहे लोगों में पहले के मुक़ाबले ज़्यादा गिरावट आई है और क़रीब 13 करोड़ से ज़्यादा लोग गरीबी रेखा के ऊपर आ गए.

साथ ही उन्होंने तीन चुनौतियों का ज़िक्र किया, उत्पादन क्षेत्र में रोज़गार के अवसर पैदा करना, बढ़ती महंगाई रोकना और भ्रष्टाचार कम करना.

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