सोमनाथ भारतीः वकालत से विवादों तक के वज़ीर

  • 22 जनवरी 2014
मनीष सिसोदिया, सोमनाथ भारती, अरविंद केजरीवाल

सोमनाथ भारती आईआईटी दिल्ली से पढ़े हैं, पेशे से वकील रहे हैं और सामाजिक कार्यकर्ता के तौर पर जाने जाते हैं लेकिन दिल्ली के कानून मंत्री के बारे में बातें यहीं खत्म नहीं हो जाती हैं.

उन्होंने शीला दीक्षित की पूर्ववर्ती सरकार में रसूखदार मंत्रियों में शुमार की जाने वाली ‍और लगातार तीन से बार से विधायक रहीं किरण वालिया और दिल्ली नगर नगर निगम की पूर्व महापौर आरती मेहरा को मालवीय नगर विधानसभा सीट पर चुनावी शिकस्त दी है.

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इस सीट को कांग्रेस के गढ़ के तौर पर देखा जाता था और किरण वालिया शिक्षा और महिला और बाल विकास मंत्री के तौर पर दिल्ली की राजनीति के कद्दावर शख्सियतों में से एक थीं.

लेकिन सोमनाथ भारती के सुर्खियों में रहने की केवल यही एक वजह नहीं है. अगस्त 2013 के एक मामले में सीबीआई की एक विशेष अदालत ने सोमनाथ भारत की एक वकील के तौर पर भूमिका को अनैतिक और आपत्तिजनक पाया.

सीबीआई कोर्ट ने बचाव पक्ष के वकील सोमनाथ भारती को सबूतों के साथ छेड़छाड़ का भी दोषी करार दिया था.

वकालत और विवाद

39 साल के सोमनाथ भारती नवगठित आम आदमी पार्टी के उन छह विधायकों में से हैं जिन्हें मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अपनी काबीना का हिस्सा बनाया है.

आईआईटी दिल्ली से एमएससी के बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्याल से कानून की तालीम हासिल की. यहाँ से सोमनाथ भारती ने वकालत के पेशे में कदम रखा.

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एक वकील के तौर पर सोमनाथ भारती ने कई सामाजिक मुद्दों को उठाया. हालांकि मंत्री बनने के बाद उन्होंने प्रैक्टिस करने का अपना लाइसेंस दिल्ली बार एसोसिएशन को लौटा दिया है. लेकिन सोमनाथ भारती का विवादों से नाता टूटता हुआ नहीं लगता है.

मंत्री बनते ही उन्होंने दिल्ली में जजों की बैठक बुलाने की कोशिश की जिसको लेकर अपने ही सचिव से ही उनके विवाद की खबरें आने लगीं.

सीबीआई कोर्ट से मिली फटकार का मामला अभी पुराना भी नहीं पड़ा था कि अफ़्रीकी मूल की एक महिला के साथ कथित तौर पर किए गए दुर्व्यवहार की खबरें सुर्खियों में आ गईं.

इस महिला ने अपने साथ हुए कथित दुर्व्यवहार के लिए पटियाला हाउस कोर्ट में शिकायत दर्ज कराई जिसके बाद पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ़ मामला दर्ज कर लिया है.

सरकार का समर्थन

हालांकि सोमनाथ भारती इस मामले में किसी तरह की संलिप्तता के आरोपों से इनकार करते हैं और उन्हें अपनी सरकार के मुखिया अरविंद केजरीवाल का समर्थन भी हासिल दिखता है.

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भारती की पुलिस के साथ कथित तौर पर हुई कहासुनी की घटना के बाद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल डैनिश महिला के साथ बलात्कार के मामले में कुछ पुलिस कर्मियों के तबादले की माँग को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. उनकी ये भी माँग है कि दिल्ली पुलिस की कमान राज्य सरकार के हवाले किया जाए.

इससे पहले जनलोकपाल आंदोलन के दौरान वे एक सक्रिय सदस्य के तौर पर अन्ना हजारे की मुहिम से जुड़े और बताया जाता है कि कई निर्दोष लोगों को न्याय दिलाने में उन्होंने सक्रिय भूमिका निभाई.

दिल्ली में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी की वेबसाइट पर कहा गया है, "दिल्ली गैंग रेप वाली घटना के बाद पुलिस ने आठ निर्दोष नवयुवकों को गलत तरीके से फंसाने की कोशिश की और सोमनाथ भारती ने इन लड़कों को न्याय दिलाने में मदद की."

(समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट्स पर आधारित)

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