ओड़िया को मान्यता मिलने पर ख़ुशी

  • 21 फरवरी 2014
ओडिया भाषा Image copyright

ओड़िया भाषा को शास्त्रीय भाषा की मान्यता मिलने के बाद ओडिशा में अब उत्सव का माहौल है. लेकिन इसकी कोई तैयारी नहीं होने पर विवाद भी शुरू हो गया है.

हालांकि इस अवसर पर राज्य में खुशी और उत्सव का माहौल है.

राज्य सरकार के सभी सरकारी दफ्तर रंगीन लाइटों से सजाए गए हैं.

ओडिशा साहित्य अकादमी ने एक विशेष सभा का आयोजन किया है.

सरकारी स्कूलों में गुरुवार से तीन दिनों का ओड़िया भाषा जागरूकता कार्यक्रम शुरू किया गया है.

रोडमैप नहीं

कुछ भाषाविद मानते हैं कि अब तक ओडिया भाषा के प्रचार और प्रसार के लिए रोडमैप तैयार कर लिया जाना था, जो नहीं हो सका.

जाने-माने समीक्षक असित मोहंती कहते हैं; " ओड़िया भाषा को शास्त्रीय मान्यता मिलना पिछले वर्ष २३ जुलाई को ही तय हो गया था, जब केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय द्वारा गठित भाषा विशेषज्ञ कमिटी ने इस प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी थी.''

वह कहते हैं, '' इन सात महीनों में हमने नहीं सोचा कि मान्यता को लेकर हमें करना क्या है. न सरकार की ओर पहल हुई और न ही ओड़िया भाषा के लिए काम करने वाली संस्थाओं की ओर से."

ओड़िया के प्रचार- प्रसार के लिए राज्य सरकार द्वारा गठित ओड़िया भाषा प्रतिष्ठान के अध्यक्ष डॉ प्रसन्न कुमार मोहंती इसका खंडन करते हैं.

Image copyright

बीबीसी के साथ बातचीत में उन्होंने कहा; "शास्त्रीय मान्यता मिलने से पहले ही हमने भाषा के प्रचार और प्रसार के लिए कई कार्यक्रम शुरू किए हैं. इनमें प्रमुख है ओड़िया भाषा का इतिहास और प्रचलित ओड़िया शब्दों के एक विस्तृत संग्रह का प्रकाशन.''

उनका कहना है, '' ये दोनों संग्रह अगले दो महीनों में प्रकाशित हो जाएंगे. अब हम कई और ऐसे कार्यक्रम हाथ में ले पाएंगे."

कई सुविधाएं

जाने-माने भाषाविद पद्मश्री डॉक्टर देबी प्रसन्न पटनायक कहते हैं, "ओड़िया को शास्त्रीय मान्यता मिलने के बाद इसके प्रचार-प्रसार के लिए राज्य को कई सुविधाएं मिलेंगी.''

इनमे प्रमुख हैं केंद्र सरकार की ओर से 100 करोड़ रुपयों का एकमुश्त अनुदान, जिसके तहत राज्य में 'शास्त्रीय ओड़िया' के नाम से एक 'सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस' स्थापित किया जाएगा, जिसके जरिए ओड़िया भाषा में शोध के कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे.

इसके अलावा हर वर्ष केंद्र की ओर से पांच करोड़ की अनुदान राशि मिलती रहेगी. सभी केन्दीय विश्वविद्यालयों में ओड़िया चेयरस्थापित किए जाएंगे. हर वर्ष ओड़िया भाषा में मौलिक शोध के लिए दो अंतराष्ट्रीय पुरस्कार दिए जाएंगे.

मुख्यमंत्री नहीं जानते ओडिया

लेकिन इसे विडम्बना ही कहा जाएगा कि जिस राज्य की भाषा को शास्त्रीय मान्यता मिली, उसका मुख्यमंत्री एक ऐसा व्यक्ति है जो ओड़िया पढ़-लिख और बोल नहीं पाता.

असित मोहंती कहते हैं, "मज़े की बात ये है कि ओड़िया भाषा प्रतिष्ठान के अध्यक्ष होने के नाते जब मुख्यमंत्री इसकी बैठक में हिस्सा लेते हैं, तो वह अंग्रेजी में बोलते हैं."

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार