हिरासत में ही रहेंगे सहारा प्रमुख सुब्रत रॉय

  • 4 मार्च 2014
सुब्रत रॉय सहारा Image copyright AFP

सुप्रीम कोर्ट ने सहारा प्रमुख सुब्रत रॉय और समूह के दो निदेशकों को हिरासत में रखने का आदेश दिया है. उन्हें अगली सुनवाई 11 मार्च को पेश होने को कहा गया है.

सुप्रीम कोर्ट ने सुब्रत रॉय को कहा है कि अगर उनके पास इससे पहले निवेशकों के पैसे लौटाने के लिए कोई किसी ठोस योजना आती है तो वह मामले की सुनवाई पहले भी करने की अपील कर सकते हैं.

अदालत ने कहा, "हम सहारा के प्रस्ताव से ख़ुश नहीं हैं. सहारा निवेशकों का पैसा लौटाने की किसी ठोस योजना के साथ सामने नहीं आया है."

अदालत ने यह भी कहा, "आप नकद में भुगतान नहीं कर सकते क्योंकि यह कानून के ख़िलाफ़ है. आपको डिमांड ड्राफ़्ट या चेक से ही भुगतान करना है."

सर्वोच्च अदालत ने कहा कि इससे पहले सहारा समूह सेबी, सैट, हाईकोर्ट की कार्यवाहियों में अतार्किक तरीका अपनाता रहा है.

सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि देश के आर्थिक विकास और राष्ट्र हित के लिए बाज़ार की शुद्धता बनाए रखना बेहद ज़रूरी है.

बाज़ार में धोखाधड़ी बेहद गंभीर वित्तीय अपराध है जो देश के वित्तीय ढांचे को कमज़ोर बनाता है.

इसके अलावा सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों की अवहेलना न्यायिक ढांचे की चूलों को हिलाने वाला है और यह कानून के राज को कमज़ोर करता है.

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार सहारा की महिला निदेशकों को हिरासत से छूट दी गई है.

"हमें बचा लीजिए"

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इससे पहले सहारा मंगलवार को यूपी पुलिस ने उन्हें सुप्रीम कोर्ट में पेश किया था जहां अदालत परिसर में पहुँचते ही एक व्यक्ति ने उन पर स्याही फेंक दी.

इसी हंगामे के बीच अदालत में पेश हुए सुब्रत रॉय ने अदालत से बिना शर्त माफ़ी मांगी लेकिन साथ ही कहा कि पिछली सुनवाई में अदालत में पेश न होने पाने की वजह जायज थी.

सहारा प्रमुख ने सर्वोच्च अदालत को भरोसा दिलाया कि सभी निवेशकों का पैसा वापस किया जाएगा. उन्होंने अदालत से इसके लिए और समय की मांग की.

इससे पहले उनके वकील राम जेठमलानी ने निवेशकों का पैसा लौटाने के लिए दो महीने का समय मांगा था.

सुब्रत रॉय ने अदालत से कहा, "मुझे आप पर पूरा भरोसा है और अगर मैं आपके आदेश का पालन न करूं तो आप मुझे दंडित कीजिए."

सुब्रत रॉय ने यह भी प्रस्ताव रखा कि सेबी को जो उन्होंने बैंक गारंटी दी है उसे भी भुनाया जा सकता है.

उन्होंने कहा, "मैं हाथ जोड़कर आपसे प्रार्थना करता हूं कि कृपया हमें बचा लीजिए."

अदालत ने सहारा प्रमुख को कहा कि अगर आप अपनी इन बातों को लेकर गंभीर होते तो आज इन सबकी नौबत नहीं आती. सर्वोच्च न्यायालय ने अपना रुख कड़ा करते हुए यह भी कहा कि सहारा को निवेशकों का सारा पैसा आरबीआई के पास जमा करना होगा.

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