बीरभूम बलात्कार: गाँव में दहशत का माहौल

  • 24 जनवरी 2014
बीरभूम का सुबालपुर गाँव इमेज कॉपीरइट AP

पश्चिम बंगाल के बीरभूम ज़िले में एक लड़की के साथ कथित रूप से सामूहिक बलात्कार का मामला सामने आया था. उन पर आरोप था कि उन्होंने ग़ैर-आदिवासी लड़के के साथ रिश्ते बनाए थे जिसके बाद पंचायत में जुर्माना न भर पाने के कारण उन्हें सज़ा सुनाई गई. आरोप ये है कि पंचायत ने सज़ा के रूप में लड़की के साथ बलात्कार का फ़ैसला सुनाया था.

लड़की के गाँव के माहौल और लड़की की स्थिति जानने मैं अस्पताल पहुंचा.

मैं अभी शिवरी सदर अस्पताल में हूँ. घटना के बाद लड़की को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. लड़की की हालत थोड़ी स्थिर बनी हुई है.

हमें यह भी जानकारी दी गई कि शुरुआती जाँच रिपोर्ट से सामूहिक बलात्कार के संकेत मिलते हैं. अभी अंतिम मेडिकल रिपोर्ट आनी बाकी है.

दहशत में गाँव

जब मैं राजारामपुर सुबालपुर गाँव में पहुंचा तो कोई भी बात करने को राजी नहीं हो रहा था. गाँव में लोग काफ़ी डरे हुए थे क्योंकि गाँव के 13 लोग पुलिस की हिरासत में हैं. इतनी बड़ी घटना हुई है. गाँव में पुलिस भरी हुई है. तमाम पत्रकार वहाँ पहुंच गए हैं, उनके आने का सिलसिला गुरुवार से से जारी है.

सबसे पहले हम गाँव के सरपंच बलाई मांडी के घर गए. जिसके सामने गाँव की पंचायत बैठाई गई थी. जहाँ पूरी रात को लड़की और उस ग़ैर-आदिवासी लड़के को हाथ पैर बाँधकर बैठाया गया था.

यह एक टूटा-फूटा घर है, जहाँ पर कथित रूप से सामूहिक बलात्कार हुआ. घर के अंदर एक बेड पड़ा था.

जब मैंने घटना के बारे में गाँव के लोगों से बात करने की कोशिश की तो शुरू-शुरू में कोई भी बात करने के लिए राजी नहीं हो रहा था.

यह बहुत ही आश्चर्यजनक बात थी कि धीरे-धीरे जब लोग बोलने लगे तो सारे लोग यह मानने के लिए राजी नहीं थे कि वहाँ सामूहिक बलात्कार हुआ है.

एक ही बात

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अधिकांश लोगों ने बताया कि लड़की और दूसरे ग़ैर-आदिवासी लड़के को पकड़ा गया था. इन दोनों को गाँव की पंचायत में बुलाया गया था. पूरी रात भर उनको बाँधकर रखा गया था.

गाँव के महिलाएं और पुरुष दोनों की निगरानी रख रहे थे ताकि कोई हादसा न हो जाए. दोनो भाग न जाएं.

गाँव की महिलाओं और पुरुषों के अनुसार सुबह पंचायत में यह फ़ैसला सुनाया गया कि दोनों को 25-25 हज़ार रुपए जुर्माना भरना पड़ेगा. जुर्माना भरने के बाद दोनों को ही छोड़ दिया गया था. जिनसे भी हम सवाल कर रहे थे, सभी लोगों का जवाब एक ही था. उसमें कोई अंतर नहीं था.

यह एक आश्चर्यजनक बात है कि सारे लोग एक ही बात दोहरा रहे थे. एक महिला जो बात बोल रही थी. उसी तरह की बात सारे लोग कर रहे थे.

छोटे भाई की बात

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मैं गाँव में लड़की के सबसे छोटे भाई सोम मुर्मू से मिला. वह एफ़आईआर दर्ज़ होने वाली घटना की रात को दूसरे गाँव में अपने रिश्तेदार के घर गए हुए थे. उनको अपनी दीदी और माँ से जो सुनने को मिला सोम मुर्मू वही बोल रहे थे.

उन्होंने अपनी बहन के साथ सामूहिक बलात्कार की बात की और यही बात एफ़आईआर में भी है.

दूसरी तरफ़ पुलिस ने जिन 13 लोगों को न्यायिक हिरासत में भेजा था, उनको कल दोबारा न्यायालय में हाजिर करके पुलिस हिरासत में छह फ़रवरी तक भेज दिया गया.

तीन-चार अभियुक्तों को लेकर पुलिस गाँव गई थी, ताकि पूरी घटना घटित होने की जाँच हो सके. पुलिस की तरफ़ से कहा जा रहा है कि लड़की अपनी माँ के साथ एफ़आईआर दर्ज़ कराने के लिए आई थी.

कल ही ज़िला पुलिस अधीक्षक जी सुधाकर को उनके पद से हटा दिया गया है. पश्चिमी रेंज के आई जी सिद्धिनाथ गुप्ता को अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है.

उन्होंने पदभार संभाल लिया है. अभियुक्तों को घटना स्थल पर ले जाकर पुलिस घटना को रिक्रिएट करने यानी पूरे घटनाक्रम को उसी तरह दोबारा समझने की कोशिश कर रही है.

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