खो-खो खिलाड़ियों के यौन उत्पीड़न का आरोप

  • 31 जनवरी 2014
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छत्तीसगढ़ में खो-खो खिलाड़ियों की यौन प्रताड़ना का सनसनीखेज़ मामला सामने आया है.

राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर खो-खो खेल चुकी आदिवासी लड़कियों ने इस मामले में पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई है.

रिपोर्ट दर्ज होने के बाद छत्तीसगढ़ खो-खो संघ के सचिव, कोषाध्यक्ष व बालक वर्ग के कोच को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है.

दुर्ग ज़िले के भट्ठी पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराने से पहले इन नाबालिग आदिवासी लड़कियों ने सेल फ़ोन से अभियुक्तों की चुपके-चुपके वीडियो क्लिप बनाई और उसे बतौर सबूत पेश किया.

इलाके की विधायक और राज्य महिला बाल विकास मंत्री रमशीला साहू का कहना है “इस तरह की घटनाएं बेहद शर्मनाक हैं और सरकार ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी.”

खेल आयोजनों में यौन शोषण

वहीं यौन प्रताड़ना के आरोप में पकड़े गए अभियुक्तों का कहना है कि उन्होंने ऐसा कुछ नहीं किया है और उन्हें क्यों फंसाया गया है, इसका भी उन्हें अनुमान नहीं है.

राज्य के खेल आयोजनों में छेड़छाड़ और यौन शौषण के आरोप पहले भी लगते रहे हैं.

भिलाई के सेक्टर चार स्थित जिस इलाके में यह घटना हुई है, वहां कुछ साल पहले ही जूडो की खिलाड़ी के साथ कोच द्वारा दुष्कर्म का मामला सामने आया था. इसमें कोच को 7 साल की सजा सुनाई गई थी.

प्रशिक्षण शिविर

मौजूदा मामला भिलाई के सेक्टर चार से जुड़ा हुआ है. सेक्टर चार स्थित खो-खो मैदान में छत्तीसगढ़ महिला टीम का प्रशिक्षण शिविर नौ जनवरी से चल रहा है.

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Image caption राज्य के खेल आयोजनों में छेड़छाड़ और यौन शौषण के आरोप पहले भी लगते रहे हैं.

गोवा में 10 फरवरी से होने वाले वेस्ट जोन खो-खो स्पर्धा व राष्ट्रीय खो-खो स्पर्धा की तैयारी के लिये आयोजित इस प्रशिक्षण शिविर में महिला टीम की 11 खिलाड़ी शामिल थीं, जिनमें से छह नाबालिग हैं.

महिला खिलाड़ियों के अनुसार उन्हें महिला हॉस्टल की बजाए संघ के कार्यालय में ठहराया गया था. उनका कहना है कि पहले दिन से ही छत्तीसगढ़ खो-खो संघ के सचिव एस रामू लड़कियों के साथ अश्लील हरकतें करने लगे थे.

रात को कमरे में आकर लड़कियों के साथ छेड़छाड़, अश्लील बातचीत के साथ-साथ लड़कियों को धमकाया भी गया.

'धमकी'

आरोप है कि रामू के साथ छत्तीसगढ़ खो-खो संघ के कोषाध्यक्ष जगबंधु जेना व बालक टीम के कोच मुरली रेड्डी उर्फ जग्गा भी छेड़छाड़ में शामिल थे. महिला खिलाड़ियों का आरोप है कि दोनों अपने मोबाइल फ़ोन पर ब्लू फिल्मों की क्लिपिंग दिखा कर उन्हें भी ऐसा करने के लिए उकसाया करते थे.

महिला खिलाड़ियों का आरोप है कि उन्हें अलग बुलाकर उनके साथ यौन प्रताड़ना की भी कोशिश की गई. जिन महिला खिलाड़ियों ने विरोध किया, उन्हें शिविर से बाहर निकालने की धमकी दी गई. यहां तक कि दो खिलाड़ियों को प्रशिक्षण में शामिल होने से रोक दिया गया.

पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराने वाली इन महिला खिलाड़ियों में से एक ने बताया, “पिछले दो साल से खो-खो संघ के सचिव एस रामू खिलाड़ियों के साथ यौन दुर्व्यवहार कर रहे थे. लेकिन हम लड़कियां चुप रह जा रही थीं. इस बार प्रशिक्षण शिविर में जो कुछ हुआ, उससे हमें लगा कि अब और चुप नहीं रहना चाहिए.”

अश्लील हरकतों की क्लिप

महिला खिलाड़ियों ने इस बारे में अपने परिजनों से बात की और 27 और 28 जनवरी को खो-खो संघ के अध्यक्ष एस रामू को अश्लील हरकतें करते हुए चुपके-चुपके सेल फोन से उसकी क्लिपिंग बनाई.

Image caption आरोप है कि महिला खिलाड़ियों को मोबाइल फोन पर ब्लू फिल्मों की क्लिपिंग दिखाई जाती था.

अगले दिन सभी 11 महिला खिलाड़ी अपने परिजनों के साथ थाने पर पहुंचीं और वहां उन्होंने छत्तीसगढ़ खो-खो संघ के सचिव एस रामू, कोषाध्यक्ष जगबंधु जेना व बालक टीम के कोच मुरली रेड्डी उर्फ जग्गा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई.

भिलाई के सीएसपी वीरेंद्र सतपथी के अनुसार पुलिस ने इस मामले में रिपोर्ट दर्ज करने के बाद तीनों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है.

छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के महासचिव बशीर अहमद खान मानते हैं कि इस घटना का असर दूसरे खेलों में शामिल महिला खिलाड़ियों पर तो पड़ेगा ही, उनके अभिभावकों का भी विश्वास टूटेगा.

वे कहते हैं, ”इसकी जितनी भी निंदा की जाए, कम है. इस घटना की जांच सख्ती से हो और उस पर कार्रवाई हो.”

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