केजरीवाल के आरोपों पर तीखी प्रतिक्रियाएँ

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Image caption केजरीवाल का कहना है कि देश में गैस की क़ीमतें तय करने के मामले में घोटाला हो रहा है

देश में गैस की क़ीमतें तय करने के मामले में कथित भ्रष्टाचार से जुड़े दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आरोपों पर तीखी प्रतिक्रियाएँ सामने आई हैं.

केजरीवाल ने कहा है कि उन्होंने भ्रष्टाचार निरोधक शाखा को रिलायंस इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड के प्रमुख मुकेश अंबानी, पूर्व केंद्रीय मंत्री मुरली देवड़ा और मौजूदा पेट्रोलियम मंत्री वीरप्पा मोइली के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज करने का आदेश दिया है.

इन आरोपों के बाद रिलायंस ने एक बयान जारी करके केजरीवाल के फ़ैसले को 'क्षुब्ध करने वाला' बताया है. बयान के अनुसार, "हम इन ग़ैर-ज़िम्मेदाराना आरोपों से इनकार करते हैं अपनी प्रतिष्ठा बचाने के लिए उपलब्ध वैधानिक ज़रियों का इस्तेमाल करेंगे."

मुख्यमंत्री केजरीवाल की इस घोषणा के बाद रिलायंस इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड के शेयरों में दो प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई.

उधर पेट्रोलियम मंत्री एम वीरप्पा मोइली ने कहा, "मेरे ख़्याल से मुझे उनकी अनभिज्ञता पर सहानुभूति व्यक्त करनी चाहिए. उन्हें पता होना चाहिए कि सरकार कैसे काम करती है, ये सब काम कैसे होते हैं. विशेषज्ञों की सलाह के बिना कुछ भी नहीं होता."

आरोप

केजरीवाल ने मंगलवार दिन में दिल्ली में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि देश के चार जाने-माने लोगों ने दिल्ली सरकार को शिकायत की है कि देश में गैस की क़ीमतें तय करने के मामले में घोटाला हो रहा है.

अरविंद केजरीवाल का कहना था कि इस शिकायत में रिलायंस इंडस्ट्रीज की एक कॉस्ट शीट नत्थी की गई है जिसके मुताबिक़ कुएं से गैस निकालने की लागत प्रति यूनिट एक डॉलर से भी कम है. रिलायंस ने केजी बेसिन से गैस निकालने के लिए एनटीपीसी के साथ 17 साल का क़रार किया है.

केजरीवाल ने कहा कि गैस को क़रीब 2.3 डॉलर प्रति यूनिट के हिसाब से बेचा जाना था लेकिन रिलायंस ने कुछ मंत्रियों साथ मिलकर जल्दी ही इसे बढ़ाकर चार डॉलर प्रति यूनिट कर दिया.

उन्होंने कहा कि रिलायंस ने जानबूझकर तेल के कुओं के कम गैस निकालकर गैस की कृत्रिम कमी बना रखी है और अब गैस के दाम प्रति यूनिट बढ़ाकर आठ डॉलर करने की तैयारी है.

केजरीवाल ने कहा कि रिलायंस के साथ इस परियोजना में सहयोगी कंपनी बांग्लादेश को दो डॉलर प्रति यूनिट के हिसाब से गैस बेच रही है.

राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ

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Image caption रिलायंस ने केजरीवाल के आरोपों को ख़ारिज किया है

उन्होंने कहा कि एक अप्रैल से देश में गैस के दाम दोगुना करने की तैयारी की जा रही है जिससे देश में महंगाई चरम पर पहुँच जाएगी. इससे रिलायंस को प्रतिवर्ष 54 हज़ार करोड़ रुपए की आय होगी जबकि देश को महंगाई की मार झेलनी होगी.

उन्होंने सवाल उठाया कि कांग्रेस और विपक्षी दल चुप क्यों हैं.

केजरीवाल ने कहा कि वह इस मामले में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और मोइली को पत्र लिखेंगे.

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार इसके बाद भारतीय जनता पार्टी के नेता यशवंत सिन्हा ने कहा है कि इसमें कोई आपराधिक मामला है या नहीं ये देखना पुलिस और अदालत का काम है. वहीं कांग्रेस नेता अजय माकन ने कहा कि राजनीतिक दुर्भावना से कोई जाँच नहीं होनी चाहिए मगर साथ ही उनका कहना था कि पार्टी किसी भी जाँच के ख़िलाफ़ नहीं है.

उधर मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने दिल्ली सरकार के फ़ैसले का स्वागत किया है और कहा है कि वामपंथी पार्टियाँ तो पिछले तीन वर्षों से ये मुद्दा उठा रही हैं.

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