'भाजपा के बजाए मिट्टी में मिलना पसंद करेंगे'

  • 11 अप्रैल 2014
नरेंद्र मोदी और नीतिश कुमार

भारत में लोकसभा चुनाव पूरे शबाब पर हैं. पुराने दोस्त अब विरोधियों के पाले में खड़े होकर एक दूसरे को ललकार रहे हैं तो कभी धुर विरोधी रहे दल अब दोस्ती के कसीदे पढ़ रहे हैं.

ऐसा ही नज़ारा बिहार की जमुई लोकसभा सीट में देखने को मिल रहा है जहां जनता दल यूनाइटेड के उदय नारायण चौधरी और लोक जनशक्ति पार्टी के चिराग पासवान के बीच सीधा मुकाबला बताया जा रहा है.

बिहार में भाजपा और जदयू का 17 साल पुराना गठजोड़ टूट चुका है और करीब 12 साल पहले भाजपा से नाता तोड़ने वाली लोक जनशक्ति पार्टी भाजपा से दोबारा जा मिली है.

जदयू के वरिष्ठ नेता और बिहार विधानसभा अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी ने बीबीसी के साथ एक खास बातचीत में बताया कि चुनाव परिणाम चाहें तो भी हो, उनकी पार्टी भाजपा के साथ दोबारा गठजोड़ नहीं करेगी.

उन्होंने कहा, "भाजपा के साथ आने का सवाल ही नहीं है. मिट्टी में मिल जाना पसंद करेंगे, लेकिन भाजपा के साथ जाना पसंद नहीं करेंगे."

विकास का मुद्दा

चौधरी ने कहा, "नीतीश कुमार ने भाजपा को छोड़कर सही किया. हम लोग तो चाहते ही थे कि भाजपा का साथ छोड़िए. भाजपा के साथ मुद्दों के आधार पर समझौता था और जब वो उन मुद्दों से हटे तो हम लोग हट गए."

उन्होंने कहा कि भाजपा के साथ गठबंधन टूटने का चुनावों पर कोई असर नहीं होगा और ये जनता के बीच कोई मुद्दा नहीं है.

उन्होंने कहा कि नीतिश कुमार ने हमेशा विकास के मुद्दों को उठाया. पहले सड़क, पुल, स्कूल नहीं थे, लेकिन निर्माण के काम करने में समय लगता है, विध्वंस का काम जल्दी होता है. पिछले 60 साल में जितना काम नहीं हुआ था, उससे अधिक काम नीतीश कुमार ने अपने साढ़े आठ साल के कार्यकाल में करके दिखाया है."

चौधरी के मुताबिक, "ये सिर्फ अख़बारों में है कि बिहार में मुख्य मुकाबला राष्ट्रीय जनता दल और भाजपा के बीच है. बिहार में इस समय अंडरकरेंट है और जिसकी भी लड़ाई है वो जदयू से है."

जीत का भरोसा

दूसरी ओर लोक जनशक्ति पार्टी के मुखिया रामविलास पासवान के बेटे चिराग पासवान का कहना है कि न सिर्फ बिहार में बल्कि पूरे देश में नरेंद्र मोदी के नाम की लहर चल रही है.

उन्होंने बीबीसी को बताया, "जिस तरह से न सिर्फ बिहार में बल्कि पूरे देश में नरेंद्र मोदी के नाम की लहर चल रही है, मुझे पूरा भरोसा है कि एनडीए गठबंधन के सभी प्रत्याशी जीत हासिल करेंगे."

उन्होंने कहा कि आज सभी विकास के नाम पर वोट दे रहे हैं और विकास की बात सिर्फ नरेंद्र मोदी कर रहे हैं.

चिराग के मुताबिक बिहार के साथ सौतेला व्यवहार हुआ है. वो इतने वर्षों से पिछड़ा है जबकि किसी भी नेता की नीयत काम करने की नहीं रही.

बिहार में भाजपा के साथ हुए गठबंधन के बारे में चिराग पासवान ने कहा, "मैं कई वर्षों से नरेंद्र मोदी से प्रभावित था और चाहता था कि हमारी पार्टी भाजपा के साथ गठबंधन करे."

गुजरात दंगों पर नरेंद्र मोदी का बचाव करते हुए उन्होंने कहा कि पिछले 12 सालों के दौरान गुजरात में एक भी सांप्रदायिक घटना नहीं हुई है, जबकि दूसरे राज्यों में लगातार सांप्रदयिक घटनाएं घट रही हैं.

चिराग पासवान कहा, "मुझे यकीन है कि भाजपा के तमाम नेता धर्मनिरपेक्षता के साथ हैं और इस विचारधारा के साथ नरेंद्र मोदी तो जरूर हैं."

फ़िल्मों से परहेज

उन्होंने आरोप लगाया कि कथित धर्मनिरपेक्षता की बात करने वाले लोग नहीं चाहते हैं कि देश के 16 प्रतिशत मुसलमान मुख्यधारा से जुड़ें.

उन्होंने कहा कि लालू प्रसाद और नीतीश कुमार दोनों ही भाजपा के समर्थन से अपनी सरकार बना चुके हैं, लेकिन आज जब लोक जनशक्ति पार्टी भाजपा के साथ है तो उसे सांप्रदायिक बताया जा रहा है.

चिराग पासवान ने कहा,"भाजपा के साथ हमारा गठबंधन न सिर्फ पार्टी के हित में है बल्कि राष्ट्रहित में भी जरूरी है और किसी वैकल्पिक गठबंधन का सवाल ही नहीं है."

फिल्मों में वापसी के बारे में उन्होंने कहा, "फिलहाल मेरी प्राथमिकता सिर्फ राजनीति है. ये बहुत बड़ी जिम्मेदारी है. पूरे क्षेत्र के लोग अपने काम के लिए आपकी ओर देखते हैं. इसलिए अभी मेरी प्राथमिकता सिर्फ और सिर्फ राजनीति है."

चिराग पासवान बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रानाउत के साथ एक फिल्म 'मिले न मिलें हम' में अभिनय कर चुके हैं.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार