भ्रष्टाचार के बारे में नीतीश को बताया था: परवीन

 गुरुवार, 10 अप्रैल, 2014 को 17:27 IST तक के समाचार
परवीन अमानुल्लाह

नीतीश कुमार मंत्रिमंडल से इस्तीफ़ा देकर आम आदमी पार्टी (आप) में शामिल होकर पटना साहिब से चुनाव लड़ रही परवीन अमानुल्लाह का कहना है कि नीतीश सरकार में भी भ्रष्टाचार है. लेकिन उसके ख़िलाफ़ कारगर कार्रवाई नहीं हो रही है.

परवीन अमानुल्लाह का पटना साहिब लोकसभा क्षेत्र में क्लिक करें भाजपा के शत्रुघ्न सिन्हा, कांग्रेस के कुणाल सिंह और प्रदेश में सत्तारूढ़ जनता दल (यूनाइटेड) के गोपाल प्रसाद सिन्हा से मुक़ाबला है.

परवीन अमानुल्लाह से बातचीत की बीबीसी संवाददाता पंकज प्रियदर्शी ने.

देखिए मैं सूचना के अधिकार के लिए लड़ाई और स्वराज के लिए चले आंदोलन में मैं तीन साल पहले से ही क्लिक करें अरविंद केजरीवाल से जुड़ी हुई थी. तीन साल पहले जब मंत्री बनी तो मैं अपने विभाग में स्वराज लेकर आई. लेकिन मैं विभाग में फैले भ्रष्टाचार को लेकर बहुत परेशान थी. सब लोग यह मानते थे कि भ्रष्टाचार बहुत अधिक है. लेकिन उससे लड़ने के लिए जो क़दम उठाए जा रहे थे, वे पर्याप्त और प्रभावकारी नहीं थे.

आपने इन बातों से मुख्यमंत्री क्लिक करें नीतीश कुमार को अवगत कराया?

जी, मैंने इस बात से मुख्य़मंत्री को कई बार अवगत कराया. मैंने उन्हें कई फ़ाइलों में भी लिख कर बताया कि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी गड़बड़ी कर रहे हैं. इन अधिकारियों पर मैं ख़ुद कार्रवाई नहीं कर सकती थी.

अब सवाल यह उठता है कि आपने सरकार को ऐसे समय क्यों छोड़ा, जब लोकसभा चुनाव होने वाले थे?

नहीं, उसी समय दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजे आए. उसमें आम लोगों ने आम आदमी पार्टी के विचारों और घोषणा पत्र के प्रति जिस तरह का समर्थन और रुझान दिखाया, वह बहुत उत्साहजनक था. इससे मुझे लगा कि कहीं न कहीं तो लोग कुछ कर रहे हैं और चीजें सुधर रही हैं.

क्लिक करें आम आदमी पार्टी ने उम्मीदवारों के चयन के लिए जो प्रक्रिया अपनाई थी, क्या आपने उसे पूरा किया था?

जी हां, मैंने प्रक्रिया पूरी की थी.

इतने कम समय में यह कैसे पूरी हो गई?

हमने लोगों को दूर-दराज़ के गांवों में लोगों को भेजकर प्रक्रिया पूरी की. लेकिन सभी बातें नहीं हो पाईं. इसे हमने पार्टी को बता दिया था.

अच्छा ये बताइए आपने इतना हाई प्रोफ़ाइल संसदीय क्षेत्र ही क्यों चुना?

मैं यहीं की रहने वाली हूँ. मैंने विधानसभा का चुनाव बेगूसराय के शैदपुर कमाल विधानसभा क्षेत्र से लड़ा था. वहां मुद्दा यह बना दिया गया कि मैं बाहरी हूँ. जबकि मैंने अपने क्षेत्र के लिए बहुत सारा काम किया था. उनके हर सुख-दुख में शामिल हुई थी. इसके बाद भी मुझे बाहरी बता दिया गया. इस तरह के आरोपों की कमी नहीं है.बिहार की राजनीति में यही सब तो होता है.

बिहार में आपकी पार्टी की क्या संभावना है, जबकि कहा यह जा रहा है कि आपकी पार्टी दिल्ली पार्टी बनकर रह गई है?

इसलिए हम प्रयत्न कर रहे हैं कि बिहार में भी आम आदमी पार्टी आ जाए.

आपने यहाँ के प्रशासन पर आरोप लगाए. आपको कोई ऐसा मामला याद आ रहा है, जिसका समाधान आपकी पहल से हुआ हो?

ऐसे मामलों की संख्या सैकड़ों में है. जब मैं मंत्री थी तो बहुत से लोग मेरे दफ्तर में अपना काम लेकर आते थे, किसी की प्रशासन और थाने में सुनवाई नहीं हो रही होती थी. उनको योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा होता था. मैं उनके लिए पूरी तरह काम कर उनकी समस्याओं का समाधान कराती थी.

कहा जा रहा है कि आप कांग्रेस की बी टीम है?

देखिए अनुमानों का कोई अंत नहीं है. जितने लोग हैं, उतने तरह की बातें हैं. उतनी ही कहानियां हैं.

अगर बिहार में आपकी पार्टी का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहता है, जैसा कि आप भी कह रही हैं कि इसमें अभी वक्त लगेगा. ऐसे में आपकी पार्टी की प्राथमिकता क्या होगी?

अभी तो विधानसभा के चुनाव हो भी नहीं रहे हैं. हमारी पार्टी अभी नई है, इसलिए इसके मजबूत होने में समय लग सकता है. हम आम आदमी पार्टी को लोकप्रिय बनाने का काम कर रहे हैं. हमारे पास पर्याप्त समय है. हमारा ध्यान विधानसभा चुनाव पर ही है और ये लोकसभा चुनाव उसी तैयारी का हिस्सा है.

तो आप भी मुख्यमंत्री पद की दावेदार हैं?

हो सकता है कि मुझसे अच्छे लोग आएं और आगे बढें. मैं उसी के लिए काम भी कर रही हूँ.

आप नीतीश कुमार के ख़िलाफ़ चुनाव लड़ेंगी?

मैं नीतीश कुमार के ख़िलाफ़ हूँ और उनके ख़िलाफ़ चुनाव भी लड़ सकती हूँ.

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