भाजपाई बने उदित राज का 'दलित एजेंडा'

दलित नेता उदित राज भाजपा में शामिल इमेज कॉपीरइट udit raj

चर्चित दलित कार्यकर्ता और नेता उदित राज भाजपा में शामिल हो गए हैं. उदित राज ने अपनी इंडियन जस्टिस पार्टी का भी भाजपा में विलय कर दिया है. हालांकि उदित राज को संघ परिवार की विचारधारा का विरोधी माना जाता था. ऐसे में उनका भाजपा में शामिल होना कई लोगों को चौंका गया. पेश है उदित राज से ख़ास बातचीत.

भाजपा में जाने का फ़ैसला अभी किया या इसकी पृष्ठभूमि पहले से तैयार हो रही थी?

दलित भागीदारी भाजपा में संभव है. कांग्रेस ने एक भी ऐसा काम नहीं किया जिससे कहा जा सके कि इन वर्गों की हालत में सुधार आ सके.

जब देश आज़ाद हुआ था तब दलित जहां खड़े थे आज भी वहीं हैं. आज भी किसी क्षेत्र में भागीदारी नहीं हो पाई है. भाजपा दलितों को भागीदारी देगी. भाजपा सत्ता में उसी तरह स्थापित होगी जैसे कभी कांग्रेस रही है.

भाजपा ने आपको किस तरह आश्वस्त किया, भाजपा का भी तो ऐसा ट्रैक रिकॉर्ड नहीं है कि कोई दलित नेता उभरकर आया हो?

भाजपा भी बदली है, हम लोग भी बदले हैं. जब वाजपेयी जी की सरकार थी तब हमारी बातें ज़्यादा सुनी गई थीं.

कांग्रेस की हुकूमत के 10 साल में कुछ नहीं हुआ.

वाजपेयी की आप बात कर रहे हैं तब आप क्यों नहीं भाजपा में शामिल हुए?

वो परिस्थितियां और थीं, दूसरी बात ये है कि उम्मीद थी कि कांग्रेस कुछ बेहतर करेगी ऐसा किया नहीं.

भाजपा की विनिवेश की नीति से हम परेशान ज़रूर थे. लेकिन कांग्रेस आई तो और कोई अच्छा काम नहीं किया है. इसलिए तुलनात्मक रूप से देखें तो भाजपा कुछ मामलों में अच्छी ही रही है. और अब भाजपा में भी बदलाव आया है.

राष्ट्र को सशक्त बनाना चाहते हैं. इस दृष्टि से हम भाजपा में आए हैं.

कुछ ऐसी चीज़ें आप बता सकते हैं जिनको लेकर भाजपा ने आपको आश्वस्त किया हो?

साल 2004 से आरक्षण क़ानून बनाने के लिए संसद में विधेयक लंबित है, भाजपा की सरकार होगी तो पास होगा.

पदोन्नति में आरक्षण का विधेयक पास होगा. स्पेशल कंपोनेंट प्लान, ट्राइबल सबप्लान पास किए जाएंगे. इनको क़ानूनी मान्यता मिलेगी, इन मसलों पर भाजपा ने हमें आश्वस्त किया है.

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