हाँ मैं अराजक हूँ: अरविंद केजरीवाल

  • 20 जनवरी 2014
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दिल्ली पुलिस के पाँच अधिकारियों के निलंबन की माँग को लेकर आम आदमी पार्टी ने पुलिस पर भ्रष्ट होने, दादागीरी करने का आरोप लगाया है.

पार्टी ने साथ ही इस बारे में कुछ नहीं करने के लिए केंद्र की यूपीए सरकार के साथ ही विपक्षी भारतीय जनता पार्टी पर भी निशाना साधा है.

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने जहाँ दिल्ली पुलिस पर दादागीरी का आरोप लगाया तो वहीं पार्टी के मुख्य प्रवक्ता योगेंद्र यादव ने कहा कि जनता पुलिस के व्यवहार से तंग है और इसमें बदलाव चाहती है.

पिछले दिनों एक छापे के दौरान दिल्ली के क़ानून मंत्री सोमनाथ भारती और पुलिस के बीच विवाद के बाद पुलिस और दिल्ली सरकार के बीच तनातनी की स्थिति बनी हुई है.

उस घटना के बाद मुख्यमंत्री केजरीवाल उन पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई की माँग के साथ गृह मंत्रालय के बाहर धरना देने जा रहे थे मगर केजरीवाल का क़ाफ़िला पुलिस ने रेल भवन के पास रोक दिया.

मुख्यमंत्री केजरीवाल वहीं धरने पर बैठ गए और उन्होंने वहां मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि वह दिल्ली पुलिस को चुपचाप अत्याचार करते नहीं देख सकते.

उन्होंने कहा कि दिल्ली में हो रहे अपराधों के लिए पुलिस अधिकारियों की जवाबदेही तय होनी चाहिए.

'धरने की ज़रूरत'

मुख्यमंत्री ने कहा, "पुलिस सुनवाई न करे तो जनता जन प्रतिनिधियों के पास जाती है और अगर दिल्ली पुलिस उनकी बात न सुने तो फिर जन प्रतिनिधि क्या करें? आज इसी वजह से हमें धरना देने की ज़रूरत पड़ी है."

उन्होंने दिल्ली पुलिस को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि पुलिस की मिलीभगत के बिना दिल्ली में सेक्स या ड्रग रैकेट नहीं चल सकता.

केजरीवाल सरकार के काम करने के तौर-तरीक़ों पर कुछ लोगों की आपत्तियों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा, ''वे कहते हैं कि मैं अराजक हूँ. हाँ मैं मानता हूं कि मैं अराजक हूँ. आज महंगाई ने हर घर में अराजकता फैला रखी है. मैं गृहमंत्री के घर में अव्यवस्था फैला दूंगा.''

वहीं दोपहर बाद पार्टी प्रवक्ता योगेंद्र यादव ने एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया और मुख्यमंत्री के क़दम को सही ठहराया.

उन्होंने कहा, "पार्टी ने अपने चुनाव घोषणा पत्र में कहा था कि पुलिस को राज्य सरकार के अधीन लाने के लिए संघर्ष करेगी. इसका उल्लेख पार्टी के चुनाव घोषणा पत्र में है. हम वही कर रहे हैं जिसके लिए हमने दिल्ली की जनता से वादा किया था."

इसके बाद योंगेंद्र यादव ने कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि ''इन दोनों दलों ने भी अपने चुनाव घोषणा पत्र में कहा था कि वे दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाना चाहते हैं तो संसद में ये दोनों दल इस बारे में क्यों कुछ नहीं कर रहे?''

केंद्र सरकार का पक्ष

इस बीच केन्द्रीय गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने कहा, "आज तो परेड का ट्रायल चल रहा है. इस पूरे इलाक़े में निर्भया मामले के बाद से आदेश हैं कि धारा 144 लागू रहे. वे जंतर-मंतर जा सकते हैं वो तो आंदोलन के लिए ही है."

उन्होंने कहा, "पद की गरिमा को देखते हुए जब उपराज्यपाल ने आश्वासन दिया है तो केजरीवाल, जो मुख्यमंत्री हैं, बड़े पद पर हैं, को उन्हें सहयोग ज़रूरी देना चाहिए. जाँच हो जाएगी तो सब सामने आ जाएगा. पूरा देश देख रहा है कि कहाँ किसकी अराजकता चल रही है."

शिंदे ने कहा, "उप राज्यपाल ने बताया है कि न्यायिक जाँच के आदेश दे दिए गए हैं. उन्होंने इतना बड़ा क़दम इसलिए लिया है ताकि निष्पक्ष जाँच हो."

साथ ही दिल्ली में सरकार को बाहर से समर्थन दे रही कांग्रेस के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष अरविंदर सिंह लवली ने धरने पर बैठने के केजरीवाल के फ़ैसले की आलोचना की है. लवली ने कहा, "देश में क़ानून व्यवस्था नाम की कोई चीज़ है कि नहीं है. आप ऐसे कैसे किसी के भी घर में घुसना चाहते हैं या क़ानून व्यवस्था अपने हाथों में लेना चाहते हैं?"

उन्होंने दिल्ली सरकार पर रोज़ बयान बदलने और झूठ बोलने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार गंभीर मुद्दों पर ध्यान नहीं दे रही है और मंत्री की बात को प्रतिष्ठा का सवाल बना रखा है.

मामला

दरअसल यह मामला दिल्ली सरकार के दो मंत्रियों सोमनाथ भारती और राखी बिड़ला के साथ दिल्ली पुलिस के तकरार से जुड़ा हुआ है.

भारती ने पिछले हफ़्ते दिल्ली पुलिस से दक्षिणी दिल्ली के एक घर पर ये कहकर छापा मारने की मांग की थी कि वहां वेश्यावृत्ति और नशीली दवाओं का धंधा होता है.

क़ानून मंत्री ने कहा था कि दक्षिण दिल्ली के खिड़की एक्सटेंशन इलाक़े में लोग कथित तौर पर सेक्स रैकेट चलने की शिकायत उनसे कई दिनों से कर रहे हैं.

भारती के अनुसार उनके बार-बार कहने के बाद भी दिल्ली पुलिस ने लोगों की तलाशी नहीं ली और उन्हें जाने दिया.

हालांकि पुलिस ने भारती के कहने पर छापा तो नहीं मारा लेकिन बाद में उस घर में रहने वाली महिलाओं और दूसरे अफ़्रीक़ी मूल के उनके कई साथियों ने ये आरोप लगाया कि मंत्री के साथियों ने औरतों के साथ अभद्र व्यवहार किया है.

भारती ने इन आरोपों से इनकार किया है. आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता संजय सिंह ने अदालत के आदेश पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "न्यायालय का क्या आदेश हुआ है वो अभी हमको प्राप्त नहीं हुआ है. आदेश की कॉपी आने के बाद पार्टी अपनी प्रतिक्रिया देगी."

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ दिल्ली पुलिस ने अदालत के आदेश पर अज्ञात लोगों के ख़िलाफ़ युगांडा की महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार के लिए एफ़आईआर दर्ज की है.

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