विवेक एक्सप्रेसः 'दिल्ली से ज़्यादा सुरक्षित हैदराबाद'

मणिपुरी जोड़ा

विवेक एक्सप्रेस के स्लीपर डिब्बे में भारी भीड़ के बीच सफ़र कर रहे हैं जेजी मोसोटो और शिली. दोनों पति-पत्नी हैं और उन्होंने इसी साल घर से भागकर शादी की है.

मोसोट नागा हैं और शिली मणिपुरी. दोनों बातचीत मणिपुरी में करते हैं लेकिन अंग्रेज़ी और नागामीज़ भी बोल लेते हैं. हालांकि दोनों रहने वाले मणिपुर के हैं, लेकिन उनकी मुलाकात मणिपुर में नहीं बल्कि हैदराबाद में हुई.

सिर्फ़ 24 साल के मोसोटो पहले हैदराबाद में एक कंपनी में काम करते थे और शिली वहीं ब्यूटीशियन हैं. मोसोटो ने अब काम छोड़ दिया है और कम्प्यूटर हार्डवेयर का कोर्स कर रहे हैं.

आजीविका के सवाल पर मोसोटो ने बताया, ''पहले के काम का थोड़ा पीएफ़ बचा हुआ है, इसके अलावा शिली हर महीने 15-16 हज़ार रुपए कमाती हैं. बस ख़र्च निकल जाता है.''

'दिल्ली से बेहतर हैदराबाद'

शिली पहले दिल्ली में भी काम कर चुकी हैं, लेकिन उन्हें हैदराबाद का माहौल अच्छा लगता है. उन्हें ये भी पसंद है कि हैदराबाद में महिलाओं का सम्मान ज़्यादा होता है.

वो कहती हैं, ''दिल्ली में मुझे कभी-कभी भेदभाव का सामना करना पड़ता था, लेकिन हैदराबाद में ऐसा नहीं है. यहां मैं अगर 'बार' में भी जाती हूं तो कोई मुझे कुछ नहीं कहता.''

मोसोटो भी उनसे इस बारे में सहमत हैं. वो कहते हैं, ''दिल्ली में हमें चिंकी, नेपाली कहकर बुलाया जाता है. दक्षिण भारत में ऐसा नहीं है.''

दोनों विवेक एक्सप्रेस से विजयवाड़ा तक यात्रा कर रहे हैं, इसके बाद वो ट्रेन बदलकर हैदराबाद जाएंगे.

लेकिन ये उनकी अब दक्षिण भारत के लिए आख़िरी यात्रा है. मोसोटो साल के आख़िर तक मणिपुर लौटकर अपनी कम्प्यूटर हार्डवेयर कंपनी शुरू करना चाहते हैं. शिली अपना ब्यूटी पार्लर का काम वहीं शुरू करना चाहती हैं.

मोसोटो को लगता है कि मणिपुर में भ्रष्टाचार बहुत ज़्यादा है. जबरन वसूली भी होती है.

ऐसे माहौल में अपनी कंपनी शुरू करने करने के सवाल पर शिली ने कहना था, ''अब हम दोनों के परिवार हमें स्वीकार कर चुके हैं. उम्मीद है कि अब दिक्कत नहीं होगी.''

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