कांग्रेस के समर्थन में आए शाही इमाम

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Image caption शाही इमाम ने समाजवादी पार्टी की कड़ी आलोचना की

दिल्ली के जामा मस्जिद के शाही इमाम सैयद अहमद बुखारी ने आम चुनावों में कांग्रेस को समर्थन देने की अपील की है.

हालांकि पश्चिम बंगाल में उन्होंने तृणमूल कांग्रेस को वोट देने की अपील की है.

शुक्रवार को इमाम बुखारी ने कांग्रेस को समर्थन की अपील के साथ ही समाजवादी पार्टी की आलोचना भी की.

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उन्होंने कहा, "कुछ पार्टियाँ पर्दे के पीछे से सांप्रदायिक पार्टियों की मदद करने की कोशिश कर रही हैं इसलिए हमारी कोशिश होनी चाहिए कि धर्मनिरपेक्ष वोटों का बंटवारा न हो."

उत्तर प्रदेश की समाजवादी पार्टी की सरकार की आलोचना करते हुए बुखारी ने कहा, "तक़रीबन दो साल के शासन में समाजवादी पार्टी (सपा) ने मुसलमानों से किए गए वादे पूरे नहीं किए और पार्टी के शासन में हुए 100 से ज़्यादा दंगों में मुसलमानों के जान माल का नुकसान रोका नहीं गया."

उनका कहना था, "उच्चतम न्यायायल ने भी कहा है कि सपा सरकार लापरवाही नहीं करती तो मुसलमानों को होने वाले नुकसान को रोका जा सकता था. सपा मुसलामनों को न केवल उनके हुकूक देने में विफल रही बल्कि वो उनके जान माल की हिफ़ाजत करने में भी नाकाम रही."

इमाम बुखारी ने कहा, ''सपा के समर्थन का सवाल नहीं पैदा होता. यूपी में बहुजन समाज पार्टी दूसरी सबसे बड़ी पार्टी है. बसपा के कुछ नुमाइंदे पिछले कुछ महीने में मुझसे मिले.''

पश्चिम बंगाल में अलग हालात

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Image caption दिल्ली के जामा मस्जिद के इमाम सैयद अहमद बुखारी ने आम चुनावों में कांग्रेस को वोट देने की अपील की है.

बसपा के नुमाइंदों से बातचीत के बारे में उनका कहना था कि बसपा ने भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन में शामिल नहीं होने का कोई आश्वासन नहीं दिया है और बसपा की मौकापरस्ती को देखते हुए उसकी हिमायत नहीं की जी सकती है.

उन्होंने कहा कि किसी भी प्रांतीय पार्टी को आम चुनावों में वोट देना वोट बर्बाद करना है.

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तृणमूल को उनके समर्थन के बारे में इमाम बुखारी ने कहा कि बंगाल में अलग हालात हैं. उन्होंने उम्मीद जताई कि तृणमूल कांग्रेस मुसलमानों की परवाह करेगी.

उनका कहना था कि ममता किसी भी सूरत में एनडीए में शामिल नहीं होंगी इसलिए उनके समर्थन का फ़ैसला किया गया है.

मंगलवार को सोनिया गांधी दिल्ली की जामा मस्जिद के शाही इमाम सैयद अहमद बुखारी के नेतृत्व वाले एक प्रतिनिधिमंडल से मिली थीं और कथित 'धर्मनिरपेक्ष वोट' को बंटने से रोकने के लिए उनसे अपील की थी.

गुरुवार को मुख्य चुनाव आयुक्त वीएस संपत ने कहा था, "हम शिकायत मिलने पर उसका संज्ञान लेते हैं और अगर हमें इसकी शिकायत मिली तो हम इसका संज्ञान लेंगे."

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