लोकसभा चुनाव: तीसरे चरण के प्रमुख चेहरे और मुद्दे

हरियाणा के गुड़गांव में मतदान के लिए कतार में खड़े मतदाता

लोकसभा चुनाव के तीसरे चरण में गुरुवार को कुल 91 सीटों के लिए मतदान हो रहा है. ये सीटें देश के 11 राज्यों और तीन केंद्र शासित राज्यों में हैं.

इन सीटों में से कुछ बिहार, झारखंड और महाराष्ट्र की कुछ सीटें नक्सल प्रभावित हैं.

इन सीटों पर सुबह सात बजे से शाम चार बजे तक मतदान होगा जबकि अन्य सीटों पर मतदान का समय एक घंटा बढ़ाकर शाम छह बजे तक के लिए कर दिया गया है.

छत्तीसगढ़ में हिंसा के बीच मतदान

स्थानीय पत्रकार आलोक प्रकाश पुतुल ने ख़बर दी है कि छत्तीसगढ़ के बस्तर में दोपहर तीन बजे मतदान समाप्त हो गया है. छत्तीसगढ़ में कुल 11 लोकसभा क्षेत्र हैं. इसमें से सिर्फ बस्तर में गुरुवार को मतदान हुए. यहां माओवाद एक बड़ा मुद्दा है. यहां से कुल आठ उम्मीदवार मैदान में हैं.

इनमें भाजपा के निवर्तमान सांसद दिनेश कश्यप और कांग्रेस के दीपक कर्मा के बीच मुकाबला है. इस संसदीय सीट की चर्चा दुनिया भर है क्योंकि यहां आम आदमी पार्टी ने कथित नक्सली होने के आरोप में जेल में बंद रही सोनी सोरी को अपना उम्मीदवार बनाया है.

बस्तर में 13 लाख मतदाताओं के लिए करीब 18 सौ मतदान केंद्र बनाए गए थे. इनमें से 14 सौ केंद्र संवेदनशील घोषित किए गए हैं. विधानसभा चुनाव में पूरे बस्तर के चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा बल के जवान थे. लेकिन इस बार जवानों की तुलना में माओवादियों के पर्चे, पोस्टर और बैनर कहीं अधिक हैं और माओवादियों की सक्रियता भी.

यहां नेताओं की निगाहें नोटा पर भी टिकी हैं. हाल में हुए विधानसभा चुनाव में बस्तर में 48107 मतदाताओं ने 'कोई भी नहीं' यानी नोटा का बटन दबाया था.

पश्चिमी उत्तर प्रदेश: दंगों के बाद मतदान

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स्थानीय पत्रकार अतुल चंद्रा के मुताबिक़ पश्चिमी उत्तर प्रदेश की दस सीटों के लिए गुरुवार को ही वोट डाले जा रहे हैं. पिछले साल हुए मुज़फ़्फ़रनगर दंगों के बाद इस जाट और मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र का जातीय समीकरण राष्ट्रीय लोकदल के खिलाफ और भाजपा के पक्ष में ज़्यादा दिखाई देता है.

भाजपा को उम्मीद है कि दंगों के बाद संप्रदायों के बीच बनी खाई के चलते जाट चौधरी अजित सिंह को छोड़ उसे वोट देंगे. भाजपा और रालोद ने 2009 का चुनाव यहां मिलकर लड़ा था. इस बार रालोद कांग्रेस के साथ है.

यहां का मुस्लिम मतदाता पहले की तरह समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी को ही अपना सकता है. हालांकि समाजवादी पार्टी को पूरी उम्मीद है कि दंगों के बाद मुस्लिम वोट उसी के पक्ष में आएगा. लेकिन 2009 में पार्टी को यहाँ की दस सीटों में केवल एक सीट मिली थी जबकि बसपा ने पांच सीट जीती थीं. भाजपा-रालोद गठबंधन को दो-दो सीट मिली थीं.

पिछला लोकसभा चुनाव मुलायम सिंह यादव ने कल्याण सिंह के साथ मिलकर लड़ा था. इस बार ग़ाज़ियाबाद, बाग़पत और मुज़फ़्फ़रनगर सीटों पर सबकी निगाहें लगी हैं.

ग़ाज़ियाबाद में पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल वीके सिंह (भाजपा) के सामने कांग्रेस के फ़िल्म स्टार प्रत्याशी राज बब्ब्बर और आम आदमी पार्टी की शाज़िया इल्मी हैं. वहीं बाग़पत में चौधरी अजित सिंह को भाजपा के सतपाल मलिक चुनौती दे रहे हैं, जो कि मुंबई पुलिस के पूर्व पुलिस आयुक्त हैं.

मुज़फ़्फ़रनगर में दंगों के दो आरोपी आमने-सामने हैं. बसपा ने क़ादिर राणा को और भाजपा ने संजीव बालियान को टिकट दिया है. इनके अलावा रालोद की जया प्रदा (बिजनौर) और कांग्रेस की नगमा (मेरठ) से अपना भाग्य आजमा रही हैं.

बिहार: मतदान से पहले धमाका

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जमुई में बीबीसी संवाददाता पंकज प्रियदर्शी के अनुसार बिहार में पहले चरण में छह लोकसभा सीटों पर मतदान हो रहा है. ये सभी सीटें नक्सल प्रभावित हैं. चुनाव आयोग ने अतिरिक्त सुरक्षाकर्मियों की तैनाती के लिए पहले चरण में सिर्फ़ छह लोकसभा सीटों पर मतदान कराने की घोषणा की.

मतदान से पहले औरंगाबाद और जमुई में नक्सली हिंसा भी हुई. इसमें सीआरपीएफ़ के कम से कम पाँच जवान मारे गए.

गुरुवार को जिन सीटों पर मतदान हो रहा है, वे हैं जमुई, सासाराम, काराकाट, औरंगाबाद, गया और नवादा. इन सीटों पर कुल 80 उम्मीदवार अपना भाग्य आजमा रहे हैं. इनमं 10 महिलाएं शामिल हैं. इन सभी उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला 93 लाख 29 हजार 760 मतदाता करेंगे.

लोकसभा चुनाव इस बार विकास, नक्सली हिंसा, सुरक्षा, केंद्र में मज़बूत सरकार के मुद्दे पर लड़ा जा रहा है.

इन लोकसभा क्षेत्र के प्रमुख उम्मीदवारों में चिराग पासवान (लोक जनशक्ति पार्टी- जमुई), मौजूदा लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार (कांग्रेस- सासाराम), गिरिराज सिंह (भाजपा- नवादा), निखिल कुमार (कांग्रेस- औरंगाबाद), विहार विधानसभा के अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी (जनता दल यू- जमुई) के नाम शामिल हैं.

पंद्रहवीं लोकसभा में जमुई का प्रतिनिधित्व जनता दल यू के भूदेव चौधरी कर रहे हैं. हालांकि पार्टी ने उन्हें इस बार टिकट नहीं दिया है.

सासाराम से कांग्रेस की मीरा कुमार, नवादा से भाजपा के भोला सिंह (इस बार बेगूसराय से चुनाव लड़ रहे हैं), औरंगाबाद से जनता दल यू के सुशील कुमार सिंह (इस बार भाजपा उम्मीदवार), गया से भाजपा के हरि माँझी, काराकाट से जनता दल यू महाबली सिंह प्रतिनिधित्व कर रहे हैं.

झारखंड: चार सीटों पर वोटिंग

स्थानीय पत्रकार नीरज सिन्हा के अनुसार झारखंड के चार संसदीय क्षेत्रों के लिए मतदान हो रहा है. लोहरदगा, पलामू, चतरा और कोडरमा लोकसभा क्षेत्रों के लिए सुबह सात बजे से शाम चार बजे तक वोट डाले जाएंगे. यहां लोकसभा चुनाव का यह पहला चरण है.

इन चारों संसदीय क्षेत्रों में 62 उम्मीदवार चुनाव के मैदान में हैं. यहां सात हजार 58 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जहां 56 लाख से अधिक मतदाता इनके राजनीतिक भविष्य का फ़ैसला करेंगे.

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निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव के लिए 1388 माइक्रो ऑब्जर्वर की प्रतिनियुक्ति की गई है.

लोहरदगा, पलामू और चतरा नक्सल प्रभावित क्षेत्र हैं. यहां भयमुक्त चुनाव के लिए कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं. राज्य पुलिस के अलावा अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है.

दूर-दराज के इलाकों में मतदान कर्मचारियों को हेलिकॉप्टर से पहुंचाया गया है. चुनाव ड्यूटी में छह हेलिकॉप्टर भी लगाए गए हैं.

मतदान केंद्रों पर लोग कतार में नजर आ रहे हैं. ग्रामीण इलाक़ों में भी वोटरों में काफी उत्साह है.

लोहरदगा संसदीय क्षेत्र आदिवासियों के लिए सुरक्षित है. यहां कांग्रेस के डॉ रामेश्वर उरांव, भाजपा के सुर्दशन भगत और तृणमूल कांग्रेस के चमरा लिंडा चुनाव मैदान में हैं. चमरा लंडा अभी विशुनपुर के विधायक हैं.

पलामू संसदीय क्षेत्र से भाजपा ने बीडी राम को अपना उम्मीदवार बनाया है. वे राज्य के पुलिस महानिदेशक रह चुके हैं. भाजपा ने ही पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र राय को कोडरमा से उम्मीदवार बनाया है.

2009 के चुनाव में पलामू से झारखंड मुक्ति मोरचा के कामेश्वर बैठा, कोडरमा से झारखंड विकास मोरचा के बाबूलाल मरांडी, लोहरदगा से भाजपा के सुदर्शन भगत और चतरा से निर्दलीय उम्मीदवार इंदर सिंह नमाधारी जीते थे.

ओडिशा: कई दिग्गज मैदान में

स्थानीय पत्रकार संदीप साहू के अनुसार ओडिशा में गुरुवार को 10 लोकसभा और 70 विधानसभा क्षेत्रों के लिए मतदान हो रहा है. ये इलाके राज्य के पश्चिमी और दक्षिणी हिस्से में हैं.

जिन दस लोकसभा क्षेत्रों के लिए चुनाव हो रहा है, उनमें से छह पिछली बार प्रदेश में सत्तारूढ़ बीजू जनता दल (बीजद) के खाते में थे. चार सीटें कांग्रेस ने जीती थीं. इन 10 लोकसभा क्षेत्रों की 70 विधानसभा क्षेत्रों सीटों में से 34 बीजद और बाकी कांग्रेस-भाजपा के पास हैं.

ओडिशा में पहले चरण के लोकसभा चुनाव में जिन प्रमुख नेताओं के किस्मत का फ़ैसला होना है, वे हैं कांग्रेस उम्मीदवार और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री गिरिधर गमांग (कोरापुट), हेमानंद बिस्वाल (सुंदरगढ़), पूर्व केंद्रीय मंत्री भक्त चरणदस (कांग्रेस-कालाहांडी), जुएल ओराम (भाजपा- सुंदरगढ़) और चंद्रशेखर साहू (कांग्रेस-बरहमपुर) के नाम शामिल हैं.

कांग्रेस और भाजपा ने नवीन पटनायक के सरकार में खनिज घोटाला सहित राज्य में हुए अन्य घोटाले, औरतों पर बढे ज़ुल्म व किसानों और आदवासियों की कथित उपेक्षा को चुनावी मुद्दा बनाया है.

चुनाव पूर्व सर्वेक्षणों में नवीन पटनायक की जीत की संभावनाएं जताई गई हैं. इस तरह इस चुनाव केवल एक ही मुद्दा है, वह हैं नवीन पटनायक.

महाराष्ट्र: कड़ी टक्कर

मुंबई से स्थानीय पत्रकार अश्विन अघोर ने बताया है कि महाराष्ट्र के विदर्भ की 10 लोकसभा सीटों पर तीसरे चरण में मतदान हो रहा है.

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इन निर्वाचन क्षेत्रों में सभी पार्टीयों के दिग्गज नेता किस्मत आजमा रहे है. इनमें पूर्व केंद्रीय मंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी नेता प्रफुल्ल पटेल, पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस नेता विलास मुत्तेमवार, भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी, पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस नेता मुकुल वासनिक शामिल हैं. यहां से कुल 201 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं.

विदर्भ के वर्धा, नागपुर, रामटेक और भंडारा निर्वाचन क्षेत्र कांग्रेस-राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के गढ़ माने जाते हैं, जबकि चंद्रपूर, यवतमाल, अमरवती और अकोला निर्वाचन क्षेत्रों पर भाजपा-शिवसेना गठबंधन की पकड़ मजबूत मानी जाती है.

पिछले लोकसभा चुनाव में इन क्षेत्रों से कांग्रेस-राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता सांसद बने थे. नागपुर से कांग्रेस के विलास मुत्तेमवार और गोंदिया से राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रफुल्ल पटेल सांसद हैं.

इस नागपुर लोकसभा सीट को महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि यहां से भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी चुनाव लड रहे हैं. यह उनका पहला लोकसभा चुनाव है.

आम आदमी पार्टी ने सभी 10 सीटों पर उम्मीदवार खडे किए हैं. विदर्भ के नक्सल प्रभावीत गढ़चिरौली और गोंदिया में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं.

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