'हर-हर मोदी' का नारा न लगाएँ : मोदी

लालकृष्ण आडवाणी, राजनाथ सिंह, नरेंद्र मोदी इमेज कॉपीरइट AFP

भाजपा नेता नरेंद्र मोदी ने ट्वीट करके अपने प्रशंसकों से कहा है कि वो 'हर हर मोदी' का नारा न लगाएँ.

नरेंद्र मोदी ने ट्वीट में कहा, "कुछ उत्साही समर्थक 'हर-हर मोदी' का नारा लगा रहे हैं. मैं उनकी भावनाओं का सम्मान करता हूँ लेकिन उनसे अनुरोध करता हूँ कि इस नारे का भविष्य में प्रयोग न करें."

इसके पहले द्वारकापीठ के शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती ने 'हर-हर मोदी' नारे पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत से आपत्ति जताई थी.

शंकराचार्य की आपत्ति के बाद भाजपा ने कहा था कि 'हर-हर मोदी' नारा पार्टी का नारा नहीं है.

स्वरूपानंद सरस्वती ने समाचार चैनल एबीपी न्यूज़ से कहा था, "ये नारे भगवान के लिए लगाए जाते हैं. "हर-हर मोदी' से धर्म का अनादर होता है. व्यक्ति पूजा नहीं होनी चाहिए. हमने इसे लेकर मोहन भागवत से बात की है."

शंकराचार्य के बयान पर सफ़ाई देते हुए भाजपा की राष्ट्रीय प्रवक्ता निर्मला सीतारमन ने ट्वीट किया था, "'हर-हर मोदी' हमारा नारा नहीं है. हमारा नारा है, 'अब की बार, मोदी सरकार.'"

स्वरूपानंद का कहना था कि 'हर-हर महादेव' और 'हर-हर गंगे' के लिए लगाया जाता है. किसी व्यक्ति विशेष से नारा जोड़ने पर लोगों की धार्मिक आस्था आहत हो रही है.

'शिव से बड़े'

इमेज कॉपीरइट PTI

पिछले कुछ दिनों में कई अन्य नेता 'हर-हर मोदी' पर टिप्पणी कर चुके हैं.

शनिवार को जद-यू नेता शरद यादव ने भी इस पर टिप्पणी करते हुए कहा था, "भाजपा हर-हर मोदी का नारा लगा रही है. भगवान शिव के कारण पूजनीय वाराणसी शहर मोदी को उनकी असली जगह दिखा देगा."

वहीं शुक्रवार को जब मेनका गांधी से पूछा गया कि क्या वो आगामी आम चुनाव में 'हर-हर मोदी, घर-घर मोदी' नारे का प्रयोग करेंगी तो उन्होंने कहा कि पीलीभीत में 'हर-हर मेनका, घर-घर मेनका' का नारा चलेगा.

आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने गुरुवार को इस नारे पर आपत्ति जताते हुए कहा था, "भाजपा के प्रधानमंत्री के दावेदार अब अपने को भगवान शिव से भी बड़ा समझने लगे हैं. इसीलिए भाजपा समर्थकों ने 'हर-हर महादेव' की जगह 'हर-हर मोदी' का नारा लगाना शुरू कर दिया है."

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार