'नौका हादसे में बचने की ख़ुशी नहीं, अफ़सोस है'

  • 23 अप्रैल 2014

दक्षिण कोरिया में पिछले सप्ताह हुई नौका दुर्घटना में बचने में कामयाब रहे एक शख़्स ने स्कूली बच्चों को नहीं बचा पाने पर अफ़सोस जताया है.

पेशे से लॉरी चालक इयून-सू चोई ने बीबीसी से कहा, ''हमने उन्हें बाहर निकलने की कोशिश की, लेकिन यह बेहद मुश्किल था. उसके बाद हम बाहर निकल आए. लेकिन अब मुझे इसका अफ़सोस हो रहा है."

इस हादसे में मरने वालों की संख्या 113 हो चुकी है. हालांकि अभी भी 190 लोग लापता हैं.

सिवोल नाम की इस नौका के कर्मचारियों की लगातार आलोचना हो रही है कि वे यात्रियों को बचाने में नाकाम रहे. कप्तान सहित दूसरे कर्मचारियों पर लापरवाही बरतने का आरोप है.

हालांकि हादसे के बाद 174 यात्रियों को बचाया जा चुका है. यह नौका उत्तर पश्चिम में इंचिओन से दक्षिण में जेजू द्वीप की ओर जा रही थी.

हादसे के वक़्त नौका में 476 लोग सवार थे जिनमें 339 स्कूली बच्चे भी शामिल थे. इनमें से ज़्यादातर बच्चे नौका के उस हिस्से में फंस गए थे जो दो घंटे के अंदर डूब गया.

इयून-सू चोई इंचिओन से जेजू द्वीप की यात्रा पहले भी कई बार कर चुके थे. हादसे से ठीक पहले उन्होंने नाश्ता किया था और सिगरेट पीने के लिए डेक पर आए थे.

नाकाम रही कोशिश

उन्होंने बीबीसी को बताया, "अचानक से नौका झुकी और डूबने लगी. डेक पर रखे कंटेनर समुद्र में गिरने लगे. मुझे लगा कि हम डूबने वाले हैं. मैं रेलिंग से चिपका हुआ था. कैफटेरिया में मौजूद कुछ बच्चों को मैंने बचाने की कोशिश की. वे घुटने के बल पर फिसल रहे थे."

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इयून-सू चोई ने कहा, "हमने आग बुझाने वाले पाइप के ज़रिए उन्हें बचाने की कोशिश की. लेकिन यह काफ़ी मुश्किल भरा था. इसके बाद हम ऊपर चढ़ आए. इसका मुझे अब बेहद दुःख हो रहा है."

चोई ने बताया है कि उनका दोस्त छह साल की एक लड़की को बचाने में कामयाब रहा. उस बच्ची को बचाने के दौरान चोई ने देखा कि पानी की तेज़ रफ़्तार किस कदर स्कूली बच्चों को अपने साथ बहा कर ले जा रही थी.

अधिकारियों ने समाचार एजेंसी रायटर्स को बताया कि नौका से मोबाइल फ़ोन के ज़रिए फ़ोन करके सबसे पहले एक लड़के ने मदद मांगी और उसके बाद नौका में सवार बच्चों ने सहायता के लिए 20 फ़ोन कॉल किए.

जारी है जांच

स्थानीय मीडिया में एक नौका कर्मचारी का बयान आया है जिसके मुताबिक़ नौका के साथ लाइफ़बोट की संख्या बेहद कम थी. बताया जा रहा है कि 46 में से महज 2 लाइफ़बोट मौजूद थे.

दक्षिण कोरिया की राष्ट्रपति पार्क गियून हाए ने चालक दल के सदस्यों के व्यवहार की आलोचना करते हुए, इसे "हत्या के समान" बताया था.

मंगलवार को बेहतर मौसम होने के चलते राहत और बचाव कार्य में लोगों ने ज़्यादा लोगों के शव बरामद किए हैं.

हालांकि अभी तक नौका के रेस्टोरेंट तक राहत दल नहीं पहुंचा है, जहां ज़्यादा लोगों के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है. राहत और बचाव कार्य में अंडरवाटर रोबोट की मदद ली जा रही है.

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जिंदो में मौजूद बीबीसी संवाददाता जोनाथन हेड के मुताबिक़ लापता लोगों के परिजनों में ज़्यादातर ने इस सच को मान लिया है कि नौका के अंदर अब शायद ही कोई जीवित बचा हो.

उधर इस बात की जांच भी चल रही है कि नौका के तेज़ी से मोड़ लेने के पीछे क्या कारण था और क्या समय पर नौका खाली करने के आदेश से लोगों की ज़िंदगी बचाई जा सकती थी?

नौका के कप्तान और दो कर्मचारी पर ड्यूटी के दौरान लापरवाहीबरतने के आरोप में गिरफ़्तार किया जा चुका है. सोमवार को चार अन्य नौका कर्मचारियों और मंगलवार को दो कर्मचारियों को हिरासत में लिया गया था.

नौका पर कुल 30 कर्मचारी तैनात थे, इसमें से सात लापता बताए गए हैं.

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