कश्मीर: चरमपंथियों के साथ मुठभेड़ जारी

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Image caption कश्मीर में हाल के सालों में हिंसा में कमी आई है.

भारत प्रशासित जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में रविवार को हुए चरमपंथी हमले के अगले दिन सुरक्षा बलों और चरमपंथियों के बीच श्रीनगर के क़रीब मुठभेड़ जारी है.

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह मुठभेड़ श्रीनगर से तक़रीबन पांच किलोमीटर दूर अहमद नगर क्षेत्र में चल रही है. उनका कहना है कि मुठभेड़ में दो चरमपंथी शामिल हैं.

अहमद नगर की कार्रवाई में शामिल एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, "मुठभेड़ अभी जारी है. हमारे ऊपर कई तरफ़ से गोलियां चल रही थीं."

भारत के अन्य हिस्सों की तरह जम्मू कश्मीर में भी चुनाव हो रहे हैं. जिस इलाक़े ख्रेव में रविवार को हमला हुआ वहां इसी महीने मतदान होना है.

ख्रेव में जिस घर पर हमला हुआ वो स्थानीय लोगों के मुताबिक़ राज्य में सत्तारूढ़ नेशनल कांफ्रेस के एक युवा नेता का है.

बंधक बनाए जाने का ख़तरा

एक स्थानीय राजनीतिक कार्यकर्ता का कहना था कि युवा नेता के घर में सोमवार को होने वाली एक रैली की योजना तैयार हो रही थी. इस रैली में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के अलावा पार्टी के और कई बड़े नेता शामिल होंगे.

एक स्थानीय नागरिक का कहना था कि उसने दो पुलिसकर्मियों को ख़ून में लथपथ देखा और वो आंगन में पड़े थे.

हालांकि पुलिस ने इन मौतों की पुष्टि नहीं की है. उनका कहना है कि हमलावर घर से भाग खड़े हुए थे और उन्होंने एक बगीचे में पनाह ली थी.

पुलिस अधिकारी का कहना था कि रैली की तैयारी के लिए युवा नेता के घर में राजनीतिक कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद थे और इस वजह से वहां लोगों को बंधक बनाए जाने वाली स्थिति बनने का ख़तरा पैदा हो गया था लेकिन जब तक हम घर को लोगों से ख़ाली करने की योजना तैयार करते चरमपंथी वहां से भाग खड़े हुए.

बाद में अर्द्धसैनिक बल और सेना के जवानों को घटनास्थल पर भेजा गया जिसके बाद मुठभेड़ शुरू हो गई.

रेड अलर्ट

प्रशासन ने सोमवार को हुए हमले के बाद कश्मीर में रेड अलर्ट की घोषणा कर दी है. जिस जगह हमला हुआ है, उसी क्षेत्र में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला का पैतृक गांव है.

हालांकि पिछले दिनों चरमपंथियों के हमले पहले के मुक़ाबले कम हुए हैं लेकिन पिछले कुछ हफ़्तों में कम से कम चार चरमपंथी और तीन सुरक्षाकर्मी हमलों में मारे गए हैं.

राज्य के पुलिस प्रमुख अशोक प्रसाद ने कहा है कि चुनाव के बीच हमलों की आशंका चिंता का विषय है लेकिन पुलिस किसी भी तरह की स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं.

चुनाव से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि हालात को देखते हुए 4,059 मतदान केंद्रों को संवेदनशील घोषित कर दिया गया है. राज्य में कुल 9,633 मतदान केंद्र हैं.

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