मस्जिद और गिरजाघर बचाएगी बीजेपी: राजनाथ

  • 31 मार्च 2014

बीस साल पहले जिस पार्टी के सक्रिय आंदोलन और भागीदारी से अयोध्या की बाबरी मस्जिद ढहाई गई थी आज आम चुनाव से पहले उसी भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने मस्जिदों को बचाने का संकल्प लिया है.

उनका कहना है कि भारतीय जनता पार्टी मस्जिदों और गिरजाघरों की रक्षा करने के लिए आगे आएगी.

प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति बनना उद्देश्य नहीं: राजनाथ सिंह

बीबीसी हिंदी से एक विशेष बातचीत में राजनाथ सिंह ने कहा, “मस्जिद पर भी यदि किसी वर्ग का कोई व्यक्ति आक्रमण करेगा तो भारतीय जनता पार्टी उस मस्जिद की रक्षा के लिए भी आएगी. गिरजाघर पर भी यदि कोई आक्रमण करने की कोशिश करेगा तो उसकी रक्षा के लिए भी भारतीय जनता पार्टी आएगी.”

उन्होंने अलबत्ता “अन्य समुदाय” के लोगों से हिंदू समाज की भावनाओं को समझने की अपील भी की है और कहा है कि भगवान राम का जन्म अयोध्या में ही हुआ माना जाता है.

मानव धर्म

उन्होंने कहा कि हर धर्मावलंबी की आस्थाऔर विश्वास के केंद्र की रक्षा करना मानव धर्म है और यही भारतीय धर्म भी है.

ये पूछने पर कि अगर वो प्रधानमंत्री बने तो उनकी पाँच प्राथमिकताएँ क्या होंगी, राजनाथ सिंह ने कहा कि “मैं काल्पनिक प्रश्न का उत्तर नहीं देता और प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति बनना, केवल इतना ही मेरे जीवन का उद्देश्य नहीं है.”

लेकिन अगले ही वाक्य में उन्होंने कहा, “राजनीतिक क्षेत्र में जब मैं काम कर रहा हूँ तो जो भी भूमिका मिलेगी, जो भी ईश्वर को मंज़ूर होगा, उसे सही तरीक़े से निर्वाह करने अथवा इस राष्ट्र के लिए योगदान करने में जो भी हो सकता है वैसी भूमिका हमारी होगी.”

बीजेपी के पूरे चुनाव प्रचार से राम जन्मभूमि का मुद्दा इस बार सिरे से ग़ायब है. पार्टी की ओर से प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी एक बार भी अयोध्या नहीं गए. आख़िर इसकी वजह क्या है? आख़िर भारतीय जनता पार्टी मंदिर मुद्दे पर ख़ामोश क्यों है? सत्ता में आने पर क्या वो राम मंदिर बनाएगी?

इन सवालों के जवाब में राजनाथ सिंह ने कहा, “कोई भी राजनीतिक पार्टी मंदिर या मस्जिद नहीं बनाती. जहाँ तक राम जन्मभूमि का प्रश्न है हाई कोर्ट ने एकमत से फ़ैसला दिया है कि अयोध्या में जहाँ रामलला विराजमान हैं वहीं राम का जन्म हुआ.”

राजनाथ सिंह पिछली लोकसभा में दिल्ली के पास ग़ाज़ियाबाद से चुने गए थे लेकिन इस बार वो इस सीट को छोड़कर लखनऊ से चुनाव लड़ रहे हैं. ख़बरें हैं कि लखनऊ से बीजेपी सांसद रहे लालजी टण्डन को लखनऊसे हटना पड़ा है और इस कारण वो काफ़ी नाराज़ हैं.

राजनीति, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की विचारधारा और बीजेपी की ओर से प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी पर हुई विस्तृत बातचीत के दौरान बीजेपी अध्यक्ष ने गुजरात दंगों के लिए मोदी को ज़िम्मेदार ठहराए जाने के ग़लत बताया.

मोदी निशाना क्यों?

उन्होंने सवाल किया, “मैं ये जानना चाहता हूँ कि इसके पहले क्या गुजरात में दंगे नहीं हुए हैं? क्या कांग्रेस के शासनकाल में गुजरात में दंगे नहीं हुए हैं? नरेंद्र मोदी के 12 वर्ष के शासनकाल में सिर्फ़ एक बार दंगा हुआ है.”

गुजरात में 2002 में हुए मुसलमान विरोधी दंगों में शामिल होने के लिए नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल की एक सदस्य और महत्वपूर्ण बीजेपी नेता माया कोडनानी जेल की सज़ा काट रही हैं.

उनके अलावा आरएसएस के संगठन बजरंग दल के एक नेता बाबू बजरंगी को भी दंगों में शामिल होने और हत्या-आगज़नी करने का दोषी पाया गया. बजरंगी भी जेल में हैं.

पर राजनाथ सिंह पूछते हैं, “ऐसा नहीं है कि केवल गुजरात के दंगों में ही लोगों ने ऐसी सज़ा पाई हो. इसके पहले के दंगों में भी लोगों को सज़ा हुई है. और कांग्रेस के शासनकाल में हुए दंगों में शामिल लोगों को बचाने की कोशिश कांग्रेस ने की है.”

उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ हत्या और हिंसा की राजनीति में विश्वास नहीं करते.

हालांकि मुसलमानों के हालात का जायज़ा लेने के लिए गठित की गई सच्चर कमेटी की रिपोर्ट से वो सहमत नहीं हैं और कहते हैं कि सिर्फ़ किसी एक धर्म के मानने वालों के लिए ही क्यों बनाई गई?

उन्होंने कहा, “अगर (ऐसी कमेटी) बनानी ही है तो हिंदू हों, मुसलमान हो, ईसाई हो, सभी समुदायों के ग़रीबों के लिए ऐसी कमेटी क्यों न बना दी जाए”?

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