'लोग बनारस पाप धोने आते हैं, मोदी का पता नहीं'

  • 26 अप्रैल 2014
अजय राय Image copyright atul chandra

वाराणसी से कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशी अजय राय ने इशारा किया है कि क्षेत्र के मुस्लिम मतदाता निर्णायक हैं और वे कांग्रेस को ही वोट देकर जिताएंगे.

बीबीसी से हुई ख़ास बातचीत में अजय राय ने कहा कि नरेंद्र मोदी के उस बयान पर ज़्यादा तरजीह नहीं दी जानी चाहिए कि 'वो गंगा माँ के बुलावे पर बनारस आए हैं'.

अजय राय ने कहा, "माँ गंगा किसी को बुलाती नहीं है, लोग खुद आते हैं स्नान करते हैं और अपने पापों का प्रायश्चित करते हैं. अब मोदी जी क्यों आए ये तो पता नहीं लेकिन ये एक राजनीतिक स्टंट है उनका जिससे उन्हें और उनकी पार्टी को कोई लाभ नहीं मिलने वाला".

मुख़्तार का 'वॉकओवर'

गुरूवार को भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी ने अपना नामांकन भरा था.

नामांकन भरने के पहले नरेंद्र मोदी ने पंडित मदन मोहन मालवीय और सरदार पटेल की प्रतिमाओं का माल्यार्पण भी किया था.

इसके बाद, उन्होंने बनारस शहर की सड़कों पर 'शक्ति प्रदर्शन' के तौर पर एक लम्बी यात्रा भी निकाली जिसमें उनके साथ कई और नेता मौजूद थे.

हालांकि मोदी के प्रतिद्वंदी अजय राय को लगता है कि इस 'शक्ति प्रदर्शन' के कोई मायने नहीं है.

उन्होंने बताया, "नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश से लोगों को जुटाया ताकि हवा बना सकें. हज़ारों बसें और पांच ट्रेनें आईं थीं लेकिन बनारस की जनता उनके साथ बिलकुल नहीं थी. हमारे नामांकन के बारे में पता कर लीजिए, सिर्फ बनारस के ही लोग थे हमारे साथ".

वाराणसी सीट पर 2009 में भारतीय जनता पार्टी प्रत्याशी मुरली मनोहर जोशी को 17,000 मतों से जीत मिली थी और मुख़्तार अंसारी दूसरे स्थान पर रहे थे.

वाराणसी लोक सभा क्षेत्र में आने वाली एक विधान सभा सीट पर अजय राय चार बार विधायक रह चुके हैं, लेकिन 2009 के आम चुनाव में वे समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी के तौर पर तीसरे स्थान पर रहे थे.

हालांकि मुख़्तार अंसारी और अजय राय के परिवारों के बीच कथित रंजिश रही है लेकिन सभी को इस बात पर हैरानी हुई थी, जब कुछ ही दिन पहले मुख़्तार अंसारी ने चुनाव लड़ने से मना कर दिया था.

'केजरीवाल से फ़र्क नहीं'

अजय राय को इस बात का एहसास है कि मुख़्तार के चुनाव न लड़ने से कम से कम उनकी दावेदारी थोड़ी और मज़बूत हो सकेगी.

उन्होंने कहा, "मुख़्तार चुनाव क्यों नहीं लड़ रहे ये तो वही बता सकते हैं. उनको लगा होगा कि उनका वोट बँट सकता है इसलिए वो नहीं लड़ रहे क्योंकि यहाँ पर लड़ाई सिर्फ नरेंद्र मोदी के ख़िलाफ़ है. सभी उन्हें हराना चाहते हैं".

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वाराणसी लोक सभा सीट पर फिलहाल ज़्यादातर लोगों की नज़रें टिकी हुई हैं.

आम आदमी पार्टी के मुखिया और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल नरेंद्र मोदी को चुनौती देने वाराणसी पहुँच चुके हैं और व्यापक चुनाव प्रचार में लगे हुए हैं.

केजरीवाल ने अपना नामांकन भरते समय नारा दिया था, "देश बचाना है तो मोदी को हराना है".

ज़ाहिर है केजरीवाल के चुनावी मैदान में उतरने से अजय राय पर केन्द्रित ध्यान बँट सा गया है.

लेकिन अजय राय केजरीवाल को अपने लिए ख़तरा मानने से साफ़ इनकार करते हैं.

उन्होंने कहा, "केजरीवाल तो दिल्ली से भागे हुए हैं और जब दिल्ली की जनता का दिल नहीं जीत सके. बनारस की जनता क्या भरोसा करेगी उन पर".

इस त्रिकोणीय मुक़ाबले मैं ऊँट किस करवट बैठेगा इस बात का फ़ैसला करने मतदाता 12 मई को अपने घरों से निकलेंगे.

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