राजीव हत्याकांड: फांसी और रिहाई पर राजनीति न करने का आग्रह

  • 22 फरवरी 2014
पेरारिवलन Image copyright AFP
Image caption पेरारिवलन की मौत की सज़ा को सुप्रीम कोर्ट ने उम्रक़ैद में बदल दिया

राजीव गांधी हत्याकांड में मौत की सज़ा सुनाए जाने के बाद से जेल में बंद दोषी पेरारिवलन की बहन ने फांसी की सज़ा और रिहाई के मुद्दे पर सियासत नहीं करने का अनुरोध करते हुए भारतीय क़ानून और न्याय-व्यवस्था में अपना भरोसा जताया है.

राजीव हत्याकांड के दोषियों की रिहाई की सिफ़ारिश

पेरारिवलन की बहन जी अरुलसेल्वी ने शुक्रवार को एक बयान जारी कर कहा कि इस मामले में उनके दुर्भाग्य को लेकर सियासी अटकलें नहीं लगाई जानी चाहिए.

प्रक्रियाबद्ध तरीके से क़ैदियों को रिहा करने की बात कहते हुए अरुलसेल्वी ने कहा है, ''माननीय उच्चतम न्यायायल ने इस मामले में उन क़ैदियों की पीड़ा और उन पर हुए अमानवीय असर को स्वीकार किया है जिन्हें मौत की सज़ा सुनाई गई थी, जो कई वर्षों से जेल में बंद हैं.''

राजीव हत्याकांड के दोषियों की रिहाई पर रोक

बयान में कहा गया है, ''पेरारिवलन, संथन और मुरुगन अपने जीवन के 22 साल कालकोठरी में अकेले बंद रहकर गुजार चुके हैं. इस दौरान किसी भी वक्त फांसी पर लटकाए जाने की संभावना की वजह से हर दिन उन्होंने भयानक तनाव का सामना किया है जिसकी वजह से उनका दिमाग, शरीर और आत्मा तीनों धीरे-धीरे एक दूसरे से अलग होते गए हैं.''

बयान में कहा गया है, ''हम सुप्रीम कोर्ट के इस फ़ैसले का स्वागत करते हैं और उसे धन्यवाद कहते हैं कि उसने उस निर्विवाद मानवीय पक्ष का लागू किया है जो वर्ष 1983 में पहली बात तब अस्तित्व में आया था जब उन मामलों में मौत की सज़ा पर रोक लगाई थी जो कई वर्षों से लंबित हैं. इस फ़ैसले से क़ानून और न्यायिक प्रक्रिया में हमारा भरोसा और मज़बूत हुआ है.''

ताज़ा घटनाक्रम

सुप्रीम कोर्ट ने भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या के जुर्म में सज़ा काट रहे संथन, मुरुगन और पेरारीवालन की रिहाई पर रोक लगाई है. तमिलनाडु सरकार इन्हें रिहा करना चाहती है.

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हालांकि इससे पहले सुप्रीम कोर्ट एक महत्वपूर्ण फ़ैसला सुनाते हुए राजीव गांधी हत्याकांड में शामिल संथन, मुरुगन और पेरारीवलन की मौत की सज़ा को उम्रक़ैद में बदल चुकी है.

लेकिन केंद्र सरकार ने तमिलनाडु सरकार के इस इरादे के विरुद्ध सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया था. सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र की याचिका पर फ़ैसला सुनाते हुए कहा है कि राजीव गांधी हत्याकांड में सज़ा काट रहे क़ैदियों की रिहाई में प्रक्रियागत ख़ामियां पाई हैं.

सुप्रीम कोर्ट के इस फ़ैसले से संतन, मुरुगन और पेरारिवलन सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं क्योंकि केंद्र सरकार की याचिका में केवल इन तीनों के नाम का उल्लेख किया गया है.

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पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी वर्ष 1991 के आम चुनाव में प्रचार के दौरान तमिलनाडु के श्रीपेरंबदूर में एक आत्मघाती बम हमले में मारे गए थे.

हत्याकांड में दोषी क़रार दिए गए लोगों को रिहा करने की तमिलनाडु सरकार की सिफ़ारिश पर राहुल गांधी ने कहा है कि वह फांसी के ख़िलाफ़ हैं लेकिन 'जब प्रधानमंत्री को न्याय नहीं मिला तो ग़रीब व्यक्ति को न्याय कभी नहीं मिल सकता'.

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