बस्तर की आवाज़

Image caption बस्तर विश्वविद्यालय में युवाओं के साथ बीबीसी ने कई मुद्दों पर चर्चा की

पिछले एक दशक से भी ज़्यादा समय से सरकार और माओवादियों के बीच जंग का मैदान बन चुके छत्तीसगढ़ के बस्तर के नौजवान क्या सोचते हैं चुनावी मुद्दों के बारे में?

देश भर के अलग-अलग इलाकों में आदिवासी बुनियादी सुविधाओं के लिए क्यों तरसते हैं. आखिर राजनीतिक दल उनके मुद्दों को चुनाव में ज़ोर-शोर से क्यों नहीं उठाते?

क्या है वजह उनके प्रति समाज की बेरुखी की.

आदिवासियों के हित और उनके प्रति सामाजिक नज़रिया जैसे मुद्दों पर उनकी क्या राय है?

ऐसे तमाम मुद्दों पर युवाओं की क्या सोच है? बस्तर विश्वविद्यालय के छात्र और छात्राओं के साथ इसी विषय पर आयोजित बीबीसी हिन्दी रेडियो का संवाद आप सुन सकते हैं इस शनिवार 5 अप्रैल को शाम 7:30 बजे, कार्यक्रम बीबीसी इंडिया बोल में.

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