अमित शाह को कौन बचा रहा है: सिब्बल

  • 28 अप्रैल 2014
राहुल गांधी, नरेंद्र मोदी इमेज कॉपीरइट Getty

आम चुनाव के सातवें चरण के मतदान के लिए सोमवार को प्रचार का आख़िरी दिन रहा और पार्टियों के दिग्‍गज नेताओं ने कई रैलियों को संबोधित किया.

भारतीय जनता पार्टी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी ने जहां गुजरात में रैलियां कीं, वहीं कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने पंजाब और उत्तर प्रदेश में अपनी पार्टी के उम्मीदवारों के लिए वोट मांगे.

इसके अलावा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी लखनऊ में रोड शो किया.

नेताओं की रैलियों और सभाओं में विरोधी दलों पर जमकर निशाना साधा गया.

कांग्रेस और बीजेपी में तेज़ होते शब्दों के तीर

भाजपा ने प्रियंका गांधी के पति रॉबर्ट वाड्रा पर निशाना साधते हुए रविवार को जहां एक वीडियो जारी किया था, तो सोमवार को कांग्रेस ने तस्वीरें जारी करते हुए नरेंद्र मोदी का हवाला कारोबारी अफ़रोज़ फट्टा से संबंध होने का आरोप लगाया.

कांग्रेस का भाजपा पर जवाबी हमला

कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, “इसी साल 22 मार्च को सूरत और अहमदाबाद के प्रवर्तन निदेशालय ने सात सौ करोड़ रुपये के एक हवाला रैकेट का भंडा फोड़ किया था. ये रेड अफ़रोज़ फट्टा के घर पर हुई थी. नरेंद्र मोदी और भाजपा से फट्टा के संबंध किसी से छिपे नहीं हैं.''

''वो न सिर्फ भाजपा के कार्यक्रमों में देखे जाते रहे हैं, बल्कि गुजरात के मुख्यमंत्री के दफ़्तर में भी उनका बराबर आना-जाना रहा है.”

लेकिन वाड्रा मामले पर भाजपा ने सोमवार को फिर निशाना साधा.

वो सवाल जिनके जवाब मोदी देना नहीं चाहते

निशाने पर अमित शाह

दूसरी तरफ़ भाजपा की ओर से प्रियंका गांधी के पति रॉबर्ट वाड्रा को लगातार निशाना बनाया जा रहा है.

भाजपा नेता निर्मला सीतारमण ने कहा, “वाड्रा मामले पर भी सोनिया और प्रियंका चुप हैं. ये सिर्फ पारिवारिक मामला नहीं है, बल्कि भ्रष्टाचार से जुड़ा एक बड़ा मामला है. इस पर इन्हें जवाब देना ही होगा.”

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वहीं, कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने इशरत जहां मुठभेड़ मामले में भाजपा नेता अमित शाह और नरेंद्र मोदी दोनों को आड़े हाथों लिया.

सिब्बल ने कहा, “जहां तक इशरत जहां एनकाउंटर का मामला है तो इस मामले में नरेंद्र मोदी और अमित शाह अभियुक्त क्यों नहीं हैं? कोई एफ़आइआर भी फ़ाइल हो जाए, किसी का नाम भी आ जाए तो भी सुप्रीम कोर्ट का आदेश है कि मामला दर्ज होना चाहिए, कोई रोक नहीं सकता. यहां टेलीफोन रिकॉर्ड्स मौजूद हैं, 164 बयान हैं, फिर भी वो बाहर हैं. उन्हें कौन बचा रहा है?”

कांगड़ा में भी रामदेव के योग शिविर पर रोक

इस बीच कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी और दलितों के ख़िलाफ़ बयान के चलते बाबा रामदेव की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं.

जहां चुनाव आयोग की रोक के बाद सोमवार को हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा में होने वाले उनके योग शिविर को रद्द कर दिया गया है, वहीं लखनऊ में उनके ख़िलाफ़ एक रिपोर्ट दर्ज़ कराई गई है.

लखनऊ जिला प्रशासन ने उनकी प्रचार सभाओं और योग शिविरों पर 16 मई तक रोक पहले ही लगा रखा है.

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