सोलह साल की लड़की ने फेंका अपना नवजात शिशु

  • 9 जनवरी 2014
एक गर्भवती महिला

भारत के दक्षिणी राज्य आंध्र प्रदेश के शहर निज़ामाबाद की पुलिस का कहना है कि सोलह साल की एक किशोरी ने गुपचुप तरीके से एक बच्चे को जन्म दिया और फिर उसे अपने स्कूल के हॉस्टल की खिड़की से फेंक दिया.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, ये किशोरी एक सरकारी रिहायशी स्कूल में दसवीं कक्षा में पढ़ती है. पुलिस का कहना है कि किशोरी ने बच्चे को जन्म दिया और शौचालय की खिड़की से बाहर फेंक दिया.

पुलिस का ये भी कहना है कि इस नवजात शिशु ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया.

पुलिस के एक आला अधिकारी का कहना है, ''शुरुआती जांच से पता चला कि लड़की की शादी उसके एक रिश्तेदार के लड़के के साथ तय हुई थी. बीते साल छुट्टियों के दौरान जब ये लड़की पीतलम मंडल स्थित रिश्तेदार के घर गई थी, तब दोनों के दरम्यान शारीरिक संबंध बने जिसकी वजह से वह गर्भवती हो गई थी.''

बलात्कार का मामला दर्ज

पुलिस के मुताबिक़, ''लड़की बाद में हॉस्टल लौट आई और अपने शिक्षकों को अक्सर बताती रही कि उसकी तबीयत ठीक नहीं है. लेकिन उसने अपने गर्भवती होने के बारे में चुप्पी साधे रखी. होस्टल का नर्सिंग स्टाफ़ भी इसें भांप नहीं पाया क्योंकि लड़की अपने पेट को ढंककर रखती थी.''

बहरहाल पुलिस ने इस लड़की के ख़िलाफ़ भारतीय दंड संहिता की धारा 315 के तहत मामला दर्ज कर लिया है. उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है.

भारतीय दंड संहिता की धारा 315 में शिशु को जन्म लेने से रोकने या जन्म के बाद किसी तरह उसकी जान लेने के विरुद्ध सज़ा का प्रावधान है.

पुलिस का ये भी कहना है कि लड़की के रिश्तेदार के लड़के के ख़िलाफ़ भी बलात्कार का मामला दर्ज किया गया है और उसकी धर-पकड़ के प्रयास जारी हैं.

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