'बदला लेने' वाले बयान पर अमित शाह को नोटिस

  • 7 अप्रैल 2014
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भारत के चुनाव आयोग ने भाजपा महासचिव अमित शाह को उनके 'बदला लेने' वाले बयान पर आचार संहित के उल्लंघन के लिए नोटिस जारी किया है.

इस विवादास्पद बयान के मामले में अमित शाह के खिलाफ उत्तर प्रदेश के बिजनौर में एफआईआर पहले ही दर्ज की जा चुकी है.

चुनाव आयोग के अनुसार पहली नज़र में अमित शाह के बयान से लगता है कि आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन हुआ है. आयोग ने अमित शाह को अपना पक्ष रखने के लिए दो दिनों का समय दिया है.

अमित शाह को जारी की गई नोटिस में कहा गया है कि पहली नज़र में उनके बयानों से लगता है कि उन्होंने निजी जीवन से जुड़ी आलोचनाएं की, वोट पाने के लिए जाति और समुदाय से अपील की और ऐसी गतिविधियों में शामिल रहे जिनसे जाति, समुदाय, धर्म या भाषा के आधार पर तनाव फैल सकता था.

चुनाव आयोग ने अपने नोटिस में अमित शाह के बिजनौर, शामली और मुजफ्फरनगर में दिए गए बयानों का जिक्र भी किया है. आयोग ने इस मामले में अमित शाह से दो दिन के भीतर जवाब देने के लिए कहा है.

दरअसल कांग्रेस ने अमित शाह के खिलाफ चुनाव आयोग में शिकायत की थी. कांग्रेस का आरोप है कि अमित शाह ने मुज़फ़्फ़रनगर में नफरत फैलाने वाला भाषण दिया था.

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी के क़रीबी अमित शाह ने कथित तौर पर कहा था कि यह आम चुनाव पिछले साल मुज़फ़्फ़रनगर में हुए साम्प्रदायिक दंगों में हुई 'बेइज़्ज़ती' का बदला लेने का मौका है.

भाजपा की सफाई

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समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ शाह ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सामुदायिक नेताओं की एक बैठक में कहा, "उत्तर प्रदेश और ख़ासकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए यह चुनाव सम्मान की लड़ाई है. यह चुनाव 'बेइज़्ज़ती' का बदला लेने के लिए है. यह चुनाव उन लोगों के लिए सबक सिखाने का मौका है जिन्होंने ज़ुल्म ढाए हैं."

पीटीआई के अनुसार शाह के साथ भाजपा के विधायक सुरेश राणा भी थे जो मुज़फ़्फ़रनगर दंगों से जुड़े मामलों में अभियुक्त हैं. शाह ने गुर्जर, राजपूत और दलित नेताओं से मुलाक़ात की और उनसे चुनावों में भाजपा को समर्थन देने का अपील की.

इस दौरान अमित शाह ने कथित तौर पर कहा, "आदमी भोजन और नींद के बिना जी सकता है. भूखा-प्यासा होने पर भी वह जी सकता है लेकिन 'बेइज़्ज़त' होने पर वह जी नहीं सकता. इस 'बेइज़्ज़ती' का बदला लेना होगा."

हालांकि भाजपा को उत्तर प्रदेश के अपने प्रभारी अमित शाह के बयान में कुछ भी ग़लत नज़र नहीं आता है.

पार्टी के प्रवक्ता मुख़्तार अब्बास नक़वी ने कहा, "उत्तर प्रदेश सरकार ने वहां के लोगों को 'बेइज़्ज़त' किया है. यह हिन्दुओं या मुसलमानों का सवाल नहीं है."

इससे पहले भड़काऊ भाषण के मामले में सहारनपुर से कांग्रेस उम्मीदवार इमरान मसूद जेल जा चुके हैं.

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