यूपी: विदेश दौरे और महोत्सव को लेकर अखिलेश सरकार पर निशाना

अखिलेश यादव और मुलायम सिंह यादव सैफ़ई महोत्सव में

मुज़फ़्फ़रनगर में शिविरों में ठिठुरते दंगा पीड़ितों की अनदेखी के आरोपों का सामना कर रही उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री और विधायकों का 17 सदस्यीय एक दल बुधवार को विदेश दौरे के लिए रवाना हुआ है.

साथ ही दूसरी ओर समाजवादी पार्टी प्रमुख मुलायम सिंह यादव के गाँव सैफ़ई में आयोजित महोत्सव में बड़े पैमाने पर बॉलीवुड सितारों के शरीक़ होने और इस कार्यक्रम पर आए ख़र्च पर भी राज्य सरकार को आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है.

विदेश गए दल का नेतृत्व प्रदेश के शहरी विकास मंत्री मोहम्मद आज़म ख़ान कर रहे हैं जो मुज़फ़्फ़रनगर के प्रभारी भी हैं. दल में आठ मंत्री और नौ विधायक शामिल हैं.

तुर्की के अलावा यह दल हॉलैंड, ब्रिटेन, ग्रीस और संयुक्त अरब अमीरात का भी भ्रमण करेगा. अनुमान है कि इस 18 दिनों की यात्रा में लगभग एक करोड़ रूपए खर्च होंगे. इसमें दल के सदस्य अपनी तरफ से दो-दो लाख रुपए लगाएंगे. यह दल संयुक्त अरब अमीरात सहित, इन सभी देशों में संसदीय प्रणाली का अध्ययन करेगा.

दल के अन्य सदस्यों में राजस्व मंत्री अंबिका चौधरी, ओम प्रकाश सिंह, अभिषेक मिश्रा, रघुराज प्रताप सिंह उर्फ़ राजा भैया, भगवत सरन गंगवार, शिव कुमार बेरिया और योगेश सिंह शामिल हैं.

'सामान्य प्रक्रिया'

समाजवादी पार्टी की विधायक ग़ज़ाला लारी, इरफ़ान सोलंकी, मुनेन्द्र शुक्ला, भारतीय जनता पार्टी की विधायक सीमा द्विवेदी और राष्ट्रीय लोक दल के विधायक पूर्ण प्रकाश के साथ विधानसभा के प्रमुख सचिव प्रदीप दुबे भी इस विदेश दौरे पर गए हैं.

विधानसभा के स्पीकर माता प्रसाद पांडे और कांग्रेस के विधायक दल के नेता प्रदीप माथुर भी इस भ्रमण पर जाने वाले थे किन्तु बाद में दोनों ने अपने नाम वापस ले लिए.

समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी इस दौरे को "सामान्य प्रक्रिया" मानते हैं. वह कहते हैं कि इन दौरों में दूसरे देशों की संसदीय प्रणाली और संस्कृति को समझने का मौका मिलता है और कई अन्य राज्यों से भी ऐसे संसदीय दल जाते रहते हैं.

प्रदीप माथुर का कहना है कि जैसे ही उनको पता चला कि उनका नाम जाने वालों की सूची में रखा गया है उन्होंने उसे हटवा दिया. किन्तु वे इस भ्रमण के पक्ष में नज़र आए.

उन्होंने बताया, "देखिए इसमें कुछ नया नहीं है. बहुजन समाज पार्टी के शासनकाल को छोड़कर लगभग हर वर्ष विधायकों का एक दल ऐसे भ्रमण पर जाता रहा है. मैंने खुद ऐसे दौरों से संसदीय प्रणाली में बहुत कुछ सीखा है."

समय पर सवाल

उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश के लगभग सभी विधायक राज्य स्तर पर राष्ट्रमंडल संसदीय संघ के सदस्य होते हैं. इन दौरों का ख़र्च विधायक, सरकार और संघ मिलकर वहन करते हैं.

यह पूछने पर कि संयुक्त अरब अमीरात में किस संसदीय प्रणाली का अध्ययन होगा, प्रदीप माथुर हँसकर बात टाल गए.

एक तरफ़ तो ये विधायक मंत्री विदेश दौरे पर गए हैं तो वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री सहित मंत्रिमंडल के अन्य सदस्य मुलायम सिंह यादव के गाँव सैफई में बॉलीवुड के सितारों और अन्य कलाकारों के रंगारंग कार्यक्रम में शामिल हुए हैं.

बड़े ख़र्चे पर आयोजित हुए सैफ़ई महोत्सव में बॉलीवुड की कई बड़ी हस्तियों को कार्यक्रम पेश करने के लिए बुलाया गया. इस कार्यक्रम में सलमान ख़ान, माधुरी दीक्षित, आलिया भट्ट, सारा ख़ान, सोहा अली ख़ान जैसे बॉलीवुड सितारे शरीक़ हुए हैं.

भारतीय जनता पार्टी के मुख्य प्रवक्ता विजय बहादुर पाठक ने आरोप लगाया है कि राज्य के मंत्री लोगों की सेवा करने के बजाए मस्ती करने में ज़्यादा लगे हैं. उन्होंने कहा, "मुज़फ़्फ़रनगर की वजह से राज्य की काफ़ी बदनामी हुई है. लोगों की वहाँ सुविधाओं के अभाव में मौत हो रही है और समाजवादी पार्टी के नेता सैफ़ई में बॉलीवुड सितारों के कार्यक्रम के मज़े ले रहे हैं. ये दिखाता है कि वे लोगों को लेकर कितने चिंतित हैं."

उत्तर प्रदेश कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष रीता बहुगुणा जोशी की राय में मंत्रियों और विधायकों के भ्रमण के लिए यह समय ग़लत है और जनता के पैसे की बर्बादी है. उनका कहना है, "यात्रा के लिए जिन राष्ट्रों को चुना गया है वे भी अध्ययन के लिए उपयुक्त नहीं हैं. यह समय था जब मंत्रियों को प्रदेश और विधायकों को अपने क्षेत्रों में विकास कार्यों को देखना चाहिए बजाय इसके कि वे विदेश भ्रमण पर जाएँ."

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार