महंगाई पर काबू पाने के लिए विशेष फ़ंड : भाजपा

  • 7 अप्रैल 2014
मुरली मनोहर जोशी और नरेंद्र मोदी Image copyright AFP

भारतीय जनता पार्टी ने सोमवार को लोकसभा चुनाव के लिए अपना घोषणा पत्र जारी कर दिया है. पार्टी ने समान आचार संहिता की बात एक बार फिर उठाई है.

'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' और 'सबका साथ, सबका विकास' शीर्षक वाले घोषणापत्र को दिल्ली में भाजपा के दफ़्तर में जारी किया गया है.

घोषणापत्र जारी होने के बाद भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी ने कहा, "दो मूल बातों को लेकर हम आगे बढ़ रहे हैं. एक गुड गवर्नेंस और दूसरा डेवलपमेंट.

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने कहा कि पार्टी की सरकार बनने पर घोषणा पत्र का अक्षरश: पालन किया जाएगा. उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार चुनाव घोषणा पत्र में किए गए सभी वादों को पांच साल में हर हाल में पूरा कर देगी.

प्रमुख वादे

घोषणात्र में अपने पुराने मुद्दे पर लौटते हुए भाजपा ने कहा है कि संविधान की धारा-44 में समान नागरिक संहिता को नीति निर्धारक तत्वों में शामिल किया गया है. पार्टी का कहना है कि इसके बिना लैंगिक समानता नहीं क़ायम हो सकती है.

भाजपा ने कहा है कि वह सर्वश्रेष्ठ परंपराओं से प्रेरित समान नागरिक संहिता बनाने के लिए कटिबद्ध है. जिससे उन परंपराओं को आधुनिक समय की ज़रूरतों के मुताबिक ढाला जा सके.

भाजपा ने अपने घोषणापत्र में श्रमिकों और उद्योग के बीच सामंजस्य बैठाने की वकालत की है जिससे उद्योग निरंतर चलते रहें.

खेती-किसानी को लेकर कम पानी वाली फ़सलों के उत्पादन पर घोषणापत्र में जोर दिया गया है. इस दिशा में एक समन्वित प्रयास करने का संकल्प भाजपा ने व्यक्त किया है.

घोषणा पत्र में स्वास्थ्य को लेकर नई स्वास्थ्य नीति बनाने की बात कही गई है. घोषणापत्र जारी करते हुए मुरली मनोहर जोशी ने कहा कि 2002 के बाद से देश में स्वास्थ्य नीति पर कभी विचार नहीं हुआ.

घोषणा पत्र में नेशनल हेल्थ इंश्योरेंस की नीति लागू करने का दावा किया गया है. इसके साथ ही वैकल्पिक चिकित्सा पद्धतियों जैसे योग, आयुर्वेद और होम्योपैथी के लिए एक इंटीग्रेटेड कोर्स चलाने की भी बात कही गई है.

'भारत का ख़्याल'

इसमें दावा किया गया है कि आयुर्वेद जैसी देसी चिकित्सा पद्धति के विकास से जड़ी-बूटी और औषधीय पौधों की खेती पर जोर दिया जाएगा ताकि आदिवासी इलाकों और पहाड़ों पर रहने वाली आबादी की आमदनी बढ़ सके.

देश में मज़बूत साइंस एंड टेक्नोलॉजी नीति बनाने पर घोषणापत्र में ज़ोर दिया गया है. घोषणा पत्र में कहा गया है कि भारत को विज्ञान और खोज के मामले में दुनिया का सिरमौर बनाने के लिए हरसंभव कोशिश की जाएगी.

शिक्षा के बारे में कहा गया है कि ई-शिक्षा को बढ़ावा दिया जाएगा और एक नेशनल ई-लाइब्रेरी बनाई जाएगी.

शिक्षा में जारी भारी असमानता को ख़त्म करने के लिए मजबूत शिक्षा नीति बनाने की भी बात कही गई है.

दुनिया भर के विद्यार्थियों के बीच संवाद स्थापित करने के लिए मल्टी कंट्री स्टूडेंस प्रोग्राम बनाने का भी दावा भाजपा ने किया है.

उच्च शिक्षा में शिक्षकों की कमी को दूर करने का भी घोषणापत्र में आश्वासन दिया गया है.

इसमें मदरसों के आधुनिकीकरण की बात कही गई है.

घोषणापत्र में शारीरिक रूप से अक्षम लोगों के लिए राइट्स ऑफ द पर्सन्स ऑफ डिसएबिलिटी नीति बनाने की बात कही गई है.

देश भर में, खासकर आदिवासी बस्तियों में शौचालय और साफ़ पानी का विशेष प्रबंध करने का वादा किया गया है.

क्षेत्रीय विकास के लिए एक विशेष नीति बनाने की घोषणा करते हुए मुरली मनोहर जोशी ने बताया कि समान समस्याओं से जूझ रहे राज्यों की रीजनल काउंसिल बनाकर उनके सलाह से क्षेत्रीय नीति बनाई जाएगी.

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