'अल्पसंख्यक समुदाय के युवकों की गिरफ़्तारी में बरतें सतर्कता'

  • 10 जनवरी 2014
सुशील कुमार शिंदे
Image caption गृहमंत्री की चिट्ठी का भाजपा ने विरोध किया है.

भारत के गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखकर कहा है कि अल्पसंख्यक समुदाय के युवकों की गिरफ़्तारी में सतर्कता बरती जानी चाहिए.

गृहमंत्री ने राज्यों के मुख्यमंत्रियों को लिखे पत्र में बिना ट्रायल के जेलों में बंद लोगों के मामलों की भी फिर से जाँच करने की बात कही.

इस पत्र में शिन्दे ने लिखा, "अल्पसंख्यक समुदाय के युवाओं को अगर ग़लत तरीके से गिरफ़्तार किया गया है तो उनको रिहा किया जाय."

बीजेपी प्रवक्ता प्रकाश जावड़ेकर ने गृहमंत्री के पत्र की ख़बर पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "मुझे समझ नहीं आता शिंदे क्या कह रहे हैं? अपराधियों को आप धर्म के आधार पर क्यों पहचानते हैं? यह एक ख़तरनाक प्रवृत्ति है."

भाजपा का विरोध

गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने पत्र में लिखा, "अल्पसंख्यक समुदाय के युवकों को लगता है कि उनको जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है औऱ उनके मौलिक अधिकारों से वंचित किया जा रहा है. सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि किसी भी निर्दोष व्यक्ति को उत्पीड़न का सामना न करना पड़े."

शिंदे ने कहा कि सरकार चरमपंथ से लड़ने के लिए प्रतिबद्ध है. एजेंसियों को चरमपंथ के प्रति पूरी कड़ाई बरतने के साथ-साथ सांप्रदायिक और सामाजिक सौहार्द के प्रति संवेदनशील होना चाहिए.

उन्होंने राज्यों के मुख्यमंत्रियों से ग़लती करने वाले पुलिस अधिकारियों के ख़िलाफ़ कड़े क़दम उठाने की भी बात कही.

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