झारखंडः माओवादियों ने उड़ाया स्कूल भवन

  • 22 मार्च 2014
झारखंड माओवादी

आम चुनाव की तारीख़ जैसे-जैसे नज़दीक आ रही है, उसी के साथ झारखंड में माओवादी गतिविधियां तेज़ हो गईं हैं.

ताज़ा वारदात में भाकपा माओवादी के हथियारबंद दस्ते ने एक स्कूल भवन उड़ा दिया है. घटना गिरिडीह जिले के नौकनिया गांव में हुई.

यहां भाकपा माओवादी के हथियारबंद दस्ते ने डायनामाइट लगाकर एक स्कूल भवन को उड़ा दिया. साथ ही उनकी ओर से वोट बहिष्कार का फ़रमान भी जारी किया गया है.

गिरिडीह के आरक्षी अधीक्षक क्रांति कुमार ने इस घटना की पुष्टि की है.

उन्होंने बीबीसी को बताया कि शुक्रवार देर रात माओवादियों ने नौकनिया गांव के स्कूल भवन को उड़ा दिया. माओवादियों ने काफी शक्तिशाली डायनामाइट का इस्तेमाल किया है.

यही नहीं, माओवादियों ने जगह-जगह वोट बहिष्कार के पोस्टर चिपकाए हैं, जिन्हें ज़ब्त किया जा रहा है.

पुलिस के मुताबिक़ गांव के लोग सहमे हुए हैं, लिहाजा उन्होंने पुलिस को कुछ भी जानकारी देने से इनकार कर दिया है.

फ़िलहाल पुलिस ने तलाशी अभियान तेज़ कर दिया है. गिरिडीह ज़िला मुख्यालय से यह गांव क़रीब 50 किलोमीटर दूर है.

चेतावनी

माओवादियों के लगाए पोस्टरों में मतदान कराने वाले सरकारी कर्मचारियों को पुलिस के साथ न आने की हिदायत दी गई है.

साथ ही राजनीतिक दलों को भी निशाने पर लिया गया है.

राज्य के पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार ने कहा है कि नक्सली गतिविधियों पर नज़र रखने के लिए चेतावनी जारी करते हुए सभी जिलों के एसपी को विशेष निर्देश दिए गए हैं.

केंद्रीय पुलिस बलों के साथ राज्य की पुलिस लगातार तलाशी अभियान चला रही है. अंतरराज्यीय स्तर पर भी साझा अभियान चलाने की तैयारी हो रही है.

उन्होंने बताया कि शुक्रवार को हज़ारीबाग ज़िले के दुरागढ़ जंगल से दो सिलेंडर बम, चार केनन बम और भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद किए गए हैं.

इससे पहले पलामू में हथियारों का ज़खीरा बरामद किया गया था.

गोलीबारी

राज्य के एक दूसरे ज़िले खूंटी के मारंगडीह गांव में भी हथियारबंद दस्ते ने गोलीबारी की है. इसमें मारा मुंडा और बिरसा मुंडा नामक दो ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हुए हैं.

एसपी अनीस गुप्ता ने बताया है कि उन्हें समुचित इलाज के लिए राजधानी रांची के रिम्स अस्पताल में भेजा गया है.

माओवादियों ने गांव के ही एक व्यक्ति चिरकन नाग की गाड़ी भी जला डाली है.

पुलिस के मुताबिक़ माओवादी गांव में किसी व्यक्ति को ढूंढने गए थे. उसके न मिलने पर उन्होंने गोलीबारी शुरू कर दी.

यह गांव झारखंड की राजधानी रांची से क़रीब 60 किलोमीटर दूर है.

खूंटी के स्थानीय पत्रकार अजय शर्मा ने मारंगडीह गांव का दौरा करने के बाद बताया कि ग्रामीण काफ़ी दहशत में हैं.

गांव के लोगों से बातचीत में उन्हें जानकारी मिली है कि 60-70 की संख्या में हथियारबंद लोग गांव में आए थे.

गोलाबारी में घायल ग्रामीण घंटों दर्द से कराहते रहे. गांव वालों ने उन्हें ज़िला मुख्यालय के अस्पताल में पहुंचाया.

हथियार

इधर रांची से 50 किलोमीटर दूर कुरमा जंगल में पुलिस ने तीन माओवादियों को हथियार और विस्फोटक सामग्री के साथ गिरफ़्तार किया है.

रांची के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार ने बताया है कि जंगल में माओविदयों और पुलिस बल के बीच काफ़ी देर तक फायरिंग होती रही. इसके बाद माओवादी पीछे हटे.

उन्होंने दावा किया कि गिरफ़्तार माओवादियों में एक जीवाधन मुंडा ऊर्फ नंदू अपने संगठन का एरिया कमांडर है.

पुलिस के मुताबिक़ माओवादियों से पुलिस से लूटी गई एक राइफल, एक पिस्तौल, हथगोले, प्रेशर बम, कारतूस, नक्सली साहित्य, पिट्ठू और पुलिस की वर्दी मिली है.

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