गैस एफ़आईआर: सच्चा कौन, केजरीवाल या एसीबी?

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दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के भ्रष्टाचार निरोधक शाखा को गैस की हेराफेरी के मामले में एफ़आईआर दर्ज करने का आदेश देने के बाद दिल्ली सरकार की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा ने एफ़आईआर दर्ज कर लिया है. शाखा के ड्यूटी अफ़सर कृष्ण कुमार ने बीबीसी को बताया कि एफ़आईआर में अभी तक किसी व्यक्ति विशेष का नाम नहीं हैं.

वहीं दूसरी तरफ़ अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि इस तरह की ख़बरें ग़लत हैं और एफ़आईआर में बाज़ाबता उन चारों के नाम हैं.

केजरीवाल ने मंगलवार को उद्योगपति मुकेश अंबानी, पूर्व केंद्रीय मंत्री मुरली देवड़ा और मौजूदा पेट्रोलियम मंत्री वीरप्पा मोइली के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज करने का आदेश दिया था.

इससे पहले केजरीवाल ने दिल्ली में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा था कि उन्हें शिकायत मिली है कि देश में गैस की क़ीमते तय करने के मामले में घोटाला हो रहा है.

केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री एम वीरप्पा मोइली ने आरोपों को ख़ारिज करते हुअ कहा था कि पेट्रोलियम उत्पादों की क़ीमतों का निर्धारण एक तय प्रक्रिया के तहत होता है.

इस मामले में अरविंद केजरीवाल का कहना है कि इस शिकायत में रिलायंस इंडस्ट्रीज की एक कॉस्ट शीट नत्थी की गई है जिसके मुताबिक़ कुएं से गैस निकालने की लागत प्रति यूनिट एक डॉलर से भी कम है.

'मंत्रियों से साठगांठ'

उन्होंने कहा कि गैस को क़रीब 2.3 डॉलर प्रति यूनिट के हिसाब से बेचा जाना था लेकिन रिलायंस ने कुछ मंत्रियों के साथ मिलकर इसे बढ़ाकर चार डॉलर प्रति यूनिट कर दिया और अब गैस के दाम प्रति यूनिट बढ़ाकर अब आठ डॉलर करने की तैयारी है.

रिलायंस ने केजी बेसिन से गैस निकालने के लिए एनटीपीसी के साथ 17 साल का क़रार किया है.

कांग्रेस नेता अरविंदर सिंह लवली ने कहा कि केजरीवाल लोंगों को बेवकूफ बना रहे हैं.

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