केजरीवाल का धरना: कौन कितना झुका

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली पुलिस के अधिकारियों को छुट्टी पर भेजे जाने को अपने धरने की जीत बताया. हालांकि उन्होंने इसकी घोषणा करते हुए माना है कि ये आंशिक जीत ही है. बहरहाल इस पूरे घटनाक्रम को भारतीय मीडिया में प्रमुखता से जगह मिली.

हिंदी अख़बार जनसत्ता ने इसे पहली ख़बर बनाया है. ख़बर का शीर्षक है- आंशिक मांग मानी गई, धरना खत्म. अख़बार ने छुट्टी पर दो पुलिस अधिकारियों को भेजे जाने को बीच का रास्ता बताया है.

दैनिक हिंदुस्तान ने इस घटनाक्रम को प्रमुखता से प्रकाशित किया है. अख़बार ने लिखा है- अफरातफरी के 32 घंटे के बाद केजरीवाल का धरना ख़त्म.

वहीं दैनिक जागरण ने भी इस घटनाक्रम को लीड के तौर पर प्रकाशित है. अख़बार ने लिखा है- दो दरोगा को छुट्टी पर भिजवा माने केजरी. अख़बार ने पुलिस-आम आदमी पार्टी समर्थकों की झड़प में 35 लोगों के घायल होने को जगह दी है.

'बीच का रास्ता'

अंग्रेजी अख़बार द इंडियन एक्सप्रेस अख़बार ने पहले पन्ने पर केजरीवाल की कार में बैठ कर रेल भवन से से निकलने वाली तस्वीर को प्रमुखता से छापा है. ख़बर का शीर्षक है- डिफ्यूज्ड, अनटिल द नेक्स्ट टाइम.

दैनिक भास्कर अख़बार की भी पहली ख़बर केजरीवाल का धरना ही है. ख़बर का शीर्षक है- 'आप' का धरना खत्म. अख़बार के मुताबिक सोमवार शाम को ही प्रधानमंत्री कार्यालय में बीच का रास्ते का फार्मूला निकाल लिया गया था.

वहीं हिंदी अख़बार अमर उजाला के मुताबिक केजरीवाल और उनकी पार्टी को पीछे झुकना पड़ा. अख़बार ने लिखा है- पीछे हटे केजरीवाल, धरना वापस.

अंग्रेजी दैनिक हिंदुस्तान टाइम्स का शीर्षक है- सेंटर आफ़र्स फेस सेवर, केजरी कॉप्स आउट.

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वहीं नईदुनिया ने बेहद दिलचस्प शीर्षक के साथ इस ख़बर को प्रकाशित किया है. ख़बर का शीर्षक है- केंद्र थोड़ा, केजरीवाल पूरा झुके.

'रिपब्लिक विन्स'

नवभारत टाइम्स ने भी प्रयोग से भरा शीर्षक लगाया है. अख़बार का शीर्षक है- धरने को छुट्टी पर भेजा गया. मुख्य ख़बर के साथ एक बॉक्स में यह भी बताने की कोशिश की गई है कि इस धरने से किसको क्या मिला.

अंग्रेजी अख़बार द टाइम्स ऑफ इंडिया ने इस ख़बर को प्रमुखता दी है. अख़बार की हेडलाइन है- बीटिंग रिट्रीट बिफोर आर-डे, केजरी डिक्लेयर्स फेस सेवर ए ग्रेट विक्ट्री. अख़बार ने ख़बर के साथ एक बॉक्स को भी जगह दी है. जिसमें इस घटनाक्रम को आम आदमी पार्टी के फायदे और नुकसान के पैमाने पर आंका गया है.

अंग्रेजी दैनिक हिंदू ने इस ख़बर को केजरीवाल काल्स ऑफ़ धरना शीर्षक से प्रकाशित किया है.

वहीं आर्थिक अख़बार द इकॉनामिक टाइम्स ने भी इस धरने को पहली ख़बर के तौर पर दिलचस्प शीर्षक के साथ प्रकाशित किया है- एनार्की इंड्स, रिपब्लिक विन्स.

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