अदालत में सरेंडर नहीं कर सके गिरिराज सिंह

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बीजेपी के नेता गिरिराज सिंह ने चुनाव प्रचार के दौरान विवादित बयान देने के आरोप में गुरूवार को पटना की अदालत में आत्मसमर्पण करने की बात कही थी, लेकिन पटना में अदालती कार्रवाई बंद रहने के कारण वे कोर्ट में सरेंडर नहीं कर सके.

वे संभवतः शुक्रवार को बोकारो की निचली अदालत में आत्मसमर्पण कर सकते हैं.

बुधवार देर शाम झारखंड पुलिस की टीम ने गिरिराज सिंह के पटना जिले में बड़हिया स्थित पैतृक आवास पर छापा मारा. साथ ही पुलिस की टीम गुरूवार सुबह पटना में उनके सरकारी बंगले पर भी पहुंची.

लेकिन गिरिराज इन दोनों जगहों पर पुलिस के हाथ नहीं लगे.

गिरिराज सिंह के बड़े भाई जयराज सिंह आवास पर जरूर थे. बीबीसी से बातचीत के दौरान जयराज सिंह ने झारखंड पुलिस की इस कार्रवाई की पुष्टि की.

कहां हैं गिरिराज?

इस सवाल पर जयराज सिंह का कहना था कि गिरिराज सिंह पटना में ही हैं लेकिन जगह की जानकारी न होने की बात करते हुए सवाल को टाल गए.

उन्होंने आत्मसमर्पण से जुड़े सवाल का भी जवाब अनमने ढ़ंग से ही दिया और कहा कि, "आज न्यायालय बंद है इसलिए सरेंडर नहीं करेंगे".

उनसे ये भी पूछा गया कि कहीं ऐसा तो नही कि गिरिराज सिंह पुलिस से भाग रहे हैं?

जयराज सिंह से जवाब मिला, "उन्होंने कोई संगीन अपराध नहीं किया है जो पुलिस से भागेंगे. चुनाव का दौर है और आरोप-प्रत्यारोप लगते रहते हैं. हमें न्यायालय पर विश्वास है".

बुधवार को बोकारो (झारखंड) की निचली अदालत की ओर से गैर ज़मानती वारंट जारी होने के बाद झारखंड पुलिस ने पूर्व मंत्री को गिरफ़्तार करने के लिए दबाव बढ़ा दिया है.

क्या है मामला?

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दरअसल, 16 अप्रैल को बिहार के नवादा संसदीय क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी गिरिराज सिंह ने बोकारो में अपने चुनावी भाषण के दौरान नरेंद्र मोदी के विरोधियों को 'पाकिस्तान परस्त' बताया था.

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार उन्होंने कहा था कि जो लोग नरेंद्र मोदी की उम्मीदवारी का विरोध कर रहे हैं वे पाकिस्तान चले जाएं.

हालांकि बाद मे बीबीसी हिंदी से बातचीत में उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि उन्होंने केवल ये कहा था कि कुछ ही लोग हैं जो पाकिस्तान समर्थक है, जो मोदी की उम्मीदवारी नहीं चाहते हैं.

बहरहाल, उन्होंने इस विवादित बयान पर माफ़ी मांगने से बिल्कुल इनकार कर दिया और कहा कि वे किसी भी कार्रवाई का सामना करने के लिए तैयार हैं.

गिरिराज सिह ने अपना ये बयान बोकारो समेत मोहनपुर, देवघर और पटना एयरपोर्ट पर भी कथित तौर पर दोहराया था.

विवादित बयान पर संज्ञान लेते हुए 18 अप्रैल को मामला दर्ज किया गया और बुधवार को बोकारो की निचली अदालत ने गैर ज़मानती वारंट जारी कर दिया.

इसके साथ ही विवादित बयान मामले पर इनके ख़िलाफ देवघर और पटना में भी प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी है.

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