मोदी के सामने कैसे टिकेंगे राहुल: नटवर सिंह

राहुल गाँधी, कांग्रेस इमेज कॉपीरइट AP

आगामी आम चुनाव में कांग्रेस पार्टी की हार की भविष्यवाणी करने वालों में अब पार्टी के क़द्दावर नेता रहे नटवर सिंह भी शामिल हो गए हैं.

उन्हें भ्रष्टाचार के मामले में साल 2008 में पार्टी से निकाला गया था, लेकिन उन पर पार्टी का गहरा 'प्रभाव' आज भी है. 84 साल के नटवर सिंह कहते हैं कि कांग्रेस पार्टी को आने वाले आम चुनाव में 'कामयाबी नहीं मिलेगी.'

अब यह लगभग साफ़ है कि राहुल गांधी कांग्रेस पार्टी की तरफ से प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नहीं होंगे. पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी ने इसकी घोषणा करते हुए कहा है कि कांग्रेस में ऐसी परंपरा नहीं है.

लेकिन साथ ही कांग्रेस पार्टी लोकसभा चुनाव राहुल गांधी के नेतृत्व में लड़ने के लिए तैयार है. कांग्रेस के प्रचार अभियान का नेतृत्व राहुल गांधी ही करेंगे.

गांधी परिवार और कांग्रेस

नटवर सिंह कहते हैं कि राहुल गांधी और सोनिया गांधी ही कांग्रेस पार्टी हैं. उन्होंने कहा, "पद कुछ भी हो, इससे क्या फ़र्क़ पड़ता है, पार्टी है कौन? सोनिया गांधी और राहुल गांधी ही पार्टी हैं भाई, फ़ैसला कर लीजिए आप."

Image caption नटवर सिंह कहते हैं कि कांग्रेस पार्टी गांधी परिवार के बिना कुछ भी नहीं.

नटवर सिंह कहते हैं कि कांग्रेस पार्टी गांधी परिवार के बिना कुछ भी नहीं. "सोनिया गांधी ने पिछले 15 साल से पार्टी को अपनी मुट्ठी में रखा है. अगर ये नहीं रहेंगे तो कांग्रेस के टुकड़े हो जाएंगे."

उनके अनुसार राहुल गांधी कांग्रेस के चुनाव अभियान का नेतृत्व करें, तो भी कांग्रेस को अगले आम चुनाव में हार से कोई नहीं रोक सकता.

नटवर सिंह आगे कहते हैं, "इस वक़्त सारे देश में एक भावना है कि वो बदलाव चाहते हैं. इनको हटाओ."

कांग्रेस का धर्म संकट

चुनाव प्रचार में राहुल गांधी की मुख्य भूमिका के बावजूद अगर कांग्रेस की हार होती है, तो क्या इससे गांधी परिवार की विरासत या राजवंश का भी अंत हो सकता है?

इस पर नटवर सिंह कहते हैं, "परिवार ख़त्म नहीं होगा. मोतीलाल नेहरू से चला आ रहा यह परिवार पांच पीढ़ियों से है. दुनिया भर के लोकतंत्र में ऐसी कोई मिसाल नहीं मिलती. इस परिवार से तीन प्रधानमंत्री हो चुके हैं."

वह आगे कहते हैं, "मगर इस समय कांग्रेस धर्मसंकट में है. राहुल गांधी के पास कोई जादू तो है नहीं".

कई साल पहले पार्टी से निकाले जाने और सोनिया गांधी से मतभेद के बावजूद नटवर सिंह अब भी इस परिवार के प्रशंसक नज़र आते हैं और इस पर लगे परिवारवाद के आरोप का बचाव भी करते हैं.

वह कहते हैं, "नेहरू ने चुनाव जीता. इंदिरा ने जीता. राजीव और राहुल ने जीता. सोनिया ने भी चुनाव जीता. किसी ने उन्हें पार्टी पर थोपा तो नहीं? और जहाँ तक वंशवाद का सवाल है, तो आप कश्मीर से कन्याकुमारी तक चले जाइए, अनेक राज्यों में सत्ता में तीसरी पीढ़ी चल रही है."

लोकप्रियता में कमी

नटवर सिंह कहते हैं कि गांधी परिवार की भारत भर में लोकप्रियता है जो अब कम होती जा रही है और "इस कारण ऐसा लगता है कि अब पार्टी थक गई है. इसके पास कोई नए उसूल नहीं है, कोई नया दृष्टिकोण नहीं है."

वो लोग जो चाहते हैं कि राहुल गांधी आम चुनाव में पार्टी का नेतृव करें, उनको नटवर सिंह का ये पैग़ाम है, "वक़्त नहीं है इनके पास. इतना बड़ा देश है. तीन महीने में क्या कर सकेंगे. फिर उनके सामने खड़े हैं नरेंद्र मोदी, अरविंद केजरीवाल."

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Image caption नरेंद्र मोदी भाजपा की तरफ़ से प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार हैं.

नटवर सिंह कहते हैं, "आप देखिए राज्यों के अंदर मुलायम सिंह हैं, मायावती हैं, बादल हैं. वोट आएंगे कहाँ से. छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, राजस्थान और झारखंड जैसे राज्यों में वो नहीं हैं."

देश में छाए हैं मोदी

नरेंद्र मोदी के बारे में उनकी राय यह है कि इस समय वह देश में 'छाए हुए हैं'.

वे आगे कहते हैं, "नरेंद्र मोदी के बारे में कहा जाता है कि वह ईमानदार आदमी हैं, कमज़ोर नहीं हैं. उनको अगर 200 से अधिक सीटें मिल गईं, तो उन्हें प्रधानमंत्री बनने से कोई नहीं रोक सकता, लेकिन इतनी सीटें मिलना आसान नहीं होगा."

नटवर सिंह कहते हैं कि कांग्रेस और राहुल के पास समय नहीं है. उनके मुताबिक़ "इनके लिए बहुत बड़ा इम्तिहान है ये. बड़ी चुनौती है. अगर ये कुछ कर पाए तो अच्छा होगा. लेकिन जैसा कि मैंने अर्ज़ किया इनके पास वक़्त नहीं है."

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