ये हैं शिवसेना के 'मोदी'...

  • 24 अप्रैल 2014
विकास महंते

लोकसभा चुनाव प्रचार में अगर कोई एक शख़्सियत हावी दिखती है तो वो भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी हैं.

लेकिन शिवसेना के पास अपने 'नरेंद्र मोदी' हैं. ये हैं मोदी के हमशक्ल विकास महंते जिनसे बीबीसी ने मुंबई में मुलाक़ात की.

मलाड में रहने वाले विकास महंते पेशे से व्यापारी है. क़रीब दो साल पहले उन्होंने अपना लुक बदलने के लिए दाढ़ी बढ़ाई लेकिन इसके बाद वो जहां भी जाते थे लोग उन्हें मोदी-मोदी कह कर पुकारते थे. लोग मोबाइल पर तस्वीरें खीचते थे और ऑटोग्राफ लेते थे. विकास महंते को पहले ये सब अच्छा नहीं लगता था.

दो-तीन बार तो उन्होंने दाढ़ी काट दी थी और कुर्ते पहनना भी छोड़ दिया था क्योंकि वो अपनी पहचान नहीं खोना चाहते थे पर धीरे-धीरे वो नरेंद्र मोदी से प्रभावित हुए और उन्होंने यह अपना लिया.

विकास कहते हैं, "पहले दाढ़ी रखने से घरवालों को आपत्ति थी लेकिन अब दाढ़ी हटाने से आपत्ति है."

मोदी से मुलाक़ात

गुजरात से भाजपा के विधायक रमनभाई पाटकर ने विधानसभा चुनाव में विकास महंते को प्रचार के लिए बुलाया. पाटकर ने 28,000 से ज़्यादा वोटों से जीत हासिल की.

विकास महंते बताते हैं, ‘‘पार्टी की प्रथा के अनुसार जीत के बाद रमनभाई पाटकर नरेंद्र मोदी से मिलने जाने वाले थे तब रमनभाई पाटकर ने विकास महंते को साथ चलने को कहा. भाजपा के दफ्तर में सभी की छान-बीन हुई पर नरेंद्र मोदी के हमशक्ल होने के चलते सुरक्षाकर्मियों ने विकास महंते की जांच भी नहीं की.’’

6 अगस्त 2013 को जब विकास महंते की मुलाक़ात नरेंद्र मोदी से हुई तो दोनों एक दूसरे को देखकर चौंक गए.

नरेंद्र मोदी ने महंते से पूछा "आप प्रचार कैसे करोगे?" विकास कहते हैं कि वो इतने भाव-विभोर थे कि जवाब नहीं दे पाए.

शक्ल के फ़ायदे

विकास महंते कहते हैं कि उनकी शक़्ल के कारण उनका सम्मान बढ़ा है. आसपास के लोग उन्हें चाय पर, भोजन पर और शादियों में बुलाते है.

जहां-जहां उनके व्यवसाय में अदायगी बाक़ी थी वो भी उन्हें वापस मिल गई है. फिलहाल विकास महंते भाजपा-शिवसेना गठबंधन के लिए काम कर रहे है.

अब तक विकास महंते मुंबई के अरविंद सावंत (शिवसेना), गजानन कीर्तिकर (शिवसेना), गोपाल शेट्टी (भाजपा) की रैली और धारावी में चाय पर चर्चा में शामिल हो चुके है.

वो कहते हैं, "मोदी जी हर जगह नहीं जा सकते पर लोग उनसे मिलना चाहते हैं तो लोगो की इच्छा मैं पूरी कर रहा हूं."

फिलहाल भाजपा-शिवसेना ने उन्हें ये ज़िम्मेदारी सौंपी है कि जहां-जहां महाराष्ट्र नव निर्माण सेना ने ऐसे उम्मीदवार खड़े किये हैं जिनके सामने शिवसेना के उम्मीदवार कमज़ोर लग रहे हैं विकास महंते वहां जाकर प्रचार करेंगे.

वे जहां भी जाते हैं लोगों की भीड़ उमड़ पड़ती है लेकिन सवाल ये है कि क्या ये भीड़ वोट में तब्दील होगी? इस सवाल के जवाब के लिए 16 मई तक का इंतज़ार करना होगा.

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