जब जिप्सी पधारेंगे आपणो देस..

  • 13 मार्च 2014
जिप्सी फ़ेस्टिवल

जोधपुर में 13 मार्च से शुरू होने जा रहा है फ़्लेमेंको जिप्सी फ़ेस्टिवल.

इस समारोह में शिरकत कर रहे हैं राजस्थानी लोकसंगीत के कलाकार और विदेश से आए मशहूर फ़्लेमेंको संगीतज्ञ.

तस्वीर में मौजूद हैं फ़्लेमेंको गिटारिस्ट पाब्लो डोमिनिगेज़ और लांगरिया घराने के तबला वादक छोटे ख़ां.

लांगरिया घराने की ताल पर थिरकने के लिए सपेरा घराने की नृत्यांगनाए भी मौजूद हैं.

सपेरा घराना अपने कालबेलिया नृत्य के लिए विख्यात है.

13 मार्च से 15 मार्च तक जोधपुर के मेहरानगढ़ किले में यह समारोह चलेगा.

फ़्लेमेंको जिप्सी महोत्सव का मुख्य आकर्षण रहेंगे राजस्थानी लोकसंगीत पर थिरकती नर्तकियां और इसे सफल बनाने के लिए भरपूर रिहर्सल भी हो रही है.

इस तस्वीर में नज़र आ रही हैं स्पेनिश नर्तकी कारेन लूगो.

भले ही ये कलाकार एक दूसरे की ज़ुबां ना समझें लेकिन संगीत ही इन्हें जोड़ता है. तभी तो शायद कहा जाता है कि संगीत की कोई ज़ुबां नहीं होती.

इस तस्वीर में फ़्लेमेंको और राजस्थानी लोकगीत की जुगलबंदी का एक दृश्य.

ये पहला मौक़ा होगा जब फ़्लेमेंको संगीत के दिग्गज (दाएं) ऑगस्टिन कार्बोनेल और पेपे हैबिचुएला (बीच) भारत में एक साथ एक ही मंच पर परफ़ॉर्म करेंगे.

फ़्लेमेंको संगीत की ख़ास बात ये है कि इसमें बजाए जाने वाले यंत्रों में लकड़ी के डिब्बों का भी इस्तेमाल होता है.

गुरुवार से शुरू होने वाले इस समारोह के लिए फ़्लेमेंको और राजस्थानी लोक संगीतकारों का मेला जोधपुर में लग चुका है. ज़ोर-शोर से रिहर्सल चल रही है. अगले तीन दिन जोधपुर का मेहरानगढ़ क़िला गीत संगीत की धुनों से गूंजने वाला है.

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