चुनावी हलचल: मोदी की सरकार तो गृहमंत्री कौन?

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आम तौर से ठंडे दिमाग वाले शरद पवार रविवार को भारतीय जनता पार्टी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार और पार्टी के पोस्टर बॉय नरेंद्र मोदी पर इतना भड़के क्यूँ? अभी कुछ दिनों पहले उन्होंने मोदी की तारीफ़ की थी. तो अब अब क्या हो गया?

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष ने रविवार को एक बयान में मोदी को "बकवास बातें करने के लिए पागलखाने में इलाज के लिए जाने की सलाह दी".

बात दरअसल यह है कि उनके बयान से कुछ घंटे पहले नरेंद्र मोदी ने पवार के गढ़ विदर्भ में कुछ रैलियां की थीं जिनमें उन्होंने कहा था कि जब विदर्भ के किसान आत्महत्या कर रहे हैं तब शरद पवार क्रिकेट की बातें करते हैं. (पवार क्रिकेट प्रशासक रहे हैं).

मोदी ने महाराष्ट्र को पवार की पार्टी से मुक्ति दिलाने के लिए लोगों से अपील की. मोदी ने ये बातें अमरावती में एक सभा में कही. पवार भी विदर्भ के दौरे पर हैं.

अमरावती से 300 किलोमीटर दूर घंसवांगी में शरद पावर ने मोदी के इस भाषण पर तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "मोदी पागल हो गए हैं क्योंकि वो बकवास बातें करते हैं उनका इलाज एक पागल खाने में होना चाहिए."

जैसे जैसे चुनाव नज़दीक आ रहा है नेता आक्रामक रुख अपनाते जा रहे हैं. इस खेल में अब शरद पवार सबसे आगे निकल गए हैं. मोदी पर उनका हमला काफी पर्सनल सा है और इसी कारण इस समय सोशल मीडिया साइट ट्विटर पर उनकी जम कर धुलाई की जा रही है.

एक ने ट्वीट किया, "अभी तक तो पवार मोदी की तारीफ़ कर रहे थे अब वो मोदी विरोधी क्यूँ?".

एक ट्वीट में लिखा था मोदी ने शरद पवार की पार्टी और उनके विरुद्ध जो बातें कहीं वो बिलकुल सच है".

शरद पवार इस समय ट्विटर पर काफी ट्रेंड कर रहे हैं.

कांग्रेस की 'बी-टीम'

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आम आदमी पार्टी भ्रष्टाचार विरोधी एक आंदोलन है या आम चुनाव में कांग्रेस पार्टी की 'बी- टीम'?

भारतीय जनता पार्टी पिछले कुछ महीनों से आम आदमी पार्टी पर ये इल्ज़ाम लगाती आ रही है कि कांग्रेस ने 'आप' को मैदान में उतारा है ताकि भाजपा को सत्ता में आने और नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बनने से रोका जा सके.

लेकिन हाल में भाजपा ने इस इल्ज़ाम को हर जगह दोहराना शुरू कर दिया हैं. 'आप' का जवाब ये रहा है कि भाजपा 'आप' से काफी परेशान है इसलिए वो 'आप' को बदनाम करने में लगी है.

लेकिन जब यही इल्ज़ाम खुद पार्टी के एक बाग़ी समझे जाने वाले नेता अश्विनी उपाध्याय लगाएं तो इसको गंभीरता से लेना ज़रूरी है.

'वन इंडिया' वेबसाइट के अनुसार अश्विनी उपाध्याय ने दावा किया है कि 'आप' और कांग्रेस पार्टी के बीच हुए समझौते के अनुसार कांग्रेस पार्टी नेता राहुल गांधी को 'आप' प्रधानमंत्री के दावेदार होने का समर्थन करेगी जिसकी एवज़ में केजरीवाल को दिल्ली और उनके साथी योगेंद्र यादव को हरियाणा का मुख्यमंत्री बनाए जाने के लिए कांग्रेस पार्टी मदद करेगी.

अश्विनी उपाध्याय 'आप' की नेशनल एग्जीक्यूटिव के एक सदस्य हैं. पार्टी के अंदर से मिली जानकारी के अनुसार अश्विनी उपाध्याय टिकट नहीं मिलने से रूठे हुए हैं और पार्टी के ख़िलाफ़ बयान देने लग गए है.

अबकी बार, मोदी सरकार

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चुनाव के बाद केंद्र में सरकार मोदी की होगी. मीडिया में ये लगभग तय माना जा रहा है लेकिन वो अपना दामन बचाने के लिए भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अंदर उत्साह के हवाले से यह बात कहता है.

आउटलुक में अपनी डायरी में विनोद मेहता ने भी ऐसा लिखा है.

आर्थिक मामलों के दैनिक अंग्रेजी अख़बार 'इकनोमिक टाइम्स' ने दावा किया है कि पार्टी और आरएसएस में यह मान लिया गया है कि इस बार सत्ता में भाजपा के नेतृव वाली एनडीए सरकार ही होगी.

अख़बार के अनुसार भाजपा और आरएसएस ने कैबिनेट में शामिल होने वालों के नाम और उनके पदों के बारे में फ़ैसला ले लिया है, जिसके मुताबिक गोआ के मुख्यमंत्री मनोहर परिक्कर गृहमंत्री, अरुण जेटली वित्त मंत्री जबकि सुषमा स्वराज विदेश मंत्री बनेंगी.

और हाँ मोदी के करीबी साथी अमित शाह होंगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यालय के कर्ताधर्ता और लाल कृष्णा अडवाणी? वो पूरे एनडीए के चेयरमैन होंगे.

अगर अख़बार का दावा सही है तो इस लिस्ट पर खुद पार्टी के अंदर कई लोगों को एतराज़ होगा लेकिन यह सम्भव है कि यह अख़बार की शरारत भी हो सकती है.

मोदी-ममता साथ-साथ?

आम चुनाव के नतीजों के बाद अगर एनडीए सरकार बनती है तो तृणमूल कांग्रेस की नेता और पश्चिम बंगाल की अप्रत्याशित समझे जानी वाली मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और मोदी एक साथ आ जाएंगे? इस पर अंग्रेजी अख़बार हिंदुस्तान टाइम्स ने एक रिपोर्ट प्रकाशित की है.

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नरेंद्र मोदी ने कोलकाता के अपने भाषण में ममता बनर्जी की आलोचना नहीं की थी और चुनाव के बाद तृणमूल कांग्रेस से गठबंधन का दरवाज़ा खुला रखा है लेकिन ममता बनर्जी को मुसलमानों का वोट चाहिए जिसके कारण इन दिनों वह अपने भाषणों में मोदी पर प्रहार भी कर रही हैं.

राज्य में एक चौथाई वोट मुसलमानों का है और आम तौर से वह वामपंथी मोर्चे को वोट देते आए हैं लेकिन अब उनका झुकाव ममता की तरफ़ माना जाता है.

चुनावमय हुए गूगल बाबा

गूगल इंडिया भारतीय आम चुनाव में काफी दिलचस्पी ले रहा है. इसने चुनाव से संबंधित कई तरह की सिरीज़ की है जिन में गूगल हैंगआउट पर श्रोताओं के साथ बड़े नेताओं के चैट शामिल हैं.

इस बार चार दिनों के बाद जम्मू और कश्मीर के मुख्यमंत्री उम्र अब्दुल्ला गूगल हैंगआउट पर होंगे. गूगल ने 'प्लेज टू वोट' नाम का एक सिलसिला शुरू किया जिसके अंतर्गत वोटर अगले चुनाव में वोट डालने का प्लेज लेता है.

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