बिहारः अख़्तरुल ईमान ने दिया जदयू को झटका

  • 15 अप्रैल 2014
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बिहार में सत्तारुढ़ दल जदयू को मंगलवार को बड़ा झटका लगा है. किशनगंज लोकसभा सीट से उसके उम्मीदवार अख़्तरुल ईमान चुनावी मैदान से हट गए हैं.

सुनिए अख़्तरुल ईमान से बीबीसी संवाददाता इक़बाल अहमद की बातचीत

अपने फ़ैसले के संबंध में अख़्तरुल ने बीबीसी को फ़ोन पर जानकारी दी कि क्षेत्र में धर्मनिरपेक्ष मतों के बिखराव को रोकने के लिए उन्होंने यह फ़ैसला किया है.

हालांकि उन्होंने किशनगंज के वर्तमान सांसद और कांग्रेस प्रत्याशी मौलाना असरारुल हक़ की योग्यता पर भी कई सवाल उठाए हैं.

साथ ही अख़्तरुल ने कहा कि वे जदयू में बने हुए हैं और उन्होंने अपने इस निर्णय के संबंध में दल के शीर्ष नेताओं को अवगत कराने के लिए संपर्क करने की कोशिश की लेकिन नाकामयाब रहे.

अख़्तरुल के फ़ैसले के राजनीतिक कारणों के बारे में टिप्पणी करते हुए स्थानीय पत्रकार अवधेश कुमार यादव ने बताया कि क्षेत्र में उभर रहे चुनावी तस्वीर में अख़्तरुल मुख्य मुक़ाबले से बाहर दिखाई दे रहे थे और आशंका जताई जा रही थी कि वे मतगणना के बाद शायद अपनी ज़मानत भी नहीं बचा पाए.

बग़ावत और इस्तीफ़ा

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ग़ौतलब है कि किशनगंज लोकसभा क्षेत्र के कोचाधामन विधानसभा क्षेत्र से विधायक रहे अख़्तरुल ईमान राष्ट्रीय जनता दल(राजद) छोड़ कर जदयू में शामिल हुए थे.

किशनगंज में आगामी 24 अप्रैल को मत डाले जाएंगे. मौलाना असरारुल हक़ के अलावा भाजपा के डीके जयसवाल यहां से प्रमुख उम्मीदवार हैं.

अख़्तरुल चुनावी मैदान से हटने या हटाए जाने वाले जदयू के दूसरे मुस्लिम प्रत्याशी हैं. उनसे पहले जदयू ने बिहार के शिवहर संसदीय सीट से अपने उम्मीदवार साबिर अली को तब पार्टी से निष्काषित कर दिया था जब उन्होंने अप्रत्यक्ष रुप से नीतीश कुमार की तीखी आलोचना करते हुए नरेंद्र मोदी की तारीफ़ की थी.

साबिर अली का निष्कासन चूंकि नामांकन पत्र भरने के पहले ही हो गया था. ऐसे में बिहार सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री शाहिद अली ख़ान को जदयू ने शिवहर से अपना उम्मीदवार घोषित किया.

लेकिन किशनगंज से नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद जदयू अब वहां अपना नया उम्मीदवार भी नहीं दे सकती है.

मुस्लिम बहुल क्षेत्र

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किशनगंज के संबंध में पार्टी का अगला क़दम क्या होगा, इस सबंध में पूछे गए सवाल के जवाब में जदयू प्रवक्ता संजय सिंह ने कहा कि अभी तक इस संबंध में कोई फ़ैसला नहीं लिया गया है.

किशनगंज बिहार का एक मात्र ऐसा लोकसभा क्षेत्र है जहां आधे से ज्यादा मतदाता मुसलमान हैं.

अख़्तरुल ईमान के अपना नाम वापस लेने के पहले तक यह बिहार के उन लोकसभा क्षेत्रों में भी शामिल था जहां प्रमुख दलों के एक से अधिक मुस्लिम प्रत्याशी मैदान में थे.

ग़ौरतलब है कि बिहार के लोकसभा क्षेत्रों में मधुबनी से राष्ट्रीय जनता दल के अब्दुल बारी सिद्दीक़ी और जदयू के ग़ुलाम ग़ौस मैदान में हैं.

जबकि शिवहर से राजद के अनवारुल हक़ और जदयू के राज्य के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री शाहिद अली ख़ान मैदान में है.

जबकि भागलपुर से भाजपा के वर्तमान सांसद सैयद शहनवाज़ हुसैन और जदयू की ओर से अबू क़ैसर अपनी तक़दीर आज़मा रहे हैं.

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