रैनबैक्सी की दवाओं के अमरीका में निर्यात पर रोक

  • 24 जनवरी 2014
रैनबैक्सीः भारत की दवा निर्माता कंपनी, कारखाने के दवा निर्यात, अमरीका में रोक Image copyright Reuters

भारत की सबसे बड़ी दवा निर्माता कंपनी रैनबैक्सी लैबोरेट्री के शेयरों में शुक्रवार को क़रीब बीस फ़ीसदी की गिरावट हुई. अमरीकी नियामकों ने कंपनी से दवाओं के आयात पर रोक लगाने के फ़ैसले के बाद कंपनी के शेयर्स औंधे मुँह गिरे.

अमरीका के फ़ूड एण्ड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफ़डीए) ने वृहस्पतिवार को कहा था कि भारत के पंजाब स्थित कारख़ाने में दवाओं के निर्माण के दौरान अनियमितता बरती जा रही है.

जेनेरिक दवाओं का निर्माण करने वाली दवा कंपनी रैनबैक्सी के लिए अमरीका सबसे प्रमुख बाज़ारों में से एक है.

अमरीकी नियामकों ने हाल के वर्षों में रैनबैक्सी के तीन अन्य भारतीय कारख़ानों के उत्पादों पर प्रतिबंध लगाया है.

समाचार एजेंसी एफ़पी के मुताबिक़ रैनबैक्सी के भारत स्थित कारख़ानों से दवाओं के आयात पर रोक के बाद बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज में कंपनी के शेयर 346.20 रूपए तक पहुंच गए.

इसके पहले इनकी क़ीमत 417.15 रुपए थी. रैनबैक्सी तोंसा स्थिति कारख़ाने में एक्टिव फ़ार्मास्युटिकल इनग्रेडियंट्स का निर्माण करती है, जिसका इस्तेमाल दिल की बीमारियों और नर्वस सिस्टम डिसऑर्डर के उपचार के लिए होता है.

विवाद

इससे पहले कंपनी के मोहाली स्थित कारख़ाने और दो अन्य कारख़ानों पर रोक लगाई गई थी. इससे कंपनी अमरीका में अपने सबसे बड़े बाज़ार में दवाओं का निर्यात नहीं कर सकेगी.

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Image caption शेयर बाज़ार में रैनबैक्सी के शयरों में करीब 20 फ़ीसदी तक की गिरावट दर्ज़ की गई है.

कंपनी के पंजाब स्थित तोंसा कारख़ाने में कच्चे माल और दवाओं के दोबारा परीक्षण करने की बात कही जा रही है. नियामकों के मुताबिक़, "ये दवाएं और कच्चा माल विश्लेषणात्मक परीक्षणों और स्वीकार्य निर्देशों पर विफल हो गए थे."

अमरीकी नियामक के ताज़ा क़दम का अर्थ है कि रैनबैक्सी अब अमरीका में उन दवाओं का निर्यात नहीं कर सकती, जिनका निर्माण इस कारखाने में होता है. नियामक संस्था के सदस्य कारख़ाने की दोबारा जाँच करने और कंपनी की तरफ़ से उठाए क़दमों से संतुष्ट होने के बाद दवाओं के निर्यात पर लगे ताज़ा प्रतिबंध को हटाया जा सकता है.

रैनबैक्सी ने बीएसई की वेबसाइट पर पर कहा, "आंतरिक जाँच पूरी होने के बाद उपयुक्त क़दम उठाए जाएंगे."

जापानी दवा कंपनी दाइची ने 2008 में भारत की अग्रणी दवा कंपनी रैनबैक्सी पर अपना अधिकार कर लिया था. पिछले 12 महीनों में कंपनी के शेयरों में क़रीब 24 फ़ीसदी की गिरावट हुई है. दाइची ने वर्तमान की क़ीमतों से क़रीब दोगुनी क़ीमत (737 रुपए प्रति शेयर) देकर शेयर ख़रीदे थे.

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