मोदी के बाद, अब मिलिए अरविंद केजरीवाल के हमशक्ल से

  • 29 अप्रैल 2014
अमृतसर में अरविंद केजरीवाल के हमशक्ल

गाड़ियों का काफ़िला है और हाथों में झाड़ू है. सही पहचाना, ये आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता हैं जो गली-गली घूमकर अमृतसर से अपने प्रत्याशी दलजीत सिंह के लिए वोट मांग रहे हैं.

इस जुलूस के आकर्षण का केंद्र हैं 'अरविंद केजरीवाल' जो दलजीत सिंह के लिए वोट मांगने निकले हैं.

मगर ये असली अरविंद केजरीवाल नहीं हैं. ये तो बस उनके 'डुप्लीकेट' यानी हमशक्ल हैं. केजरीवाल के हमशक्ल को लोग हैरत की निगाहों से देखते हैं.

"ये केजरीवाल जी हैं क्या?", भीड़ में से किसी ने पूछा. फट से जवाब आया, "नहीं, ये उनके हमशक्ल हैं." इनका नाम अनिल महाजन है.

अनिल महाजन एक छोटे व्यवसायी हैं, जो अमृतसर में ही जन्मे हैं. यहीं उनकी दसवीं तक पढ़ाई हुई और अब वो अपना छोटा सा कंप्यूटर डिजाइनिंग का व्यवसाय चलाते हैं.

अचानक मिले इस महत्व से वो बहुत ख़ुश हैं.

'सोच भी मिलती है'

बीबीसी से बात करते हुए वो कहते हैं, "सिर्फ़ शक्ल ही नहीं, मैं अरविंद केजरीवाल जैसा सोचता भी हूँ. यह ज़्यादा अहम है. सिर्फ़ शक्ल उनके जैसी हो ये महत्वपूर्ण नहीं हैं."

महाजन आम आदमी पार्टी से तब ही जुड़ चुके थे, जब पार्टी अस्तित्व में आई.

उसके बाद वो सोशल मीडिया के ज़रिए पार्टी के प्रचार में लग गए.

वो बताते हैं, "मैंने केजरीवाल जी को क़रीब से देखा नहीं था, लेकिन लोग मुझे कहने लगे कि मेरी सूरत उनसे मिलती-जुलती है. अहिस्ता-अहिस्ता केजरीवाल जी की लोकप्रियता बढ़ती गई और मेरे घर के लोगों ने भी मुझे कहना शुरू कर दिया कि मैं उनके जैसा दिखता हूँ."

इस बार पार्टी के उम्मीदवार और आँखों के डॉक्टर दलजीत सिंह के चुनाव प्रचार में वो बाक़ायदा अरविंद केजरीवाल के जैसी शर्ट पहनकर घूमते हैं.

उन्हीं के जैसा चश्मा भी लगाते हैं और उन्हीं की तरह बात करने की कोशिश भी करते हैं.

महाजन का दावा है, "दिल्ली के बाद आम आदमी पार्टी को अगर कहीं सबसे ज़्यादा लाभ मिलने जा रहा है, वो है पंजाब."

मोदी के हमशक्ल

इससे पहले भाजपा के प्रधानमंत्री उम्मीदवार नरेंद्र मोदी के एक हमशक्ल विकास महंते भी चर्चा में आ चुके हैं.

महंते की लोकप्रियता का आलम ये है कि उनसे नरेंद्र मोदी ख़ुद मिल चुके हैं और एक बार जब वो नरेंद्र मोदी के कार्यालय गए तो किसी भी सुरक्षाकर्मी ने उनकी तलाशी ही नहीं ली, क्योंकि वो सोच रहे थे कि सचमुच नरेंद्र मोदी ही चले आ रहे हैं.

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आम आदमी पार्टी के जगजीवन शर्मा का दावा है कि पंजाब के लोगों को कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल-भाजपा गठबंधन से काफ़ी निराशा हाथ लगी है.

उनका कहना है कि दोनों ने ही लोगों को 'ठगने का काम किया है'. इसलिए आम आदमी पार्टी को लोग एक बेहतर विकल्प के रूप में देख रहे हैं.

ये बात कुछ हद तक सही भी है क्योंकि कम समय में ही आम आदमी पार्टी ने पंजाब में अपनी स्थिति काफ़ी बेहतर कर ली है.

राजनीतिक दलों को टक्कर

उम्मीदवारों के टिकट बंटवारे में भी पार्टी ने बेहतर प्रदर्शन किया है. जहाँ लुधियाना से एचएस फुल्का को टिकट दी गई वहीं भटिंडा से पंजाबी गायक जसराज जस्सी को पार्टी ने टिकट दिया है.

उसी तरह दलजीत सिंह भी अमृतसर के जानेमाने चिकित्सक हैं, जिनकी छवि लोगों में काफ़ी अच्छी है.

कमाल की बात है कि आम आदमी पार्टी के सभी उम्मीदवार राजनीति में नए होने के बावजूद अपने क्षेत्रों में बड़े राजनीतिक दलों को टक्कर दे रहे हैं.

पार्टी का दावा है कि संगरूर, भटिंडा, अमृतसर और लुधियाना में भी उसे अच्छे वोट मिलेंगे.

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